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5.40 लाख कार्डधारकों को नहीं मिलेगी कोटे की चीनी
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे
Updated Tue, 28 Mar 2017 12:02 AM IST
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sugar
- फोटो : getty images
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सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों से गरीबों को मिलने वाले सस्ते अनाज पर कटौती कर दी गई है। शासन की ओर से अप्रैल में शासन ने पात्र और अंत्योदय परिवारों को मिलने वाली चीनी पर सब्सिडी बंद कर दी है। ऐसे में 5.40 लाख कार्डधारकों को चीनी नहीं मिलेगी। अब उन्हें चावल, गेहूं और केरोसिन से ही काम चलाना पड़ेगा।
जिले में पांच लाख 40 हजार पात्र परिवार और अंत्योदय कार्डधारक है। हर महीने इन कार्डधारकों को गेहूं, चावल, केरोसिन के साथ चीनी भी दी जाती है। अभी तक प्रति माह 565 एमटी चीनी का आवंटन विभाग को होता था। शासन की ओर से अप्रैल में चीनी पर सब्सिडी बंद कर दी गई है।
आपूर्ति विभाग की ओर से कोटेदारों से उठान के लिए इस बार चीनी की धनराशि नहीं जमा कराई गई। वहीं अब चीनी पर ब्रेक लगने से आर्थिक तंगी से जूझना पड़ेगा। शासन के इस फैसले का असर गरीब परिवारों पर पड़ेगा। इससे अब उन्हें बाजार भाव में चीनी खरीदना पड़ेगा।
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शासन की ओर से चीनी की सब्सिडी बंद करने के फैसले से गरीब परिवारों को आर्थिक तंगी से जूझना पड़ सकता है। अभी तक कोटे से 13.50 रुपये में प्रति किग्रा चीनी मिलती थी। अब बाजार भाव 44 रुपये प्रति किग्रा में खरीदना पड़ेगा।
बीना देवी, वाफिया का कहना है कि एक तो पहले ही कम चीनी मिलती थी। अब बंद कर दी गई। इससे गरीब जनता ही परेशान होगी। संतोष सोनकर, सुंदरलाल का कहना है कि इससे गरीब परिवार की मुश्किल बढ़ जाएगी। ऐसा नहीं करना चाहिए।
जिला अापूर्ति अधिकारी एपी सिंह ने बताया कि शासन की ओर से चीनी की सब्सिडी समाप्त कर दी गई है। इसके कारण अब सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों से सस्ते दर में चीनी नहीं मिलेगी। सभी दुकानदारों स्टॉक बोर्ड पर चीनी की उपलब्धता शून्य दर्शाने के निर्देश दिए गए है। आपूर्ति निरीक्षकों को भी जिम्मेदारी सौंप दी गई है।
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जिले में पांच लाख 40 हजार पात्र परिवार और अंत्योदय कार्डधारक है। हर महीने इन कार्डधारकों को गेहूं, चावल, केरोसिन के साथ चीनी भी दी जाती है। अभी तक प्रति माह 565 एमटी चीनी का आवंटन विभाग को होता था। शासन की ओर से अप्रैल में चीनी पर सब्सिडी बंद कर दी गई है।
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आपूर्ति विभाग की ओर से कोटेदारों से उठान के लिए इस बार चीनी की धनराशि नहीं जमा कराई गई। वहीं अब चीनी पर ब्रेक लगने से आर्थिक तंगी से जूझना पड़ेगा। शासन के इस फैसले का असर गरीब परिवारों पर पड़ेगा। इससे अब उन्हें बाजार भाव में चीनी खरीदना पड़ेगा।
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शासन की ओर से चीनी की सब्सिडी बंद करने के फैसले से गरीब परिवारों को आर्थिक तंगी से जूझना पड़ सकता है। अभी तक कोटे से 13.50 रुपये में प्रति किग्रा चीनी मिलती थी। अब बाजार भाव 44 रुपये प्रति किग्रा में खरीदना पड़ेगा।
बीना देवी, वाफिया का कहना है कि एक तो पहले ही कम चीनी मिलती थी। अब बंद कर दी गई। इससे गरीब जनता ही परेशान होगी। संतोष सोनकर, सुंदरलाल का कहना है कि इससे गरीब परिवार की मुश्किल बढ़ जाएगी। ऐसा नहीं करना चाहिए।
जिला अापूर्ति अधिकारी एपी सिंह ने बताया कि शासन की ओर से चीनी की सब्सिडी समाप्त कर दी गई है। इसके कारण अब सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों से सस्ते दर में चीनी नहीं मिलेगी। सभी दुकानदारों स्टॉक बोर्ड पर चीनी की उपलब्धता शून्य दर्शाने के निर्देश दिए गए है। आपूर्ति निरीक्षकों को भी जिम्मेदारी सौंप दी गई है।