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लोगों को रोककर खिलाई फाइलेरिया की दवा
Updated Wed, 20 Dec 2017 12:34 AM IST
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लोगों को रोककर खिलाई फाइलेरिया की दवा
रायबरेली। लोगों को फाइलेरिया से बचाने के लिए मंगलवार से तीन दिवसीय अभियान शुरू हो गया। सीएमओ डॉ. डीके सिंह ने सीडीओ देवेंद्र पांडेय, डीसी मनरेगा अनिल सिंह को दवा खिलाकर अभियान शुरू कराया। जिला अस्पताल के वार्डों में पहुंचकर अपने सामने रोगियों व अन्य लोगों को दवा खिलाई। सीएमओ के अलावा सीएमएस डॉ. एनके श्रीवास्तव, एसीएमओ डॉ. एसके चक, नागेंद्र प्रसाद आदि ने भी दवा खायी।
कार्यक्रम की शुरूआत करते हुए सीएमओ ने कहा कि इस दवा के सेवन से शरीर फाइलेरिया के परजीवी नष्ट हो जाते हैं। इसका सेवन 25 लाख लोगों को करना है। गर्भवती महिलाओं, बीमार लोगों के साथ ही दो साल से कम उम्र के बच्चों को यह दवा नहीं खानी है। शेष सभी लोगों को यह दवा खानी है। इस दवा के सेवन से फाइलेरिया होने की उम्मीद बहुत कम हो जाती है।
सीएमओ के नेतृत्व में टीम ने जिला अस्पताल के वार्डों में पहुंचकर लोगों को फालेरिया की दवा खिलाई। लोगों को इस दवा के लाभ के बारे में भी बताया। सीएमआ कार्यालय में जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी अंजली सिंह, डीएस अस्थाना, फैजल, एके चौधरी, अरुण कुमार राय, ज्ञान पांडेय आदि ने भी फाइलेरिया की दवा खायी। जिले की सभी सीएचसी में आए लोगों को भी फाइलेरिया की दवा खिलाई गई। इसके अलावा गांवों में टीमों ने पहुंचकर लोगों को दवा खिलाई। 21 दिसंबर तक जिले में 25 लाख लोगों को यह दवा खिलानी है। अभियान में दो से पांच वर्ष के बच्चों को डीईसी व एलबेंडाजॉल की एक-एक गोली खिलाई जाएगी। सीएमओ डॉ. डीके सिंह ने बताया कि छह से 14 वर्ष के बच्चों को डीईसी की दो और एलबेंडाजॉल की एक गोली खिलाई जाएगी। 15 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों को डीईसी की तीन व एलबेंडाजॉल की एक गोली एक साथ खिलाई जाएगी। लोगोें को फाइलेरिया की दवा खिलाने में आशा बहू, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, एएनएम के साथ ही एनजीओ की टीमों को भी शामिल किया गया है। जिले में इसकेे लिए 3346 टीमें बनाई गई हैं।
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रायबरेली। लोगों को फाइलेरिया से बचाने के लिए मंगलवार से तीन दिवसीय अभियान शुरू हो गया। सीएमओ डॉ. डीके सिंह ने सीडीओ देवेंद्र पांडेय, डीसी मनरेगा अनिल सिंह को दवा खिलाकर अभियान शुरू कराया। जिला अस्पताल के वार्डों में पहुंचकर अपने सामने रोगियों व अन्य लोगों को दवा खिलाई। सीएमओ के अलावा सीएमएस डॉ. एनके श्रीवास्तव, एसीएमओ डॉ. एसके चक, नागेंद्र प्रसाद आदि ने भी दवा खायी।
कार्यक्रम की शुरूआत करते हुए सीएमओ ने कहा कि इस दवा के सेवन से शरीर फाइलेरिया के परजीवी नष्ट हो जाते हैं। इसका सेवन 25 लाख लोगों को करना है। गर्भवती महिलाओं, बीमार लोगों के साथ ही दो साल से कम उम्र के बच्चों को यह दवा नहीं खानी है। शेष सभी लोगों को यह दवा खानी है। इस दवा के सेवन से फाइलेरिया होने की उम्मीद बहुत कम हो जाती है।
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सीएमओ के नेतृत्व में टीम ने जिला अस्पताल के वार्डों में पहुंचकर लोगों को फालेरिया की दवा खिलाई। लोगों को इस दवा के लाभ के बारे में भी बताया। सीएमआ कार्यालय में जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी अंजली सिंह, डीएस अस्थाना, फैजल, एके चौधरी, अरुण कुमार राय, ज्ञान पांडेय आदि ने भी फाइलेरिया की दवा खायी। जिले की सभी सीएचसी में आए लोगों को भी फाइलेरिया की दवा खिलाई गई। इसके अलावा गांवों में टीमों ने पहुंचकर लोगों को दवा खिलाई। 21 दिसंबर तक जिले में 25 लाख लोगों को यह दवा खिलानी है। अभियान में दो से पांच वर्ष के बच्चों को डीईसी व एलबेंडाजॉल की एक-एक गोली खिलाई जाएगी। सीएमओ डॉ. डीके सिंह ने बताया कि छह से 14 वर्ष के बच्चों को डीईसी की दो और एलबेंडाजॉल की एक गोली खिलाई जाएगी। 15 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों को डीईसी की तीन व एलबेंडाजॉल की एक गोली एक साथ खिलाई जाएगी। लोगोें को फाइलेरिया की दवा खिलाने में आशा बहू, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, एएनएम के साथ ही एनजीओ की टीमों को भी शामिल किया गया है। जिले में इसकेे लिए 3346 टीमें बनाई गई हैं।
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