{"_id":"61cdf0f0863730037e5fab63","slug":"bhavani-paper-mill-will-be-able-to-start-again-after-five-years-raibaraily-news-lko6112660121","type":"story","status":"publish","title_hn":"पांच साल बाद फिर से शुरू हो सकेगी भवानी पेपर मिल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पांच साल बाद फिर से शुरू हो सकेगी भवानी पेपर मिल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रायबरेली। पांच साल बाद भवानी पेपर मिल फिर से शुरू हो सकेगी। इस मिल के संचालन से करीब एक हजार लोगों को रोजगार मिल सकेगा।
वाराणसी की गंगा पेपर मिल के मालिक आरके चौधरी ने गुरुवार को यहां पहुंचकर मिल को हैंडओवर कर लिया। मिल के अधिकारियों के मुताबिक ऑनलाइन किए गए आवेदन में इस मिल को 45 करोड़ 30 लाख रुपये में खरीदा गया।
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के प्रयास से 1982 में आईटीआई के पास भवानी पेपर मिल शुरू कराई गई थी। इस मिल में पेपर बनाया जाता था। मिल 42 एकड़ में स्थापित है।
मिल में करीब एक हजार कर्मचारी काम करते थे। यहां पर तैयार पेपर लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज समेत अन्य पड़ोसी जनपदों तक भेजा जाता था। घाटा होने पर 2015 में मिल बंद कर दी गई थी।
विज्ञापन
कुछ कर्मचारियों को वीआरएस दे दिया गया था, जबकि कुछ कर्मचारी रिटायर हो गए थे। इस मिल को बेचने की प्रक्रिया का काफी समय से की जा रही थी।
इसके लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे। गंगा पेपर मिल, वाराणसी के मालिक आरके चौधरी ने मिल को खरीद लिया। अब नए साल में इस मिल का संचालन शुरू होगा।
कर्मचारियों की मांग पूरी, मिलेगा फंड और ग्रेच्युटी
भवानी पेपर मिल के कर्मचारी काफी समय से बकाया ग्रेच्युटी और फंड का भुगतान किए जाने की मांग कर रहे थे। गुरुवार को कर्मचारियों को ग्रेच्युटी और फंड का भुगतान करने को हरी झंडी मिल गई। इस पर कर्मचारियों ने मिल गेट पर पहुंचकर खुशी जताई।
कर्मचारी महेंद्रनाथ मिश्रा, तेजभान सिंह, विनोद अग्रवाल आदि ने बताया कि हम लोगों का ग्रेच्युटी का पांच करोड़ और फंड का आठ करोड़ का भुगतान बकाया था। अब बकाया अदा करने की बात कही गई है। इस पर हम लोग खुश हैं। उनका कहना है कि यह भी बताया गया कि मिल शुरू होने पर काम करने वाले कर्मचारियों को फिर से काम पर लिया जाएगा।
भवानी पेपर मिल को गंगा पेपर मिल, वाराणसी के मालिक आरके चौधरी ने खरीद लिया है। आरके चौधरी ने मिल को हैंडओवर भी कर लिया है। मिल के फिर से शुरू होने से लोगों को न सिर्फ रोजगार मिलेगा, बल्कि यहां पर काम करने वाले कर्मचारियों का बकाया फंड और ग्रेच्युटी का भुगतान भी किया जाएगा। मिल का संचालन फिर से शुरू करने में करीब चार माह का समय लगेगा।
बीआर कुशवाहा, जीएम, भवानी पेपर मिल
विज्ञापन
वाराणसी की गंगा पेपर मिल के मालिक आरके चौधरी ने गुरुवार को यहां पहुंचकर मिल को हैंडओवर कर लिया। मिल के अधिकारियों के मुताबिक ऑनलाइन किए गए आवेदन में इस मिल को 45 करोड़ 30 लाख रुपये में खरीदा गया।
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के प्रयास से 1982 में आईटीआई के पास भवानी पेपर मिल शुरू कराई गई थी। इस मिल में पेपर बनाया जाता था। मिल 42 एकड़ में स्थापित है।
विज्ञापन
मिल में करीब एक हजार कर्मचारी काम करते थे। यहां पर तैयार पेपर लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज समेत अन्य पड़ोसी जनपदों तक भेजा जाता था। घाटा होने पर 2015 में मिल बंद कर दी गई थी।
विज्ञापन
कुछ कर्मचारियों को वीआरएस दे दिया गया था, जबकि कुछ कर्मचारी रिटायर हो गए थे। इस मिल को बेचने की प्रक्रिया का काफी समय से की जा रही थी।
इसके लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे। गंगा पेपर मिल, वाराणसी के मालिक आरके चौधरी ने मिल को खरीद लिया। अब नए साल में इस मिल का संचालन शुरू होगा।
कर्मचारियों की मांग पूरी, मिलेगा फंड और ग्रेच्युटी
भवानी पेपर मिल के कर्मचारी काफी समय से बकाया ग्रेच्युटी और फंड का भुगतान किए जाने की मांग कर रहे थे। गुरुवार को कर्मचारियों को ग्रेच्युटी और फंड का भुगतान करने को हरी झंडी मिल गई। इस पर कर्मचारियों ने मिल गेट पर पहुंचकर खुशी जताई।
कर्मचारी महेंद्रनाथ मिश्रा, तेजभान सिंह, विनोद अग्रवाल आदि ने बताया कि हम लोगों का ग्रेच्युटी का पांच करोड़ और फंड का आठ करोड़ का भुगतान बकाया था। अब बकाया अदा करने की बात कही गई है। इस पर हम लोग खुश हैं। उनका कहना है कि यह भी बताया गया कि मिल शुरू होने पर काम करने वाले कर्मचारियों को फिर से काम पर लिया जाएगा।
भवानी पेपर मिल को गंगा पेपर मिल, वाराणसी के मालिक आरके चौधरी ने खरीद लिया है। आरके चौधरी ने मिल को हैंडओवर भी कर लिया है। मिल के फिर से शुरू होने से लोगों को न सिर्फ रोजगार मिलेगा, बल्कि यहां पर काम करने वाले कर्मचारियों का बकाया फंड और ग्रेच्युटी का भुगतान भी किया जाएगा। मिल का संचालन फिर से शुरू करने में करीब चार माह का समय लगेगा।
बीआर कुशवाहा, जीएम, भवानी पेपर मिल