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डिस्चार्ज होते समय मरीजों की होगी ब्लैक फंगस की स्क्रीनिंग
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रायबरेली। जिले में ब्लैक फंगस के खतरे को देखते हुए कोरोना संक्रमित मरीजों की निगरानी बढ़ा दी गई है। स्वास्थ्य विभाग कोविड मरीजों के अस्पतालों से डिस्चार्ज होते समय ब्लैक फंगस की स्क्रीनिंग करेगा।
जांच में संक्रमण न मिलने पर ही घर जाने दिया जाएगा। यह फैसला संक्रमण के शुरूआती दौर में ही इलाज शुरू कराकर मरीज को स्वस्थ करने के लिए लिया गया है। वहीं मरीजों को ब्लैक फंगस के संबंध में टिप्स भी दिए जाएंगे।
सीएमओ डॉ. बीरेंद्र सिंह ने बताया कि जिले में अब तक ब्लैक फंगस के छह मामले सामने आए हैं। इसमें दो मरीजों की लखनऊ में इलाज के दौरान मौत भी हो चुकी है।
तमाम प्रयास के बाद भी अभी तक ब्लैक फंगस के उपचार में इस्तेमाल होने वाला इंफोटेरिसिन बी इंजेक्शन जिले में उपलब्ध नहीं हो पाया है। ऐसी स्थिति में बचाव पर जोर दिया जा रहा है। सभी अस्पतालों को निर्देश दिया गया है कि लक्षण दिखते ही पहले स्टेज में उपचार शुरू कर दें जिससे मरीजों को हाई एंटी फंगल दवा की जरूरत कम पड़ेगी।
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सीएमओ ने बताया कि कोविड अस्पतालों में भर्ती कराए गए मरीजों की रोजाना ब्लैक फंगस के लक्षणों की भी जांच कराई जा रही है। मरीज के डिस्चार्ज होने के समय इसकी गहनता से स्क्रीनिंग करने के निर्देश दिए गए हैं।
लक्षण मिलने पर मरीजों का तुरंत इलाज शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। मरीजों को इससे बचने के संबंध में भी जानकारियां देने के निर्देश दिए गए हैं। इससे निपटने के लिए जिला स्तर पर उपलब्ध संसाधनों के माध्यम से बेहतर प्रयास किए जा रहे हैं।
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जांच में संक्रमण न मिलने पर ही घर जाने दिया जाएगा। यह फैसला संक्रमण के शुरूआती दौर में ही इलाज शुरू कराकर मरीज को स्वस्थ करने के लिए लिया गया है। वहीं मरीजों को ब्लैक फंगस के संबंध में टिप्स भी दिए जाएंगे।
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सीएमओ डॉ. बीरेंद्र सिंह ने बताया कि जिले में अब तक ब्लैक फंगस के छह मामले सामने आए हैं। इसमें दो मरीजों की लखनऊ में इलाज के दौरान मौत भी हो चुकी है।
तमाम प्रयास के बाद भी अभी तक ब्लैक फंगस के उपचार में इस्तेमाल होने वाला इंफोटेरिसिन बी इंजेक्शन जिले में उपलब्ध नहीं हो पाया है। ऐसी स्थिति में बचाव पर जोर दिया जा रहा है। सभी अस्पतालों को निर्देश दिया गया है कि लक्षण दिखते ही पहले स्टेज में उपचार शुरू कर दें जिससे मरीजों को हाई एंटी फंगल दवा की जरूरत कम पड़ेगी।
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सीएमओ ने बताया कि कोविड अस्पतालों में भर्ती कराए गए मरीजों की रोजाना ब्लैक फंगस के लक्षणों की भी जांच कराई जा रही है। मरीज के डिस्चार्ज होने के समय इसकी गहनता से स्क्रीनिंग करने के निर्देश दिए गए हैं।
लक्षण मिलने पर मरीजों का तुरंत इलाज शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। मरीजों को इससे बचने के संबंध में भी जानकारियां देने के निर्देश दिए गए हैं। इससे निपटने के लिए जिला स्तर पर उपलब्ध संसाधनों के माध्यम से बेहतर प्रयास किए जा रहे हैं।