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नियमों के विपरीत बस रहीं अवैध बस्तियां, आरडीए बेखबर
Updated Sat, 12 May 2018 12:32 AM IST
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बस रहीं अवैध बस्तियां, बेखबर आरडीए
रायबरेली। शहर की कीमती जमीनों पर भूमाफिया और प्रापर्टी डीलरों की नजर है। नियमों को ताक पर रखकर प्लाटिंग कर अवैध बस्तियां बसाई जा रही हैं।
इसके बाद भी आरडीए और तहसील के अफसर चुप्पी साधे बैठे हैं। खास बात यह कि सई नदी के किनारे ग्रीन लैंड पर अवैध प्लाटिंग कर करोड़ों का वारा-न्यारा हो रहा है।
आरडीए की ओर से अब तक प्लाटिंग के खेल में लगे भूमाफिया पर शिकंजा नहीं कसा जा सका है, जिससे जमीन का धंधा बेखौफ चल रहा है।
शहर में लोगों से सस्ते रेट में जमीन लेकर उसे महंगे रेट में बेचने का खेल चल रहा है। यहां किसानों व अन्य लोगों से एग्रीमेंट के माध्यम से भी जमीन ली जा रही है और प्लाटिंग कर महंगे रेट में बेचकर मुनाफा कमाया जा रहा है।
नियम तो है कि प्लाटिंग करने से पहले प्रापर्टी डीलरों को आरडीए से जमीन का ले-आउट पास कराना चाहिए। बिना ले-आउट पास कराए प्लाटिंग को अवैध माना जाएगा।
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रायबरेली। शहर की कीमती जमीनों पर भूमाफिया और प्रापर्टी डीलरों की नजर है। नियमों को ताक पर रखकर प्लाटिंग कर अवैध बस्तियां बसाई जा रही हैं।
इसके बाद भी आरडीए और तहसील के अफसर चुप्पी साधे बैठे हैं। खास बात यह कि सई नदी के किनारे ग्रीन लैंड पर अवैध प्लाटिंग कर करोड़ों का वारा-न्यारा हो रहा है।
आरडीए की ओर से अब तक प्लाटिंग के खेल में लगे भूमाफिया पर शिकंजा नहीं कसा जा सका है, जिससे जमीन का धंधा बेखौफ चल रहा है।
शहर में लोगों से सस्ते रेट में जमीन लेकर उसे महंगे रेट में बेचने का खेल चल रहा है। यहां किसानों व अन्य लोगों से एग्रीमेंट के माध्यम से भी जमीन ली जा रही है और प्लाटिंग कर महंगे रेट में बेचकर मुनाफा कमाया जा रहा है।
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नियम तो है कि प्लाटिंग करने से पहले प्रापर्टी डीलरों को आरडीए से जमीन का ले-आउट पास कराना चाहिए। बिना ले-आउट पास कराए प्लाटिंग को अवैध माना जाएगा।