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एक ही रेलवे ट्रैक पर 29 को दौड़ेंगे दो बड़े अफसर
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रायबरेली। रेल महकमा इन दिनों दो बड़े अफसरों के निरीक्षण को लेकर परेशान है। उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक टीपी सिंह का 29 मार्च को निरीक्षण कार्यक्रम तो काफी पहले से तय था, लेकिन मुख्य संरक्षा आयुक्त एसके पाठक के निरीक्षण को लेकर उहापोह की स्थिति थी। अब सीआरएस का कार्यक्रम तय हो गया है और वह भी 29 मार्च को ही आएंगे। इससे रेलवे विभाग के अफसरों के साथ ही रेल विकास निगम लिमिटेड के अधिकारियों के भी हाथ-पैर फूलने लगे हैं। दोनों बड़े अफसरों की ट्रेनें एक ही रेलवे ट्रैक पर फर्राटा भरेंगी।
उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक प्रयाग से प्रतापगढ़ होते हुए रायबरेली तक का निरीक्षण करेंगे। प्रयाग में निरीक्षण करने के बाद जीएम टीम के साथ स्पेशल ट्रेन से प्रतापगढ़ पहुंचेंगे, जहां निरीक्षण करने के बाद रायबरेली आएंगे। रायबरेली में शाम चार बजे जीएम के पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है, लेकिन दूसरी तरफ सीआरएस का निरीक्षण श्रीराज नगर से शुरू होकर रायबरेली होते हुए गौरीगंज तक चलेगा। इससे जीएम की स्पेशल ट्रेन को किसी न किसी स्टेशन पर कुछ देर के लिए रोकना पड़ सकता है।
सीआरएस के निरीक्षण को देखते हुए आरवीएनएल के अधिकारी भी तैयारी में लगे हुए हैं। स्टेशन अधीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि जीएम के निरीक्षण को देखते हुए तैयारियां चल रही हैं। जीएम के साथ लखनऊ मंडल के सभी अधिकारी टीम के साथ आएंगे, जो स्टेशन के चप्पे-चप्पे का निरीक्षण करेंगे।
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श्रीराज नगर में होगी पूजा, फिर चेक होंगे हर पॉइंट
रेल विकास निगम लिमिटेड के प्रबंधक जगन्नाथ मिश्र ने बताया कि सीआरएस का निरीक्षण कार्यक्रम सुबह 9 बजे पूजा पाठ से शुरू होगा। वह स्पेशल ट्रेन से श्रीराज नगर पहुंचेंगे, जहां पूजा का कार्यक्रम होगा। इसके बाद ट्रालियों से ट्रैक पर चलेंगे और पॉइंट चेक करते हुए बछरावां और फिर कुंदनगंज पहुंचेंगे। कुंदनगंज में सीआरएस और उनकी टीम स्पेशल ट्रेन पर सवार हो जाएगी। इसके बाद गौरीगंज तक हर स्टेशन पर रुकने के साथ ही बीच के सभी पॉइंट का बारीकी से ट्रायल लेगी। सीआरएस के निरीक्षण के बाद उनकी मुहर लगते ही श्रीराज नगर से गौरीगंज तक विद्युतीकृत लाइन पर इलेक्ट्रिक इंजन के साथ ट्रेन दौड़ाने की हरी झंडी मिल जाएगी।
विद्युतीकरण व दोहरीकरण पूरा नहीं, शताब्दी चलाने की मांग
लखनऊ-वाराणसी वाया रायबरेली रेल लाइन का विद्युतीकरण और दोहरीकरण कार्य अभी पूरा नहीं हुआ है, लेकिन इस रूट पर शताब्दी जैसी ट्रेन चलाने की मांग उठने लगी है। जोनल रेलवे प्रयोक्ता सलाहकार समिति के सदस्य डॉ. विवेक कुमार शुक्ला ने उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक को भेजे पत्र में कहा है कि दिल्ली के लिए शाम को सिर्फ दो ट्रेनें काशी विश्वनाथ और पद्मावत एक्सप्रेस हैं। इसलिए रायबरेली से दिल्ली के लिए एक एसी चेयर कार या शताब्दी ट्रेन चलवाई जाए।
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उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक प्रयाग से प्रतापगढ़ होते हुए रायबरेली तक का निरीक्षण करेंगे। प्रयाग में निरीक्षण करने के बाद जीएम टीम के साथ स्पेशल ट्रेन से प्रतापगढ़ पहुंचेंगे, जहां निरीक्षण करने के बाद रायबरेली आएंगे। रायबरेली में शाम चार बजे जीएम के पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है, लेकिन दूसरी तरफ सीआरएस का निरीक्षण श्रीराज नगर से शुरू होकर रायबरेली होते हुए गौरीगंज तक चलेगा। इससे जीएम की स्पेशल ट्रेन को किसी न किसी स्टेशन पर कुछ देर के लिए रोकना पड़ सकता है।
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सीआरएस के निरीक्षण को देखते हुए आरवीएनएल के अधिकारी भी तैयारी में लगे हुए हैं। स्टेशन अधीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि जीएम के निरीक्षण को देखते हुए तैयारियां चल रही हैं। जीएम के साथ लखनऊ मंडल के सभी अधिकारी टीम के साथ आएंगे, जो स्टेशन के चप्पे-चप्पे का निरीक्षण करेंगे।
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श्रीराज नगर में होगी पूजा, फिर चेक होंगे हर पॉइंट
रेल विकास निगम लिमिटेड के प्रबंधक जगन्नाथ मिश्र ने बताया कि सीआरएस का निरीक्षण कार्यक्रम सुबह 9 बजे पूजा पाठ से शुरू होगा। वह स्पेशल ट्रेन से श्रीराज नगर पहुंचेंगे, जहां पूजा का कार्यक्रम होगा। इसके बाद ट्रालियों से ट्रैक पर चलेंगे और पॉइंट चेक करते हुए बछरावां और फिर कुंदनगंज पहुंचेंगे। कुंदनगंज में सीआरएस और उनकी टीम स्पेशल ट्रेन पर सवार हो जाएगी। इसके बाद गौरीगंज तक हर स्टेशन पर रुकने के साथ ही बीच के सभी पॉइंट का बारीकी से ट्रायल लेगी। सीआरएस के निरीक्षण के बाद उनकी मुहर लगते ही श्रीराज नगर से गौरीगंज तक विद्युतीकृत लाइन पर इलेक्ट्रिक इंजन के साथ ट्रेन दौड़ाने की हरी झंडी मिल जाएगी।
विद्युतीकरण व दोहरीकरण पूरा नहीं, शताब्दी चलाने की मांग
लखनऊ-वाराणसी वाया रायबरेली रेल लाइन का विद्युतीकरण और दोहरीकरण कार्य अभी पूरा नहीं हुआ है, लेकिन इस रूट पर शताब्दी जैसी ट्रेन चलाने की मांग उठने लगी है। जोनल रेलवे प्रयोक्ता सलाहकार समिति के सदस्य डॉ. विवेक कुमार शुक्ला ने उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक को भेजे पत्र में कहा है कि दिल्ली के लिए शाम को सिर्फ दो ट्रेनें काशी विश्वनाथ और पद्मावत एक्सप्रेस हैं। इसलिए रायबरेली से दिल्ली के लिए एक एसी चेयर कार या शताब्दी ट्रेन चलवाई जाए।