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Raebareli News: 5.45 लाख पात्रों को अब तक नहीं मिला आयुष्मान कार्ड

Wed, 30 Apr 2025 12:52 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली Updated Wed, 30 Apr 2025 12:52 AM IST
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5.45 lakh eligible people have not received Ayushman card yet
रायबरेली। जिले में 14.70 लाख लोगों को पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा देने के लिए चुना गया है। हालांकि इसमें अब तक 5.45 लाख लोगों को गोल्डन कार्ड नहीं मिले हैं। इसमें 45 हजार से अधिक लोगों के गोल्डन कार्ड के आवेदन पोर्टल में ही फंसे हैं। अब तक जिले में 60 हजार लोगों को ही कैशलेस इलाज का लाभ मिला है। जिले के सभी सरकारी अस्पतालों के साथ ही 11 निजी अस्पतालों को कैशेलस इलाज की सुविधा देने के लिए चुना गया है।
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जिले में गरीबों को समुचित इलाज की सुविधा देने के लिए प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना संचालित की गई है। योजना के तहत जिले में 14.70 लाख गरीबों को पांच लाख से अधिक की कैशलेस इलाज की सुविधा दी जानी है। अब तक जिले में 9.25 लाख गरीबों को गोल्डन कार्ड मिल सके हैं, जबकि 14.70 लाख गरीबों को गोल्डन कार्ड मिलना है। तमाम प्रयासों के बाद भी शत प्रतिशत पात्रों को कार्ड नहीं मिल सके हैं।
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गांवों में लोग गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी कराते हुए आवेदन करते हैं। इनमें से किसी का कार्ड पेंडिंग में चला जा रहा है तो किसी का रिजेक्ट हो जा रहा है। पेंडिंग व रिजेक्ट की दशा में दोबारा आवेदन भी नहीं हो पा रहा है। जिला मुख्यालय पर संशोधन की सुविधा न होने के कारण गरीबों को भटकना पड़ रहा है।
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रोजाना लोग शिकायत लेकर सीएमओ कार्यालय पहुंच रहे हैं। यहां भी उनकी समस्या दूर नहीं हो पा रही है। शिकायतों को लखनऊ मुख्यालय रेफर कर दिया जाता है। निदेशालय के स्तर से पेंडिंग व रिजेक्ट डाटा पोर्टल से न हटाए जाने के कारण गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए लोग दोबारा आवेदन भी नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में तमाम मरीज, जिन्हें अपना इलाज करवाना है वो गोल्डन कार्ड न बन पाने के कारण परेशान हैं। जिले में अब तक करीब 60 लाख गरीबों को ही योजना का लाभ मिल सका है।


जिले में अधिक से अधिक गोल्डन कार्डधारकों को कैशलेस इलाज का लाभ दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। सभी सीएचसी में गोल्डन कार्ड बनाने का काम चल रहा है। 70 साल से अधिक उम्र के बुजुर्ग अपने मोबाइल से भी आवेदन करके गोल्डन कार्ड बनवा सकते हैं।
डॉ. नवीनचंद्रा, सीएमओ
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