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Raebareli News: गलत जानकारी देने वाले स्कूलों पर होगी कार्रवाई
Sat, 15 Nov 2025 12:50 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Sat, 15 Nov 2025 12:50 AM IST
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रायबरेली। माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा के लिए केंद्र बनाने की प्रक्रिया चल रही है। जिले में संचालित सभी 352 माध्यमिक विद्यालयों ने अपने यहां उपलब्ध संसाधनों का ब्योरा परिषद की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है। इन्हीं संसाधनों और जियो लोकेशन का सत्यापन करने के लिए तहसील स्तरीय टीमें जांच कर रही है। जांच के दौरान अगर कोई जानकारी गलत मिली तो संबंधित स्कूलों पर कार्रवाई भी हो सकती है। तहसील स्तरीय टीमें 17 नवंबर तक अपनी जांच पूरी करके आख्या देंगी।
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाएं 18 फरवरी से 12 मार्च तक होंगी, जिसके लिए परीक्षा केंद्रों का निर्धारण करने की प्रक्रिया चल रही है। जिले में माध्यमिक विद्यालयों की संख्या 352 है, जिनमें राजकीय विद्यालय 46, सहायता प्राप्त विद्यालय 46 और वित्तविहीन विद्यालय 260 शामिल हैं।
इन सभी ने अपने यहां उपलब्ध भौतिक संसाधन और आधारभूत सूचनाएं जियो लोकेशन सहित परिषद की वेबसाइट पर अपलोड की हैं। इन्हीं जानकारी का सत्यापन करने के लिए तहसील स्तर पर उप जिलाधिकारी की अध्यक्षता में चार सदस्यीय टीमें बनाई गई हैं।
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तहसील स्तरीय टीम में एसडीएम के साथ तहसीलदार, सहायक अभियंता और वरिष्ठ प्रधानाचार्य शामिल हैं। सभी टीमों को 17 नवंबर तक भौतिक सत्यापन कर अपनी आख्या देनी है। सत्यापन के दौरान अगर विद्यालयों की सूचनाएं गलत मिली तो संबंधित प्रधानाचार्य के खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है।
जिला विद्यालय निरीक्षक संजीव कुमार सिंह ने सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों से कहा है कि वेबसाइट पर अपलोड की गई आधारभूत सूचनाओं का प्रिंटआउट निकाल कर सुरक्षित रखें। सत्यापन के लिए टीम पहुंचने पर सत्यापन के लिए उन्हें प्रिंटआउट दें।
राजकीय स्कूलों को मिलेगी वरीयता
यूपी बोर्ड की परीक्षा के लिए केंद्र बनाने के मानक तय किए गए हैं। विद्यालय में सुरक्षित चारदीवारी और मुख्य प्रवेश द्वार पर लोहे का गेट लगा होना चाहिए। प्रवेश व निकास द्वार एक रहेगा, जिससे बाकी द्वार सील कराने होंगे। सड़क, खेत या खुले मैदान की तरफ खुलने वाली कमरों की खिड़कियों पर स्टील या लोहे की जाली लगाने के साथ मजबूत पल्ले लगवाने होंगे। राजकीय विद्यालयों को वरीयता मिलेगी।
इसके बाद सहायता प्राप्त स्कूलों और फिर वित्तविहीन विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाएंगे। परीक्षा केंद्रों के स्ट्रांग रूम की सुरक्षा के लिए वायस रिकार्डर युक्त नाइट विजन वाले सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। डबल लॉक वाली चार अलमारी रखी जाएंगी। उत्तर पुस्तिकाओं के समुचित रखरखाव की भी व्यवस्था करनी होगी।
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यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाएं 18 फरवरी से 12 मार्च तक होंगी, जिसके लिए परीक्षा केंद्रों का निर्धारण करने की प्रक्रिया चल रही है। जिले में माध्यमिक विद्यालयों की संख्या 352 है, जिनमें राजकीय विद्यालय 46, सहायता प्राप्त विद्यालय 46 और वित्तविहीन विद्यालय 260 शामिल हैं।
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इन सभी ने अपने यहां उपलब्ध भौतिक संसाधन और आधारभूत सूचनाएं जियो लोकेशन सहित परिषद की वेबसाइट पर अपलोड की हैं। इन्हीं जानकारी का सत्यापन करने के लिए तहसील स्तर पर उप जिलाधिकारी की अध्यक्षता में चार सदस्यीय टीमें बनाई गई हैं।
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तहसील स्तरीय टीम में एसडीएम के साथ तहसीलदार, सहायक अभियंता और वरिष्ठ प्रधानाचार्य शामिल हैं। सभी टीमों को 17 नवंबर तक भौतिक सत्यापन कर अपनी आख्या देनी है। सत्यापन के दौरान अगर विद्यालयों की सूचनाएं गलत मिली तो संबंधित प्रधानाचार्य के खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है।
जिला विद्यालय निरीक्षक संजीव कुमार सिंह ने सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों से कहा है कि वेबसाइट पर अपलोड की गई आधारभूत सूचनाओं का प्रिंटआउट निकाल कर सुरक्षित रखें। सत्यापन के लिए टीम पहुंचने पर सत्यापन के लिए उन्हें प्रिंटआउट दें।
राजकीय स्कूलों को मिलेगी वरीयता
यूपी बोर्ड की परीक्षा के लिए केंद्र बनाने के मानक तय किए गए हैं। विद्यालय में सुरक्षित चारदीवारी और मुख्य प्रवेश द्वार पर लोहे का गेट लगा होना चाहिए। प्रवेश व निकास द्वार एक रहेगा, जिससे बाकी द्वार सील कराने होंगे। सड़क, खेत या खुले मैदान की तरफ खुलने वाली कमरों की खिड़कियों पर स्टील या लोहे की जाली लगाने के साथ मजबूत पल्ले लगवाने होंगे। राजकीय विद्यालयों को वरीयता मिलेगी।
इसके बाद सहायता प्राप्त स्कूलों और फिर वित्तविहीन विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाएंगे। परीक्षा केंद्रों के स्ट्रांग रूम की सुरक्षा के लिए वायस रिकार्डर युक्त नाइट विजन वाले सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। डबल लॉक वाली चार अलमारी रखी जाएंगी। उत्तर पुस्तिकाओं के समुचित रखरखाव की भी व्यवस्था करनी होगी।