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गहमागहमी के बीच 281 शिक्षकों की काउंसलिंग
Updated Tue, 17 Jul 2018 11:49 PM IST
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रायबरेली। बेसिक शिक्षा परिषद में अंतर्जनपदीय स्थानांतरण के तहत गैर जिलों से आए 281 शिक्षकों ने मंगलवार को स्कूल लॉक किए।
डायट में सुबह 11 बजे बीएसए पीएन सिंह की देखरेख में गहमागहमी के बीच काउंसलिंग शुरू हुई। इसमें पहले दिव्यांग और फिर महिलाओं को स्कूल लॉक करने के लिए मौका दिया गया। स्कूल लॉक कर किसी का चेहरा खिल गया तो तमाम शिक्षक मायूस दिखे।
गैर जिलों से स्थानांतरित होकर 281 शिक्षक-शिक्षिकाएं यहां आए हैं। तैनाती पाने के इंतजार में बैठे शिक्षकों में प्राथमिक विद्यालय के 214 सहायक अध्यापक, 14 प्रधानाध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय के 53 सहायक अध्यापक (गणित-14, विज्ञान-28 व अन्य-11) शामिल हैं।
मंगलवार को डायट में शिक्षकों को स्कूल आवंटित करने के लिए सुबह 11 बजे से काउंसलिंग शुरू हुई। बीईओ मुख्यालय वीरेंद्र कनौजिया समेत पांच खंड शिक्षा अधिकारियों की निगरानी में काउंसलिंग कराई गई।
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सूची के हिसाब से एक-एक शिक्षक को अंदर बुलाकर स्कूल लॉक करने का मौका दिया गया। शुरू में तो स्कूल लॉक करने वाले शिक्षकों के चेहरे खुश दिखे, लेकिन जैसे-जैसे सूची में स्कूलों की संख्या कम होती गई वैसे-वैसे शिक्षक मायूस होते दिखे।
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डायट में सुबह 11 बजे बीएसए पीएन सिंह की देखरेख में गहमागहमी के बीच काउंसलिंग शुरू हुई। इसमें पहले दिव्यांग और फिर महिलाओं को स्कूल लॉक करने के लिए मौका दिया गया। स्कूल लॉक कर किसी का चेहरा खिल गया तो तमाम शिक्षक मायूस दिखे।
गैर जिलों से स्थानांतरित होकर 281 शिक्षक-शिक्षिकाएं यहां आए हैं। तैनाती पाने के इंतजार में बैठे शिक्षकों में प्राथमिक विद्यालय के 214 सहायक अध्यापक, 14 प्रधानाध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय के 53 सहायक अध्यापक (गणित-14, विज्ञान-28 व अन्य-11) शामिल हैं।
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मंगलवार को डायट में शिक्षकों को स्कूल आवंटित करने के लिए सुबह 11 बजे से काउंसलिंग शुरू हुई। बीईओ मुख्यालय वीरेंद्र कनौजिया समेत पांच खंड शिक्षा अधिकारियों की निगरानी में काउंसलिंग कराई गई।
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सूची के हिसाब से एक-एक शिक्षक को अंदर बुलाकर स्कूल लॉक करने का मौका दिया गया। शुरू में तो स्कूल लॉक करने वाले शिक्षकों के चेहरे खुश दिखे, लेकिन जैसे-जैसे सूची में स्कूलों की संख्या कम होती गई वैसे-वैसे शिक्षक मायूस होते दिखे।