फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Raebareli News ›   कृष्ण लीला में दिखते हैं मानव जीवन के स्वभाव और व्यवहार

कृष्ण लीला में दिखते हैं मानव जीवन के स्वभाव और व्यवहार

Fri, 24 Nov 2017 01:18 AM IST
Updated Fri, 24 Nov 2017 01:18 AM IST
विज्ञापन
कृष्ण लीला में दिखते हैं मानव जीवन के स्वभाव और व्यवहार
कृष्ण लीला में दिखते मानव जीवन के स्वभाव व व्यवहार
विज्ञापन

रायबरेली। श्रीकृष्ण भगवान के लीला चरणों में मानव जीवन के सभी स्वभावों और व्यवहारों का स्पर्श दिखाई देता है। भगवान की शिशु लीला, किशोर लीला या युवावस्था की वैवाहिक आदि लीलाएं समाहित हैं। यह विचार स्वामी सूर्य प्रबोधाश्रम (स्वामी स्वात्मानंद) ने सर्वोदय नगर में चल रहे सतचंडी महायज्ञ एवं श्रीमद्भागवत हृदय नवाह्न परायण कथा के आठवें दिन व्यक्त किए।

उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण में वैवाहिक जीवन के संबंध में जो भी वर्णन है, उसमें गूढ़ दार्शनिक तत्व सन्निहित है। जो वरा करने योग्य है, वही वर है। वर शब्द श्रेष्ठता का भी वाचक है। महापुराण में वर्णित वर ब्रह्म तत्व है। भगवत भक्तों ने वर को दूल्हा रूप में सजाया है। उन्होंने कहा कि रुक्मिणी ने भगवान कृष्ण को पत्र लिखकर स्वयं को लिवा ले जाने का निवेदन किया था। रुक्मिणी के इस व्यवहार में समाज और मर्यादाओं का अतिक्रमण नहीं है, क्योंकि रुक्मिणी के इस प्रयास को उनके पिता, गुरु, आचार्यों, परिवारीजनों आदि सभी का अनुमोदन प्राप्त था। इस मौके पर प्रशांत बाजपेई, गरिमा बाजपेई, विनय पांडेय, मनोज पांडेय, अवध नरेश पांडेय आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed