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Raebareli News: प्रीत की डोर से बांधी लंबी उम्र की दुआ
Sun, 30 Aug 2026 01:18 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Sun, 30 Aug 2026 01:18 AM IST
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मुराईबाग कस्बा में रक्षाबंधन पर भाई को राखी बांधती बहन।
रायबरेली। भाई-बहन के बीच अटूट रिश्ते का पर्व रक्षाबंधन जिलेभर में धूमधाम से मनाया गया। शुक्रवार को बहनों ने भाई की कलाई पर अटूट रिश्ते की डोर बांधी। भाई को टीका लगाकर मुंह मीठा कराया। साथ ही उनके दीर्घायु की कामना की। भाइयों ने बहनों को उपहार दिए। उधर, बाजारों में बहना ने भाई को कलाई में प्यार बांधा है..., भइया मेरे राखी के बंधन को निभाना..., चंदा रे मेरे भइया से कहना... आदि गाने गूंजते रहे।
राखी बांधने का मुहूर्त सुबह का होने के कारण मिठाई और राखी की दुकानें तड़के ही खुल गईं। स्थिति यह रही कि प्रमुख दुकानों की मिठाई तो एक दिन पहले बृहस्पतिवार को ही खत्म हो गई थी। इसके चलते अन्य दुकानदारों की चांदी रही। रक्षाबंधन होने के बाद भी बाजार की भीड़ कम नहीं हुई। चाहे राखी की दुकान हो या फिर मिठाई की, हर जगह भीड़ नजर आई। सुबह से ही राखी बांधने और बंधवाने के लिए सज-धजकर तैयार हो गए। बहनों ने भाई को टीका लगाकर प्रीत की डोर बांध उनके दीर्घायु होने की कामना की।
शहर के अलावा ग्रामीण अंचलों में भी पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। डलमऊ, सलोन, सरेनी, ऊंचाहार, जगतपुर, बछरावां, महराजगंज आदि क्षेत्रों में रक्षाबंधन को लेकर लोगों में उत्साह रहा। कस्बाई इलाकों के मिठाई और राखी की दुकानों में खरीदारों का मजमा लगा रहा।
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मजहब से इतर भाई-बहन का दिखा प्रेम
डीह। रक्षाबंधन बंधन पर्व पर मजहब से इतर भाई बहन के प्रेम की मिसाल हर साल कस्बे में दिखती है। 20 किलोमीटर दूर से आकर सुनीता अपने मुस्लिम भाई सोनू अंसारी को राखी बांधती हैं। कस्बा निवासी सोनू अंसारी की दुकान और सुनीता के पिता की दुकान आमने-सामने थी। इस कारण सुनीता सोनू को अपना भाई मानने लगी। सोनू सराफा का काम करते हैं। करीब 15 वर्ष से सुनीता रक्षाबंधन पर सोनू को राखी बांधती आ रही हैं। सुनीता की शादी जगतपुर में हुई है लेकिन सुनीता हर रक्षाबंधन पर्व पर अपने मायके आकर अपने भाइयों के साथ सोनू अंसारी की दुकान पर जाकर राखी बांधती हैं।
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राखी बांधने का मुहूर्त सुबह का होने के कारण मिठाई और राखी की दुकानें तड़के ही खुल गईं। स्थिति यह रही कि प्रमुख दुकानों की मिठाई तो एक दिन पहले बृहस्पतिवार को ही खत्म हो गई थी। इसके चलते अन्य दुकानदारों की चांदी रही। रक्षाबंधन होने के बाद भी बाजार की भीड़ कम नहीं हुई। चाहे राखी की दुकान हो या फिर मिठाई की, हर जगह भीड़ नजर आई। सुबह से ही राखी बांधने और बंधवाने के लिए सज-धजकर तैयार हो गए। बहनों ने भाई को टीका लगाकर प्रीत की डोर बांध उनके दीर्घायु होने की कामना की।
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शहर के अलावा ग्रामीण अंचलों में भी पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। डलमऊ, सलोन, सरेनी, ऊंचाहार, जगतपुर, बछरावां, महराजगंज आदि क्षेत्रों में रक्षाबंधन को लेकर लोगों में उत्साह रहा। कस्बाई इलाकों के मिठाई और राखी की दुकानों में खरीदारों का मजमा लगा रहा।
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मजहब से इतर भाई-बहन का दिखा प्रेम
डीह। रक्षाबंधन बंधन पर्व पर मजहब से इतर भाई बहन के प्रेम की मिसाल हर साल कस्बे में दिखती है। 20 किलोमीटर दूर से आकर सुनीता अपने मुस्लिम भाई सोनू अंसारी को राखी बांधती हैं। कस्बा निवासी सोनू अंसारी की दुकान और सुनीता के पिता की दुकान आमने-सामने थी। इस कारण सुनीता सोनू को अपना भाई मानने लगी। सोनू सराफा का काम करते हैं। करीब 15 वर्ष से सुनीता रक्षाबंधन पर सोनू को राखी बांधती आ रही हैं। सुनीता की शादी जगतपुर में हुई है लेकिन सुनीता हर रक्षाबंधन पर्व पर अपने मायके आकर अपने भाइयों के साथ सोनू अंसारी की दुकान पर जाकर राखी बांधती हैं।

मुराईबाग कस्बा में रक्षाबंधन पर भाई को राखी बांधती बहन।

मुराईबाग कस्बा में रक्षाबंधन पर भाई को राखी बांधती बहन।