{"_id":"6117f7548ebc3edfa57e2d62","slug":"aiims-raibaraily-news-lko591373165","type":"story","status":"publish","title_hn":"एम्स का होगा विस्तार, किसानों की जमीन लेने के लिए 43 करोड़ मिले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एम्स का होगा विस्तार, किसानों की जमीन लेने के लिए 43 करोड़ मिले
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रायबरेली। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के विस्तार का रास्ता साफ हो गया है। प्रदेश सरकार ने किसानों की 49.85 एकड़ जमीन परचेज किए जाने के लिए 43 करोड़ रुपये दिए हैं। एम्स निदेशक ने जमीन के लिए बजट उपलब्ध कराने के लिए शासन को पत्र भेजा था। जल्द ही बजट आते ही जमीनों के बैनामे का काम शुरू होगा। तीन गांवों के 228 किसान अपनी जमीन एम्स को देंगे।
शहर से सटे दरियापुर स्थित एम्स में ओपीडी के साथ ही एमबीबीएस की पढ़ाई पहले ही शुरू करा दी गई थी। एम्स के आवासीय परिसर के साथ ही मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल के भवन के निर्माण का काम पूरा होने के बाद मरीजों को भर्ती करने करके इलाज भी शुरू करा दिया गया है। अस्पताल शुरू होने के बाद अब एम्स का विस्तार होना है, लेकिन किसानों की करीब 49.85 एकड़ जमीन न मिल पाने के कारण विस्तार शुरू नहीं हो पा रहा है।
एम्स के निदेशक प्रो. अरविंद राजवंशी ने शासन को पत्र भेजकर किसानों की जमीन दिलवाने का अनुरोध किया था। साथ ही किसानों की जमीन को परचेज करवाने के लिए बजट मुहैया कराने का अनुरोध किया था। किसानों की करीब 49.85 एकड़ जमीन के लिए शासन से 43 करोड़ दिए हैं। किसानों को सर्किल मूल्य के चार गुना रेट में जमीन परचेज की जाएगी।
विज्ञापन
मार्च 2020 में भी आया था बजट, कोरोना के कारण वापस
शासन ने 21 मार्च 2020 को किसानों की जमीन खरीदने के लिए जिला प्रशासन को बजट दिया था। जिला प्रशासन को 31 मार्च 2020 तक हर हाल में दरियापुर व सुल्तानपुर आइमा गांवों के 228 किसानों की जमीन का बैनामा करवाने के आदेश दिए थे, लेकिन 26 मार्च 2020 से ही पूरी तरह से लॉकडाउन के कारण बैनामे नहीं हो पाए थे। जिला प्रशासन को बजट वापस करना पड़ा था। किसानों को प्रति हेक्टेयर 2.12 करोड़ रुपये के हिसाब से भुगतान किया जाएगा।
एम्स का विस्तार होना है। इसके लिए निदेशक प्रो. अरविंद राजवंशी ने शासन को पत्र भेजा था। किसानों की जमीन परचेज करने के लिए शासन स्तर से 43 करोड़ रुपये दिए गए हैं। जल्द ही जिला प्रशासन के स्तर से बैनामे की प्रक्रिया पूरी कराकर एम्स को जमीन मिलते ही विस्तार का काम शुरू कराया जाएगा।
समीर शुक्ला, रजिस्ट्रार/ वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी
विज्ञापन
शहर से सटे दरियापुर स्थित एम्स में ओपीडी के साथ ही एमबीबीएस की पढ़ाई पहले ही शुरू करा दी गई थी। एम्स के आवासीय परिसर के साथ ही मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल के भवन के निर्माण का काम पूरा होने के बाद मरीजों को भर्ती करने करके इलाज भी शुरू करा दिया गया है। अस्पताल शुरू होने के बाद अब एम्स का विस्तार होना है, लेकिन किसानों की करीब 49.85 एकड़ जमीन न मिल पाने के कारण विस्तार शुरू नहीं हो पा रहा है।
विज्ञापन
एम्स के निदेशक प्रो. अरविंद राजवंशी ने शासन को पत्र भेजकर किसानों की जमीन दिलवाने का अनुरोध किया था। साथ ही किसानों की जमीन को परचेज करवाने के लिए बजट मुहैया कराने का अनुरोध किया था। किसानों की करीब 49.85 एकड़ जमीन के लिए शासन से 43 करोड़ दिए हैं। किसानों को सर्किल मूल्य के चार गुना रेट में जमीन परचेज की जाएगी।
विज्ञापन
मार्च 2020 में भी आया था बजट, कोरोना के कारण वापस
शासन ने 21 मार्च 2020 को किसानों की जमीन खरीदने के लिए जिला प्रशासन को बजट दिया था। जिला प्रशासन को 31 मार्च 2020 तक हर हाल में दरियापुर व सुल्तानपुर आइमा गांवों के 228 किसानों की जमीन का बैनामा करवाने के आदेश दिए थे, लेकिन 26 मार्च 2020 से ही पूरी तरह से लॉकडाउन के कारण बैनामे नहीं हो पाए थे। जिला प्रशासन को बजट वापस करना पड़ा था। किसानों को प्रति हेक्टेयर 2.12 करोड़ रुपये के हिसाब से भुगतान किया जाएगा।
एम्स का विस्तार होना है। इसके लिए निदेशक प्रो. अरविंद राजवंशी ने शासन को पत्र भेजा था। किसानों की जमीन परचेज करने के लिए शासन स्तर से 43 करोड़ रुपये दिए गए हैं। जल्द ही जिला प्रशासन के स्तर से बैनामे की प्रक्रिया पूरी कराकर एम्स को जमीन मिलते ही विस्तार का काम शुरू कराया जाएगा।
समीर शुक्ला, रजिस्ट्रार/ वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी