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13 लाख गरीबों को एम्स का तोहफा, इलाज के साथ सर्जरी भी मुफ्त
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40-रायबरेली में गुुरुवार को एम्स के स्थापना दिवस पर एसजीपीजीआई लखनऊ के प्रो. एसके मिश्रा, प्रो. पीक?
- फोटो : RAIBARAILY
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रायबरेली। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने गुरुवार को गरीबों का मुफ्त इलाज का एलान किया है। एम्स के अधिशासी निदेशक प्रो. अरविंद राजवंशी ने गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले मरीजों को इलाज से लेकर सर्जरी तक मुफ्त सेवा देने की घोषणा की। गरीबों को रजिस्ट्रेशन, जांच, इलाज, इमरजेंसी, सर्जिकल और उच्च अस्पतालों को रेफर करने की सुविधा मुफ्त दी जाएगी। एम्स में एक मोबाइल एप भी लांच किया, जिसके माध्यम से कोई भी घर बैठे ओपीडी और इलाज और जांच के लिए ऑनलाइन पंजीयन करवा सकता है। एम्स की इन घोषणाओं से जिले के 13 लाख गरीबों को अब इलाज करवाने में सहूलियतें मिलेगी।
एम्स के प्रशासनिक भवन में गुरुवार की शाम धूमधाम से स्थापना दिवस मनाया गया। एम्स के अधिशासी निदेशक प्रो. अरविंद राजवंशी ने कहा कि एम्स की मंशा है कि जिले के साथ ही अन्य जिलों से आने वाले मरीजों को बेहतर चिकित्सीय सुविधा दी जाए। एम्स में विशेषज्ञ सेवाओं का विस्तार लगातार किया जा रहा है। जल्द ही सर्जरी की सुविधा के साथ ही गंभीर रोगों के मरीजों का भी इलाज शुरू हो जाएगा। कहा कि मोबाइल एप के माध्यम से ओपीडी, जांच सहित अन्य सुविधाओं के लिए ऑनलाइन पंजीयन कराया जा सकता है। स्थापना दिवस के मौके पर एम्स में संचालित सेवाओं के बारे में सभी को अवगत कराया गया।
कार्यक्रम में डीन (एकेडमिक) डॉ. नीरज कुमारी, रजिस्ट्रार/ वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी समीर शुक्ला, अपर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. गौरव उपाध्याय, डीडीए एसके सिंह, डॉ. अभय सिंह और डॉ. चंद्रमौली, डॉ. रजत शुभ्रा दास, डॉ. तरुण प्रकाश माहेश्वरी, डॉ. सेफाली गुप्ता आदि मौजूद रहे। एम्स के स्थापना दिवस में एसजीपीजीआई लखनऊ के इंडोक्राइन सर्जरी एवं डीन के विभागाध्यक्ष प्रो. एसके मिश्रा ने आधुनिक युग में चिकित्सा क्षेत्र में टेलीमेडिसिन की उपयोगिता पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि टेलीमेडिसिन के माध्यम से किस तरह मरीजों का बेहतर बेहतर इलाज किया जा सकता है। एसजीपीजीआई लखनऊ के न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग के प्रो. पीके प्रधान ने इलाज में न्यूक्लिर मेडिसिन की उपयोगिता की जानकारी दी।
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एम्स के प्रशासनिक भवन में गुरुवार की शाम धूमधाम से स्थापना दिवस मनाया गया। एम्स के अधिशासी निदेशक प्रो. अरविंद राजवंशी ने कहा कि एम्स की मंशा है कि जिले के साथ ही अन्य जिलों से आने वाले मरीजों को बेहतर चिकित्सीय सुविधा दी जाए। एम्स में विशेषज्ञ सेवाओं का विस्तार लगातार किया जा रहा है। जल्द ही सर्जरी की सुविधा के साथ ही गंभीर रोगों के मरीजों का भी इलाज शुरू हो जाएगा। कहा कि मोबाइल एप के माध्यम से ओपीडी, जांच सहित अन्य सुविधाओं के लिए ऑनलाइन पंजीयन कराया जा सकता है। स्थापना दिवस के मौके पर एम्स में संचालित सेवाओं के बारे में सभी को अवगत कराया गया।
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कार्यक्रम में डीन (एकेडमिक) डॉ. नीरज कुमारी, रजिस्ट्रार/ वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी समीर शुक्ला, अपर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. गौरव उपाध्याय, डीडीए एसके सिंह, डॉ. अभय सिंह और डॉ. चंद्रमौली, डॉ. रजत शुभ्रा दास, डॉ. तरुण प्रकाश माहेश्वरी, डॉ. सेफाली गुप्ता आदि मौजूद रहे। एम्स के स्थापना दिवस में एसजीपीजीआई लखनऊ के इंडोक्राइन सर्जरी एवं डीन के विभागाध्यक्ष प्रो. एसके मिश्रा ने आधुनिक युग में चिकित्सा क्षेत्र में टेलीमेडिसिन की उपयोगिता पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि टेलीमेडिसिन के माध्यम से किस तरह मरीजों का बेहतर बेहतर इलाज किया जा सकता है। एसजीपीजीआई लखनऊ के न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग के प्रो. पीके प्रधान ने इलाज में न्यूक्लिर मेडिसिन की उपयोगिता की जानकारी दी।
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