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435 करोड़ की सीवरेज परियोजना को केंद्र की हरी झंडी
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 12 Jan 2016 11:58 PM IST
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नगर पालिका परिषद के बाशिंदों को सीवर की समस्या से जल्दी ही निजात मिल जाएगा। जल निगम की प्रस्तावित सीवरेज परियोजना को केंद्र सरकार से मंजूरी मिल गई है।
इसके लिए 435 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत कर लिया गया है। इसके तहत शहर के सभी मोहल्लों की सीवर लाइन, चेंबर के अलावा जगह-जगह सीवर ट्रीटमेंट प्लांट आदि कार्य कराए जाएंगे।
पहले फेज में कार्य के लिए जल्द ही टेंडर निकाले जाएंगे। इससे लोगों को समस्या से निजात मिल सकेगी। नगर पालिका परिषद के 31 वार्ड में करीब 250 मोहल्ले हैं।
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इनकी कुल आबादी एक लाख 91 हजार 56 है। वर्तमान में सीवर की समस्या से नागरिकों को दो-चार होना पड़ रहा है। करीब 70 फीसदी क्षेत्र में सीवर लाइन नहीं पड़ी है।
वहीं पुरानी सीवर लाइन जर्जर हो चुकी है। साथ ही उसकी क्षमता भी कम है। ऐसे में सीवर के ओवरफ्लो होकर सड़क पर गंदा पानी भरता है।
सभी मोहल्लों में सीवर डालने के लिए लेकर जल निगम की ओर से सीवरेज परियोजना का मसौदा तैयार कर राज्य सरकार और केंद्र सरकार को भेजा गया था।
हाल ही में प्रदेश सरकार की ओर से रायबरेली नगर पालिका परिषद का ‘अमृत योजना’ में चयन कर लिया गया। इसके बाद उत्तर प्रदेश जल निगम द्वितीय लखनऊ की ओर से भेजे गए प्रस्ताव को केंद्र सरकार ने हरी झंडी दे दी है।
सीवरेज परियोजना के लिए 435 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। शहर क्षेत्र में सीवर लाइन को दुरुस्त करने के लिए रूपरेखा तैयार कर ली गई है।
इसके तहत सभी वार्ड में करीब 268 किमी सीवर लाइन बिछाई जाएगी। साथ ही करीब 82 हजार कनेक्टिंग चेंबर बनेंगे। जरूरत के मुताबिक सीवर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण होगा।
नगर पालिका परिषद के चेयरमैन इलियास ने बताया कि शहर में सीवर की समस्या काफी बड़ी है। ‘अमृत योजना’ के तहत शासन स्तर से मंजूरी मिल चुकी है।
जल्द ही बजट मिलने की संभावना है। इससे शहर में जलभराव और सीवर की समस्या से सभी को राहत मिल जाएगी। उत्तर प्रदेश जल निगम के परियोजना प्रबंधक आरडी पाठककेंद्र सरकार की ओर से सीवरेज परियोजना को मंजूरी मिल चुकी है।
इसमें पुरानी लाइन को नई लाइन से जोड़ा जाएगा। बजट मिलने का इंतजार है। सरकार से धनराशि स्वीकृत होते ही काम शुरू करा दिया जाएगा। जल्द ही टेंडर भी निकलवाए जाएंगे।
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इसके लिए 435 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत कर लिया गया है। इसके तहत शहर के सभी मोहल्लों की सीवर लाइन, चेंबर के अलावा जगह-जगह सीवर ट्रीटमेंट प्लांट आदि कार्य कराए जाएंगे।
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पहले फेज में कार्य के लिए जल्द ही टेंडर निकाले जाएंगे। इससे लोगों को समस्या से निजात मिल सकेगी। नगर पालिका परिषद के 31 वार्ड में करीब 250 मोहल्ले हैं।
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इनकी कुल आबादी एक लाख 91 हजार 56 है। वर्तमान में सीवर की समस्या से नागरिकों को दो-चार होना पड़ रहा है। करीब 70 फीसदी क्षेत्र में सीवर लाइन नहीं पड़ी है।
वहीं पुरानी सीवर लाइन जर्जर हो चुकी है। साथ ही उसकी क्षमता भी कम है। ऐसे में सीवर के ओवरफ्लो होकर सड़क पर गंदा पानी भरता है।
सभी मोहल्लों में सीवर डालने के लिए लेकर जल निगम की ओर से सीवरेज परियोजना का मसौदा तैयार कर राज्य सरकार और केंद्र सरकार को भेजा गया था।
हाल ही में प्रदेश सरकार की ओर से रायबरेली नगर पालिका परिषद का ‘अमृत योजना’ में चयन कर लिया गया। इसके बाद उत्तर प्रदेश जल निगम द्वितीय लखनऊ की ओर से भेजे गए प्रस्ताव को केंद्र सरकार ने हरी झंडी दे दी है।
सीवरेज परियोजना के लिए 435 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। शहर क्षेत्र में सीवर लाइन को दुरुस्त करने के लिए रूपरेखा तैयार कर ली गई है।
इसके तहत सभी वार्ड में करीब 268 किमी सीवर लाइन बिछाई जाएगी। साथ ही करीब 82 हजार कनेक्टिंग चेंबर बनेंगे। जरूरत के मुताबिक सीवर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण होगा।
नगर पालिका परिषद के चेयरमैन इलियास ने बताया कि शहर में सीवर की समस्या काफी बड़ी है। ‘अमृत योजना’ के तहत शासन स्तर से मंजूरी मिल चुकी है।
जल्द ही बजट मिलने की संभावना है। इससे शहर में जलभराव और सीवर की समस्या से सभी को राहत मिल जाएगी। उत्तर प्रदेश जल निगम के परियोजना प्रबंधक आरडी पाठककेंद्र सरकार की ओर से सीवरेज परियोजना को मंजूरी मिल चुकी है।
इसमें पुरानी लाइन को नई लाइन से जोड़ा जाएगा। बजट मिलने का इंतजार है। सरकार से धनराशि स्वीकृत होते ही काम शुरू करा दिया जाएगा। जल्द ही टेंडर भी निकलवाए जाएंगे।