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Raebareli News: आरोपी होमगार्ड को भेजा जेल, बड़े चेहरों की तलाश

Sun, 23 Nov 2025 01:33 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 23 Nov 2025 01:33 AM IST
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Accused Home Guard sent to jail, search on for big names
रायबरेली। वाहनों से अवैध वसूली के मामले में आरोपी होमगार्ड को पुलिस ने शनिवार को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने का आदेश दिया। ओवरलोड वाहनों से अवैध वसूली के मामले में सोमवार रात डीह थाने में इसमें एआरटीओ प्रवर्तन और पीटीओ रायबरेली के चालकों सहित 23 के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। मामले में रायबरेली, अमेठी, प्रतापगढ़ जिले के पांच अज्ञात कर्मचारी और 18 लोग नामजद किए गए थे। मामला तब और चर्चा में आया जब सलोन कोतवाली के होमगार्ड को भी पकड़ लिया गया। उसने पूछताछ में कई ऐसे राज खोले हैं, जिससे खलबली मची हुई है।
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सलोन कोतवाली क्षेत्र के सूची निवासी होमगार्ड विश्वनाथ प्रताप सिंह उर्फ बीपी अवैध वसूली में संलिप्त मिला था। उसका नाम प्रकाश में आने के बाद शुक्रवार को एफआईआर में शामिल गया था। वह काफी समय से सलोन कोतवाली में तैनात था, लेकिन इस समय डयूटी नहीं कर रहा था। होमगार्ड का नेटवर्क रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर समेत अन्य जनपदों में था। होमगार्ड जब पुलिस की गिरफ्त में आया तो उसके पास से अवैध वसूली के 6600 रुपये, दो मोबाइल फोन, आधार कार्ड व पहचान पत्र बरामद किया गया था। इस मामले में महेंद्र प्रताप सिंह व जितेंद्र सरोज को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। दोनों को कोर्ट के आदेश पर जेल भेजा जा चुका है।
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जिले में वाहनों से अवैध वसूली के मामले का पहला खुलासा 12 नवंबर को हुआ था। उस समय एआरटीओ प्रवर्तन अंदुज, पीटीओ रेहाना और फतेहपुर के एआरटीओ प्रवर्तन पुष्पांजलि समेत 11 आरोपियों के खिलाफ एसटीएफ ने लालगंज कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद से पुलिस वाहनों से अवैध वसूली के नेटवर्क के तार खोलने में लगी है। इस बीच डीह में गत सोमवार को 23 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के साथ दो दलालों को गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, वाहनों से अवैध वसूली के खेल में फंसे बड़े चेहरे अभी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। पुलिस और खुफिया टीम इनके संभावित ठिकानों पर छापे मार रही है। वहीं, पुलिस की पकड़ में आने के बाद जिस तरह से होमगार्ड से सफेदपोश नेताओं, अधिकारियों और कर्मचारियों का नाम लिया था, उससे खलबली मची हुई है।
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इनसेट
सीओ लालगंज कर रहे विवेचना
वाहनों से अवैध वसूली के मामले की जांच सीओ लालगंज अमित सिंह कर रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि खुफिया विभाग को भी अधिकारियों की लोकेशन ट्रेस करने के लिए सक्रिय किया गया है। अभी तक एक भी अधिकारी पुलिस की गिरफ्त में नहीं आ सका है। दलाल ही पकड़े गए हैं। असल में दलालों के माध्यम से पूरा नेटवर्क संचालित होता था और अधिकारी पैसा कमाते थे। वाहनों से अवैध वसूली का खेल रायबरेली, अमेठी, प्रतापगढ़, फतेहपुर, बांदा, चित्रकूट तक चल रहा था। अधिकारियों ने मोबाइल ग्रुप बना रखे थे और उसमें दलाल और उनकी टीम के साथी जुड़े थे। अधिकारियों के आदेश पर ही दलाल पूरा काम करते थे और फिर पैसा बैंक खातों में ट्रांसफर होता था। होमगार्ड विश्वनाथ प्रताप सिंह ने सफेदपोश नेताओं की संलिप्तता का जिक्र किया है। इससे पुलिस के सामने नई चुनौती आ गई है। ये सफेदपोश नेता कौन हैैं, इनकी पहचान उजागर नहीं की गई है। होमगार्ड ने इशारों में बहुत कुछ बता दिया है।

कोट-
गहनता से की जा रही जांच
सीओ लालगंज अमित सिंह का कहना है कि इस पूरे मामले की जांच गहनता से की जा रही है। साथ ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। जल्द ही और गिरफ्तारियां होंगी।
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