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Raebareli News: 4996 बच्चों व बुजुर्गों की आंखें कमजोर, मिलेगा चश्मा

Sun, 06 Apr 2025 12:21 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली Updated Sun, 06 Apr 2025 12:21 AM IST
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4996 children and elderly have weak eyesight, will get glasses
सीएमओ ऑफिस में रखे बच्चों के चश्मे। - फोटो : संवाद
रायबरली। अंधता निवारण कार्यक्रम के तहत स्कूलों में हुई जांच में 3429 बच्चों की आंखों में दृष्टि दोष मिला। किसी बच्चे में दूर की वस्तु देखने की समस्या मिली तो किसी को नजदीक देखने में दिक्कत थी। इसी तरह 1567 बुजर्गों की आंखों में भी समस्या है। जांच के बाद स्वास्थ्य विभाग ने 4996 दृष्टि दोष के रोगियों के लिए चश्मा मंगवाया है। जल्द ही बच्चों और बुजुर्गों को चश्मे का वितरण होगा।
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नेत्र रोगियों को राहत देने के लिए राष्ट्रीय अंधापन निवारण कार्यक्रम चल रहा है। सीएचसी की टीमें स्कूलों में पहुंचकर 14 साल से कम उम्र के बच्चों की आंखों की जांच करती हैं। जांच के साथ ही बच्चों में दवाओं का वितरण किया जाता है। जिले में जांच में 3429 बच्चों की आंखों में दृष्टि दोष मिला। बच्चों को पढ़ाई करने में समस्या हो रही है।
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दृष्टि दोष के बच्चों को शासन की ओर से निशुल्क चश्मा उपलब्ध कराया जाता है। 1567 बुजुर्गों को भी चश्मे के लिए चिह्नित किया गया है। चिह्नित नेत्र रोगियों के लिए चश्मा मंगवा लिया गया है। कई सीएचसी पर भी चश्मे पहुंच गए हैं। जल्द ही वितरण का काम शुरू होगा। सीएमओ डॉ. नवीनचंद्रा ने बताया कि चश्मों को सीएचसी में पहुंचाया जाएगा। चिह्नित बच्चों में चश्मों का वितरण होगा, जिससे उनकी समस्या दूर हो सके।
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स्कूलों में शिक्षक करेंगे निगरानी
स्वास्थ्य विभाग की ओर से विभिन्न स्कूलों से शिक्षकों को चयनित किया गया है। ये शिक्षक स्कूलों में दृष्टिदोष के बच्चों पर खास ध्यान देंगे, जिससे उन्हें पढ़ाई करने में समस्या न हो। बच्चों को चश्मा नियमित लगाने के लिए प्रेरित भी करेंगे। पढ़ाई के दौरान इस चश्मे का उपयोग करके छात्र-छात्राएं सहज महसूस कर पाएंगे।



नेत्र की समस्या से पढ़ाई होती है बाधित
एसीएमओ व अंधता निवारण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. शरद कुशवाहा ने बताया कि स्कूलों में नेत्र की समस्या के वजह से बच्चों की पढ़ाई बाधित होती है, इसलिए सरकार ने यह कदम उठाया है। बच्चों में दृष्टि दोष एक बड़ी समस्या है। ऐसे बच्चे क्लास में बोर्ड पर लिखा प्रश्न और उत्तर को नहीं लिख पाते हैं। यही कारण है कि ऐसे बच्चे पढ़ाई में पिछड़ते जाते हैं। अभिभावक और बच्चों दोनों इस नेत्र समस्या को नहीं पहचान पाते। ऐसे बच्चों को सिर में अक्सर दर्द भी रहता है, जो दृष्टि दोष का एक बड़ा कारण माना जाता है। चश्मे से बच्चों की समस्या दूर होगी।
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