फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Raebareli News ›   पंचायतों ने डकारा 300 प्रसाधनों का धन

पंचायतों ने डकारा 300 प्रसाधनों का धन

Thu, 12 Jun 2014 05:31 AM IST
Raebareli
Raebareli Updated Thu, 12 Jun 2014 05:31 AM IST
विज्ञापन
रायबरेली। गांवों में प्रसाधन निर्माण को मिलने वाले करोड़ों के बजट का वारान्यारा हो रहा है। जिले की 16 ग्राम पंचायतों के कर्मचारियों व ग्राम प्रधानों ने करीब 300 प्रसाधन कक्ष निर्माण के लिए मिले सवा पांच लाख रुपये से अधिक की राशि डकार ली है। लोकायुक्त कार्यालय की पड़ताल में यह घोटाला उजागर हुआ है। घोटाला पकड़ में आने के बाद प्रधानों और ग्राम पंचायत व विकास अधिकारियों से वसूली की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
विज्ञापन

केंद्र व राज्य सरकार घर में ही नित्यक्रिया की व्यवस्था के लिए हर साल अरबों रुपये खर्च करके प्रसाधन कक्षों की व्यवस्था कराने का प्रयास कर रही हैं। इस कार्य में जिले में पिछलेे साल आठ करोड़ रुपये खर्च किए गए। इस साल भी करीब 10 करोड़ रुपये से प्रसाधन बनाने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक प्रसाधन निर्माण में 20 करोड़ से अधिक राशि खर्च की गई है। वर्ष 2008 से 2012 के बीच जिले में प्रसाधन निर्माण में बड़ा घोटाला हुआ है। मामले में लोकायुक्त प्रशासन के यहां परिवाद किया गया था। लोकायुक्त कार्यालय की पड़ताल में जिले के 16 ग्राम पंचायतों में पांच लाख 33 हजार 643 रुपये का गबन पकड़ में आया है। ग्राम पंचायतों ने शासन से धन तो ले लिया, लेकिन फर्जी बिल वाउचर लगाकर राशि को डकार लिया। यही वजह है कि अब तक प्रसाधन कक्षों का निर्माण नहीं हो सका है। घोटाला उजागर होने के बाद ग्राम पंचायत व विकास अधिकारियों के साथ ही प्रधानों से भी वसूली की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। हालांकि जिले की और ग्राम पंचायतों में भी लाखों का घोटाला होने की आशंका है। जांच में जल्द ही इसकी की पुष्टि होने वाली है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed