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Raebareli News: फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र निरस्त न करने पर जवाब तलब
Mon, 21 Jul 2025 12:49 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Mon, 21 Jul 2025 12:49 AM IST
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रायबरेली। जगतपुर ब्लॉक में एक ही व्यक्ति के मृत्यु प्रमाणपत्र दो गांवों से जारी करने की पुष्टि के बाद भी उसे निरस्त नहीं किया गया। जबकि निरस्त करने का आदेश नौ माह पहले हो चुका है। इस पर सीडीओ ने जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
मामले की जांच जगतपुर ब्लॉक के सराय श्रीबख्श गांव निवासी रजनीश कुमार त्रिवेदी की शिकायत पर हुई थी। जांच में पीड़ित के बाबा श्रीनारायण की मौत उनके निज आवास (सराय श्रीबख्श) में होने की पुष्टि हुई थी। इस संबंध में 21 जनवरी-2024 को मृत्यु प्रमाणपत्र जारी हुआ था। बाद में सलोन क्षेत्र के पारी गांव के एक व्यक्ति ने श्रीनारायण की मौत का मृत्यु प्रमाणपत्र पांच अप्रैल-2024 को जारी करवा लिया।
इसमें मौत का स्थान धर्मनगर सांहूकुंआ लिखा था। यह भी पता चला कि तत्कालीन पंचायत सचिव जमील अहमद ने मैनुअल प्रमाणपत्र बनाया था। एडीओ की जांच रिपोर्ट आने के बाद फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र को निरस्त करने का आदेश नवंबर 2024 में दिया गया था। नौ माह बीतने के बाद भी प्रमाणपत्र अब तक निरस्त नहीं किया गया। पीड़ित ने आईजीआरएस पर शिकायत की।
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सीडीओ अर्पित उपाध्याय ने बताया कि मामला गंभीर है। एक ही मौत के दो प्रमाणपत्र कैसे जारी हुए। डीपीआरओ से फर्जी प्रमाणपत्र को निरस्त न करने के संबंध में नोटिस जारी करके जवाब मांगा गया है।
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मामले की जांच जगतपुर ब्लॉक के सराय श्रीबख्श गांव निवासी रजनीश कुमार त्रिवेदी की शिकायत पर हुई थी। जांच में पीड़ित के बाबा श्रीनारायण की मौत उनके निज आवास (सराय श्रीबख्श) में होने की पुष्टि हुई थी। इस संबंध में 21 जनवरी-2024 को मृत्यु प्रमाणपत्र जारी हुआ था। बाद में सलोन क्षेत्र के पारी गांव के एक व्यक्ति ने श्रीनारायण की मौत का मृत्यु प्रमाणपत्र पांच अप्रैल-2024 को जारी करवा लिया।
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इसमें मौत का स्थान धर्मनगर सांहूकुंआ लिखा था। यह भी पता चला कि तत्कालीन पंचायत सचिव जमील अहमद ने मैनुअल प्रमाणपत्र बनाया था। एडीओ की जांच रिपोर्ट आने के बाद फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र को निरस्त करने का आदेश नवंबर 2024 में दिया गया था। नौ माह बीतने के बाद भी प्रमाणपत्र अब तक निरस्त नहीं किया गया। पीड़ित ने आईजीआरएस पर शिकायत की।
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सीडीओ अर्पित उपाध्याय ने बताया कि मामला गंभीर है। एक ही मौत के दो प्रमाणपत्र कैसे जारी हुए। डीपीआरओ से फर्जी प्रमाणपत्र को निरस्त न करने के संबंध में नोटिस जारी करके जवाब मांगा गया है।