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हरदासपुर माइनर की पटरी कटी, 50 बीघे धान की बेड़न में भरा पानी
Updated Sat, 09 Jun 2018 11:48 PM IST
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हरदासपुर माइनर की पटरी कटी, 300 बीघे खेत जलमग्न
रायबरेली। सिंचाई विभाग की लापरवाही किसानों पर भारी पड़ रही है। अभी तक पानी का संकट था। अब पानी बरसा तो माइनर भी उफान मारने लगीं।
शुक्रवार रात अमावां से होकर गुजरी हरदासपुर माइनर कटने से 50 बीघे में डाली गई धान की बेड़न डूब गई। करीब 300 बीघे खेत पानी से लबालब हो गए।
इनमें धान की बेड़न लगाई जानी थी। जानकारी होने पर सिंचाई विभाग ने माइनर का पानी रोक कर कटान बांधने का काम शुरू कर दिया है।
शारदा सहायक नहर से निकली हरदासपुर माइनर में हाल में पानी छोड़ा गया। माइनर की सफाई और जर्जर पटरियां ठीक नहीं कराई गईं।
इसी वजह से डिडौली गांव के पास माइनर की पटरी कट गई। सुबह जब किसान खेतों की तरफ गए तो पानी भरा रहा। किसानों ने कटान को बांधने का प्रयास किया, लेकिन बहाव तेज होने के चलते वह कटान को नहीं बांध सके।
कुछ ही देर में आसपास से सैकड़ों बीघा खेत पानी से लबालब हो गए। ग्रामीणों ने बताया कि खेतों में पानी भरने से धान की रोपाई प्रभावित हो सकती है। वहीं कई खेतों में लगी बेड़न भी सड़ सकती है।
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रायबरेली। सिंचाई विभाग की लापरवाही किसानों पर भारी पड़ रही है। अभी तक पानी का संकट था। अब पानी बरसा तो माइनर भी उफान मारने लगीं।
शुक्रवार रात अमावां से होकर गुजरी हरदासपुर माइनर कटने से 50 बीघे में डाली गई धान की बेड़न डूब गई। करीब 300 बीघे खेत पानी से लबालब हो गए।
इनमें धान की बेड़न लगाई जानी थी। जानकारी होने पर सिंचाई विभाग ने माइनर का पानी रोक कर कटान बांधने का काम शुरू कर दिया है।
शारदा सहायक नहर से निकली हरदासपुर माइनर में हाल में पानी छोड़ा गया। माइनर की सफाई और जर्जर पटरियां ठीक नहीं कराई गईं।
इसी वजह से डिडौली गांव के पास माइनर की पटरी कट गई। सुबह जब किसान खेतों की तरफ गए तो पानी भरा रहा। किसानों ने कटान को बांधने का प्रयास किया, लेकिन बहाव तेज होने के चलते वह कटान को नहीं बांध सके।
कुछ ही देर में आसपास से सैकड़ों बीघा खेत पानी से लबालब हो गए। ग्रामीणों ने बताया कि खेतों में पानी भरने से धान की रोपाई प्रभावित हो सकती है। वहीं कई खेतों में लगी बेड़न भी सड़ सकती है।
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