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गाजियाबाद के भूखंडों में फंसा जेई आरडीए के प्रवर्तन में भी दोषी करार
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रायबरेली। गाजियाबाद जिले में स्वर्ण जयंतीपुरम आवासीय योजना के भूखंडों के पुर्नआवंटन के घपले में फंसे अवर अभियंता सुनील कुमार त्यागी रायबरेली विकास प्राधिकरण के प्रवर्तन कार्य में भी प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए हैं। विभागीय कार्रवाई के लिए राज्यपाल से स्वीकृति मिलने के बाद आवास एवं शहरी नियोजन अनुभाग-9 के प्रमुख सचिव ने लखनऊ विकास प्राधिकरण के मुख्य अभियंता को मामले की जांच सौंपी है।
गाजियाबाद में तैनाती के दौरान जेई सुनील कुमार त्यागी ने स्वर्ण जयंतीपुरम आवासीय योजना में भूखंडों के आवंटन में जमकर मनमानी की थी। भूखंडों के पुर्नबहाली व पुर्नआवंटन की आड़ में मनमानी में प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने के बाद विभागीय कार्रवाई के मेरठ के आयुक्त को जांच दी गई थी। गाजियाबाद के बाद यहां आए जेई त्यागी वर्तमान समय में प्रवर्तन का कार्य देख रहे हैं। गाजियाबाद के भूखंडों के घपले की जांच पूरी ही नहीं हुई कि जेई के खिलाफ दूसरी विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
अवर अभियंता ने शहर के अबुल हसन नदवी आवासीय कॉलोनी के सामुदायिक भूखंड पर अवध एजूकेशनल सोसायटी द्वारा कराए जा रहे निर्माण की आरडीए को असत्य सूचना दे दी थी। मामला शासन स्तर पर पहुंचने के बाद जांच के आदेश दिए गए थे। आरडीए के एई एम अहमद आदि की टीम की जांच में जेई सुनील त्यागी दोषी पाया गया। उपाध्यक्ष ने कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेज दिया था।
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जिसके बाद आवास एवं शहरी नियोजन अनुभाग-9 के प्रमुख सचिव दीपक कुमार ने जेई के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए राज्यपाल से स्वीकृति लेने के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण के मुख्य अभियंता को जांच सौंप दी है। उन्होंने जांच अधिकारी को दोषी जेई को भी अपनी बात रखने का मौका देने का निर्देश दिया है। साथ ही समय से जांच पूरी करके रिपोर्ट भी मांगी है। मामले में आरडीए के दोषी अवर अभियंता सुनील कुमार त्यागी का कहना है कि निर्माण का नियमानुसार चालान किया गया था। कोई असत्य सूचना नहीं दी थी।
आरडीए के अवर अभियंता सुनील त्यागी के संबंध में कई शिकायतें आ चुकी हैं। मामले में आवास एवं शहरी नियोजन अनुभाग से बात की जाएगी। प्रवर्तन कार्य में दोषी अवर अभियंता को आरडीए के प्रवर्तन कार्य से हटाया जाएगा।-वैभव श्रीवास्तव, डीएम/उपाध्यक्ष आरडीए
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गाजियाबाद में तैनाती के दौरान जेई सुनील कुमार त्यागी ने स्वर्ण जयंतीपुरम आवासीय योजना में भूखंडों के आवंटन में जमकर मनमानी की थी। भूखंडों के पुर्नबहाली व पुर्नआवंटन की आड़ में मनमानी में प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने के बाद विभागीय कार्रवाई के मेरठ के आयुक्त को जांच दी गई थी। गाजियाबाद के बाद यहां आए जेई त्यागी वर्तमान समय में प्रवर्तन का कार्य देख रहे हैं। गाजियाबाद के भूखंडों के घपले की जांच पूरी ही नहीं हुई कि जेई के खिलाफ दूसरी विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
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अवर अभियंता ने शहर के अबुल हसन नदवी आवासीय कॉलोनी के सामुदायिक भूखंड पर अवध एजूकेशनल सोसायटी द्वारा कराए जा रहे निर्माण की आरडीए को असत्य सूचना दे दी थी। मामला शासन स्तर पर पहुंचने के बाद जांच के आदेश दिए गए थे। आरडीए के एई एम अहमद आदि की टीम की जांच में जेई सुनील त्यागी दोषी पाया गया। उपाध्यक्ष ने कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेज दिया था।
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जिसके बाद आवास एवं शहरी नियोजन अनुभाग-9 के प्रमुख सचिव दीपक कुमार ने जेई के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए राज्यपाल से स्वीकृति लेने के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण के मुख्य अभियंता को जांच सौंप दी है। उन्होंने जांच अधिकारी को दोषी जेई को भी अपनी बात रखने का मौका देने का निर्देश दिया है। साथ ही समय से जांच पूरी करके रिपोर्ट भी मांगी है। मामले में आरडीए के दोषी अवर अभियंता सुनील कुमार त्यागी का कहना है कि निर्माण का नियमानुसार चालान किया गया था। कोई असत्य सूचना नहीं दी थी।
आरडीए के अवर अभियंता सुनील त्यागी के संबंध में कई शिकायतें आ चुकी हैं। मामले में आवास एवं शहरी नियोजन अनुभाग से बात की जाएगी। प्रवर्तन कार्य में दोषी अवर अभियंता को आरडीए के प्रवर्तन कार्य से हटाया जाएगा।-वैभव श्रीवास्तव, डीएम/उपाध्यक्ष आरडीए