{"_id":"5d812a7c8ebc3e93b65d4aea","slug":"angry-people-jammed-highway-commotion-with-slogans-raibaraily-news-lko482092275","type":"story","status":"publish","title_hn":"गुस्साए लोगों ने हाईवे किया जाम, नारेबाजी के साथ हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गुस्साए लोगों ने हाईवे किया जाम, नारेबाजी के साथ हंगामा
विज्ञापन
रायबरेली। सीएचसी जगतपुर में इंजेक्शन लगने से युवक की मौत के मामले में मंगलवार को भी बवाल हुआ। तत्काल मुआवजा दिलाए जाने और आरोपी चिकित्सक को मौके पर बुलाए जाने की मांग को लेकर गुस्साए लोगों ने हाईवे जाम कर दिया।
नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। कुछ महिलाआें ने जमीन पर लेटकर विरोध प्रदर्शन किया। हाईवे जाम होने से दो किमी तक वाहनों की लंबी कतार लग गई। इससे मुसाफिर बेहाल रहे।
सूचना पर एसडीएम ऊंचाहार कई थानों की फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने लाठियां पटककर हाईवे जाम करने वाले लोगों को खदेड़ा। एसडीएम ने मुआवजा दिलाए जाने का भरोसा दिया। साथ ही पुलिस मामले में जांच करके उचित कार्रवाई करने की बात कही।
विज्ञापन
गौरतलब है कि जगतपुर थाना क्षेत्र के पूरे त्रिलोक मजरे केवलपुर बरेथा व वर्तमान निवासी टांघन रामसुमेर (30) पुत्र राम दुलारे को सीने में दर्द व पेट में दर्द होने पर सोमवार सुबह सात बजे सीएचसी पहुंचाया गया था।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. मनोज शुक्ला ने उसे इंजेक्शन लगाया था। इंजेक्शन लगने के बाद उसकी हालत बिगड़ गई। रामसुमेर को जिला अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई।
इस मामले में बवाल हुआ था। मामले में सीएचसी अधीक्षक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। मंगलवार को फिर मामला भड़क गया। टांघन गांव के पास गुस्साए लोगों ने हाईवे को जाम कर दिया। इससे दोनों तरफ का आवागमन बंद हो गया।
देखते ही देखते वाहनों की लंबी कतार लग गई। पुरुषों के साथ ही महिलाएं भी जाम लगाने में शामिल रही। मृतक की पत्नी सीमा समेत अन्य परिवारीजनों ने तत्काल मुआवजा दिलाए जाने की मांग की।
साथ ही आरोपी चिकित्सक को मौके पर बुलाने के लिए कहा। इसको लेकर नारेबाजी के साथ प्रदर्शन होता रहा। जाम में फंसी एंबुलेंस को भी नहीं जाने दिया गया। कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कस्बे के पीछे से एंबुलेंस को निकलवाया।
इसके बाद स्थानीय पुलिस ने लाठियां पटककर हाईवे जाम करने वालों को खदेड़ा। एसडीएम ऊंचाहार केशवनाथ गुप्ता व कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची, जिससे स्थिति को नियंत्रण में किया। एसडीएम और समाजसेवी आरडी शुक्ला ने समझा-बुझाकर जाम खुलवाया।
एसडीएम ऊंचाहार में परिवारीजनों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ के तहत तीन लाख और प्रधानमंत्री किसान सर्वहित योजना के तहत पांच लाख रुपये की मदद जल्द दिलाई जाएगी। इस पर लोगों का गुस्सा शांत हुआ। इसके बाद गांव में ही शव का अंतिम संस्कार किया गया।
विज्ञापन
नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। कुछ महिलाआें ने जमीन पर लेटकर विरोध प्रदर्शन किया। हाईवे जाम होने से दो किमी तक वाहनों की लंबी कतार लग गई। इससे मुसाफिर बेहाल रहे।
विज्ञापन
सूचना पर एसडीएम ऊंचाहार कई थानों की फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने लाठियां पटककर हाईवे जाम करने वाले लोगों को खदेड़ा। एसडीएम ने मुआवजा दिलाए जाने का भरोसा दिया। साथ ही पुलिस मामले में जांच करके उचित कार्रवाई करने की बात कही।
विज्ञापन
गौरतलब है कि जगतपुर थाना क्षेत्र के पूरे त्रिलोक मजरे केवलपुर बरेथा व वर्तमान निवासी टांघन रामसुमेर (30) पुत्र राम दुलारे को सीने में दर्द व पेट में दर्द होने पर सोमवार सुबह सात बजे सीएचसी पहुंचाया गया था।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. मनोज शुक्ला ने उसे इंजेक्शन लगाया था। इंजेक्शन लगने के बाद उसकी हालत बिगड़ गई। रामसुमेर को जिला अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई।
इस मामले में बवाल हुआ था। मामले में सीएचसी अधीक्षक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। मंगलवार को फिर मामला भड़क गया। टांघन गांव के पास गुस्साए लोगों ने हाईवे को जाम कर दिया। इससे दोनों तरफ का आवागमन बंद हो गया।
देखते ही देखते वाहनों की लंबी कतार लग गई। पुरुषों के साथ ही महिलाएं भी जाम लगाने में शामिल रही। मृतक की पत्नी सीमा समेत अन्य परिवारीजनों ने तत्काल मुआवजा दिलाए जाने की मांग की।
साथ ही आरोपी चिकित्सक को मौके पर बुलाने के लिए कहा। इसको लेकर नारेबाजी के साथ प्रदर्शन होता रहा। जाम में फंसी एंबुलेंस को भी नहीं जाने दिया गया। कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कस्बे के पीछे से एंबुलेंस को निकलवाया।
इसके बाद स्थानीय पुलिस ने लाठियां पटककर हाईवे जाम करने वालों को खदेड़ा। एसडीएम ऊंचाहार केशवनाथ गुप्ता व कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची, जिससे स्थिति को नियंत्रण में किया। एसडीएम और समाजसेवी आरडी शुक्ला ने समझा-बुझाकर जाम खुलवाया।
एसडीएम ऊंचाहार में परिवारीजनों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ के तहत तीन लाख और प्रधानमंत्री किसान सर्वहित योजना के तहत पांच लाख रुपये की मदद जल्द दिलाई जाएगी। इस पर लोगों का गुस्सा शांत हुआ। इसके बाद गांव में ही शव का अंतिम संस्कार किया गया।