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राजकीय कॉलेजों में 50 फीसदी शिक्षक कम, कैसे पढ़ेंगे विद्यार्थी

Sun, 02 Jan 2022 09:30 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 02 Jan 2022 09:30 PM IST
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50 percent less teachers in government colleges, how students will study
बच्चे 1700 और शिक्षक महज चार
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डीह। राजकीय इंटर कॉलेज में छात्र-छात्राओं की संख्या लगभग 1700 है, लेकिन इन्हें पढ़ाने के लिए महज चार शिक्षक तैनात हैं। यहां प्रवक्ता के आठ और सहायक अध्यापकों के 10 पद रिक्त हैं। ऐसे में सभी कक्षाएं एक साथ चल पाना संभव नहीं है। प्रधानाचार्य डॉ. रजनीश प्रकाश तिवारी का कहना है कि शिक्षकों की कमी के बारे में कई बार उच्चाधिकारियों को पत्र भेजे जा चुके हैं।
आठ सौ बच्चों की पढ़ाई रामभरोसे
बछरावां। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में लगभग 800 बच्चों की पढ़ाई-लिखाई रामभरोसे चल रही है। यहां प्रवक्ता के सात और सहायक अध्यापकों के आठ पद रिक्त हैं। प्रधानाचार्य का पद भी खाली है। पुष्पावती देवी बतौर प्रभारी प्रधानाचार्य का दायित्व संभाल रही हैं। वह बताती हैं कि शिक्षकों की कमी के बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है।
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पांच सौ बच्चों को पढ़ाते तीन शिक्षक
सलोन। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में लगभग 500 बच्चे पढ़ते हैं, लेकिन इन्हें पढ़ाने के लिए महज तीन अध्यापकों की तैनाती है। यहां पर एक प्रधानाचार्य, नौ प्रवक्ता और सात सहायक अध्यापकों के पद रिक्त हैं। काफी अरसे से शिक्षकों के पद खाली होने से पढ़ाई प्रभावित है। प्रभारी प्रधानाचार्य मीनाक्षी गुप्ता ने कहा कि उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जा चुकी है।
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रायबरेली। जिले के सभी 41 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों का हाल बेहाल है। विद्यालयों में बच्चों की संख्या तो अधिक है, लेकिन उन्हें पढ़ाने वाले अध्यापकों की कमी है। यह संकट कोई नया नहीं है। काफी अरसे से शिक्षकों के संकट से जूझ रहे विद्यालयों के बच्चों की पढ़ाई बाधित है।
लगभग 50 फीसदी पद खाली हैं, जिससे कॉलेजों में एक साथ सभी कक्षाएं नहीं चल पाती हैं। एक कक्षा में अध्यापक पढ़ाने पहुंच जाए तो दूसरी कक्षा के बच्चे टहलने लगते हैं।
शिक्षकों पर बच्चों को पढ़ाने के साथ ही विभागीय कामकाज और अन्य कार्यों का जिम्मा भी रहता है, जिससे नियमित कक्षाएं नहीं चल पाती हैं। वर्तमान में जिले के 41 राजकीय कॉलेजों में सिर्फ 19 में ही प्रधानाचार्य की तैनाती है। बाकी स्कूलों में प्रधानाचार्य पद रिक्त हैं।
प्रधानाचार्य का दायित्व प्रवक्ता या सहायक अध्यापक संभाल रहे हैं। राजकीय कॉलेजों में प्रवक्ता के 234 पद सृजित हैं, जिनमें से 187 पदों पर प्रवक्ता कार्यरत हैं। सबसे ज्यादा खराब स्थिति सहायक अध्यापक पद की है। सहायक अध्यापकों के 399 पद सृजित हैं, जिनमें से इस समय 183 सहायक अध्यापक कार्यरत हैं।

राजकीय विद्यालयों में कार्यरत स्टाफ और रिक्त पदों का ब्योरा समय-समय पर उच्चाधिकारियों को भेजा जाता है। नए शिक्षकों की तैनाती भी होती रहती है। पठन-पाठन का माहौल बेहतर बनाए रखने का पूरा प्रयास होता है। इसमें किसी तरह की कोई लापरवाही नहीं बरती जा रही है।
-ओमकार राणा, डीआईओएस
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