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एम्स के पास दायरा बढ़ेगा, आठ मार्गों पर विकसित होंगे हाईवे फैसेलिटी जोन
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रायबरेली। हाईवे के किनारे व्यावसायिक गतिविधियां शुरू करने का सपना संजोये लोगों के लिए खास खबर है। रायबरेली विकास प्राधिकरण ने शहर से निकले सभी आठ महत्वपूर्ण मार्गों को हाईवे फैसिलिटी जोन के रूप में विकसित करने का फैसला किया है।
एम्स के आसपास प्राधिकरण अपना दायरा बढ़ाएगा। इससे यहां बनी कॉलोनी वैध हो सकेंगी। इस प्रस्ताव को महायोजना-2031 में शामिल किया गया है।
रायबरेली से अयोध्या, सुल्तानपुर, प्रयागराज, लखनऊ, डलमऊ, प्रतापगढ़, महराजगंज, परशदेपुर को जाने वाले मार्गों पर यह सुविधा दी जाएगी। शॉपिंग मॉल, ढाबे, होटल सहित अन्य व्यावसायिक गतिविधियों की सुविधा लोगों को मिलेगी।
महायोजना-2031 में शामिल प्रस्तावों को मंडलायुक्त से हरी झंडी मिलने के बाद आरडीए में आपत्तियां और सुझाव लेने के लिए प्रदर्शनी लगाई गई है। अब तक 10 से अधिक आपत्तियां और सुझाव आ चुके हैं।
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महायोजना में आरडीए ने अपने दायरे को तो नहीं बढ़ाया, लेकिन अपने तय क्षेत्र में सुविधाएं बढ़ाने का निर्णय लिया है। शहर के व्यावसायिक मार्ग कैनाल रोड, हाईवे के त्रिपुला से लेकर मुंशीगंज तक के क्षेत्र को व्यावसायिक बनाने का प्रस्ताव रखा है। अब तक यह क्षेत्र आवासीय था।
इन क्षेत्रों में सिर्फ व्यावसायिक गतिविधियां होने के कारण बदलाव का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा कई अवैध कॉलोनियों को वैध करने के लिए आवासीय क्षेत्र घोषित किया जा रहा है।
प्राधिकरण के दायरे से निकले एक भी राजमार्ग पर अब तक हाईवे फैसिलिटी सुविधा नहीं मिली है। इससे हाईवे के किनारे की भूमि का लोग बेहतर उपयोग नहीं कर पा रहे हैं।
अब लोगों को सुपर व्यावसायिक सुविधाएं हाईवे के किनारे संचालित कराने के लिए वैधता मिल जाएगी। प्राधिकरण से होकर निकले रायबरेली से अयोध्या, सुल्तानपुर, प्रयागराज, लखनऊ, डलमऊ, प्रतापगढ़, महराजगंज, परशदेपुर मार्गों पर हाईवे फैसिलिटी की सुविधा महायोजना में मिलेगी। इससे शॉपिंग मॉल, ढाबा, होटल सहित अन्य व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
एम्स के आसपास अवैध भवनों को मिलेगी वैधता
महायोजना-2031 में प्राधिकरण ने मुंशीगंज से डलमऊ मार्ग पर कई किलोमीटर तक के एरिया को वैध करने का निर्णय लिया है। चूंकि आवासीय और व्यावसायिक गतिविधियां एम्स के आसपास ही चल रही हैं।
आरडीए इस मार्ग पर एम्स के आसपास के भवनों को अब तक वैध नहीं कर पा रहा है। महायोजना के पास होने के बाद आसपास के लोग अपने आवासीय और व्यावसायिक भवनों को वैध करवा सकेंगे।
आवासीय सुविधाओं का बढ़ सकता है दायरा
प्राधिकरण की ओर से अब तक एकता विहार और अमोल विहार आवासीय योजनाएं ही संचालित हैं। इन कॉलोनियों में काम पूरा भी हो चुका है।
प्राधिकरण को आवासीय योजनाओं को बढ़ाने के लिए नए स्थलों का चयन करना होगा। महायोजना-2031 केे पास होने के बाद आरडीए की ओर से कई आवासीय कॉलोनियां बसाई जा सकेंगी। इससे शहर के लोगों को बेहतर आवासीय सुविधा मिलने की उम्मीद है।
महायोजना-2031 के प्रस्तावों पर आपत्तियां व सुझाव मांगे गए हैं। सभी राजमार्गों पर हाईवे फैसिलिटी जोन बनाने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा एम्स के पास दायरा बढ़ाने के साथ ही कई आवासीय क्षेत्रों को व्यावसायिक क्षेत्र घोषित करने पर सहमति बनी है। 13 जुलाई तक आपत्तियां व सुझाव आने के बाद महायोजना पास कराई जाएगी।
मो. अहमद, सहायक अभियंता, आरडीए
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एम्स के आसपास प्राधिकरण अपना दायरा बढ़ाएगा। इससे यहां बनी कॉलोनी वैध हो सकेंगी। इस प्रस्ताव को महायोजना-2031 में शामिल किया गया है।
रायबरेली से अयोध्या, सुल्तानपुर, प्रयागराज, लखनऊ, डलमऊ, प्रतापगढ़, महराजगंज, परशदेपुर को जाने वाले मार्गों पर यह सुविधा दी जाएगी। शॉपिंग मॉल, ढाबे, होटल सहित अन्य व्यावसायिक गतिविधियों की सुविधा लोगों को मिलेगी।
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महायोजना-2031 में शामिल प्रस्तावों को मंडलायुक्त से हरी झंडी मिलने के बाद आरडीए में आपत्तियां और सुझाव लेने के लिए प्रदर्शनी लगाई गई है। अब तक 10 से अधिक आपत्तियां और सुझाव आ चुके हैं।
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महायोजना में आरडीए ने अपने दायरे को तो नहीं बढ़ाया, लेकिन अपने तय क्षेत्र में सुविधाएं बढ़ाने का निर्णय लिया है। शहर के व्यावसायिक मार्ग कैनाल रोड, हाईवे के त्रिपुला से लेकर मुंशीगंज तक के क्षेत्र को व्यावसायिक बनाने का प्रस्ताव रखा है। अब तक यह क्षेत्र आवासीय था।
इन क्षेत्रों में सिर्फ व्यावसायिक गतिविधियां होने के कारण बदलाव का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा कई अवैध कॉलोनियों को वैध करने के लिए आवासीय क्षेत्र घोषित किया जा रहा है।
प्राधिकरण के दायरे से निकले एक भी राजमार्ग पर अब तक हाईवे फैसिलिटी सुविधा नहीं मिली है। इससे हाईवे के किनारे की भूमि का लोग बेहतर उपयोग नहीं कर पा रहे हैं।
अब लोगों को सुपर व्यावसायिक सुविधाएं हाईवे के किनारे संचालित कराने के लिए वैधता मिल जाएगी। प्राधिकरण से होकर निकले रायबरेली से अयोध्या, सुल्तानपुर, प्रयागराज, लखनऊ, डलमऊ, प्रतापगढ़, महराजगंज, परशदेपुर मार्गों पर हाईवे फैसिलिटी की सुविधा महायोजना में मिलेगी। इससे शॉपिंग मॉल, ढाबा, होटल सहित अन्य व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
एम्स के आसपास अवैध भवनों को मिलेगी वैधता
महायोजना-2031 में प्राधिकरण ने मुंशीगंज से डलमऊ मार्ग पर कई किलोमीटर तक के एरिया को वैध करने का निर्णय लिया है। चूंकि आवासीय और व्यावसायिक गतिविधियां एम्स के आसपास ही चल रही हैं।
आरडीए इस मार्ग पर एम्स के आसपास के भवनों को अब तक वैध नहीं कर पा रहा है। महायोजना के पास होने के बाद आसपास के लोग अपने आवासीय और व्यावसायिक भवनों को वैध करवा सकेंगे।
आवासीय सुविधाओं का बढ़ सकता है दायरा
प्राधिकरण की ओर से अब तक एकता विहार और अमोल विहार आवासीय योजनाएं ही संचालित हैं। इन कॉलोनियों में काम पूरा भी हो चुका है।
प्राधिकरण को आवासीय योजनाओं को बढ़ाने के लिए नए स्थलों का चयन करना होगा। महायोजना-2031 केे पास होने के बाद आरडीए की ओर से कई आवासीय कॉलोनियां बसाई जा सकेंगी। इससे शहर के लोगों को बेहतर आवासीय सुविधा मिलने की उम्मीद है।
महायोजना-2031 के प्रस्तावों पर आपत्तियां व सुझाव मांगे गए हैं। सभी राजमार्गों पर हाईवे फैसिलिटी जोन बनाने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा एम्स के पास दायरा बढ़ाने के साथ ही कई आवासीय क्षेत्रों को व्यावसायिक क्षेत्र घोषित करने पर सहमति बनी है। 13 जुलाई तक आपत्तियां व सुझाव आने के बाद महायोजना पास कराई जाएगी।
मो. अहमद, सहायक अभियंता, आरडीए