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Raebareli News: एम्स में 80 फीसदी विशेषज्ञ डॉक्टर कम
Sun, 27 Jul 2025 01:10 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Sun, 27 Jul 2025 01:10 AM IST
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रायबरेली। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में सीनियर रेजिडेंट (एसआर) डॉक्टरों की भारी कमी है। तकरीबन 82 फीसदी एसआर के पद खाली हैं। ऐसे में मरीजों को विशेषज्ञ सेवाएं मिलने में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में एम्स प्रशासन की अगस्त से हर माह वॉक इन इंटरव्यू से एसआर डॉक्टरों को भरने की तैयारी है।
एम्स में सीनियर रेजिडेंट के 195 पद हैं। इन पदों के सापेक्ष करीब 35 विशेषज्ञ चिकित्सक ही वर्तमान समय में काम कर रहे हैं। ऐसे में मरीजों को सुपर स्पेशिएलिटी स्वास्थ्य सेवाएं मिलनें में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पूर्व में भी कई बार पदों को भरने का प्रयास किया गया, लेकिन आवेदन कम होने के कारण सभी पद भरे नहीं जा सके।
पिछले फरवरी माह में सीनियर रेजिडेंट के 160 पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन पर्याप्त चिकित्सक नहीं मिल पाए गए थे। कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, न्यूरोलॉजी, न्यूरो सर्जरी, यूरोलॉजी, पल्मोनरी मेडिसिन, मेडिसिन अंकोलॉजी, रेडियोलॉजी, पीडियाट्रिक सर्जरी सहित अन्य विभागों में सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों की कमी बनी हुई है।
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जेआर के भरोसे हो रहा इलाज
एम्स में जूनियर रेजिडेंट (जेआर) डॉक्टर पर्याप्त हैं। खासकर पीजी की पढ़ाई करने के लिए आ रहे जूनियर रेजिडेंट चिकित्सकों से काम चल जा रहा है, लेकिन सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों के कम होने के कारण मरीजों को बेहतर सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं।
सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए अगस्त से हर सप्ताह इंटरव्यू होगा। इसके लिए निदेशक स्तर से स्वीकृति मिल गई है। जल्द ही डॉक्टरों के रिक्त पदों को भरने का काम पूरा कराया जाएगा।
- डॉ. नीरज श्रीवास्तव, उप चिकित्सक अधीक्षक, एम्स
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एम्स में सीनियर रेजिडेंट के 195 पद हैं। इन पदों के सापेक्ष करीब 35 विशेषज्ञ चिकित्सक ही वर्तमान समय में काम कर रहे हैं। ऐसे में मरीजों को सुपर स्पेशिएलिटी स्वास्थ्य सेवाएं मिलनें में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पूर्व में भी कई बार पदों को भरने का प्रयास किया गया, लेकिन आवेदन कम होने के कारण सभी पद भरे नहीं जा सके।
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पिछले फरवरी माह में सीनियर रेजिडेंट के 160 पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन पर्याप्त चिकित्सक नहीं मिल पाए गए थे। कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, न्यूरोलॉजी, न्यूरो सर्जरी, यूरोलॉजी, पल्मोनरी मेडिसिन, मेडिसिन अंकोलॉजी, रेडियोलॉजी, पीडियाट्रिक सर्जरी सहित अन्य विभागों में सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों की कमी बनी हुई है।
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जेआर के भरोसे हो रहा इलाज
एम्स में जूनियर रेजिडेंट (जेआर) डॉक्टर पर्याप्त हैं। खासकर पीजी की पढ़ाई करने के लिए आ रहे जूनियर रेजिडेंट चिकित्सकों से काम चल जा रहा है, लेकिन सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों के कम होने के कारण मरीजों को बेहतर सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं।
सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए अगस्त से हर सप्ताह इंटरव्यू होगा। इसके लिए निदेशक स्तर से स्वीकृति मिल गई है। जल्द ही डॉक्टरों के रिक्त पदों को भरने का काम पूरा कराया जाएगा।
- डॉ. नीरज श्रीवास्तव, उप चिकित्सक अधीक्षक, एम्स