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शुल्क निर्धारण का अनुपालन कराने के लिए कसे स्कूलों के पेंच
Updated Sat, 12 May 2018 12:32 AM IST
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मनमानी फीस वसूली की तो खैर नहीं
रायबरेली। प्राइवेट स्कूलों में मनमानी फीस वसूली को लेकर सीडीओ सख्त दिखे। शुक्रवार को विकास भवन में स्कूल संचालकों की बैठक में उन्होंने कहा कि स्कूल-कॉलेजों में शुल्क निर्धारण के संबंध में सरकार की नई नीतियों का अनुपालन सख्ती से कराया जाए।
यदि किसी भी स्कूल ने मनमानी की और ज्यादा फीस वसूली तो उनकी खैर नहीं। उन्होंने स्कूल संचालकों को शुल्क निर्धारण की प्रति सौंपी।
बैठक में फिलहाल जिले के सभी सीबीएसई और आईसीएसई से संचालित विद्यालयों के प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों को बुलाया गया था।
माध्यमिक शिक्षा विभाग से जिला विद्यालय निरीक्षक गिरधारी लाल कोली और बेसिक शिक्षा विभाग से जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय कुमार शुक्ला ने शुल्क निर्धारण के संबंध में शासन की नीति और नियमों के बारे में विद्यालय संचालकों को विस्तार से बताया।
डीआईओएस ने बैठक के सभी बिंदुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अभिभावकों और बच्चों का आर्थिक शोषण न होने पाए, इसलिए शुल्क निर्धारण किया गया है।
बैठक में शशिकांत शर्मा, ए. सिद्धू, फादर लुईस मसकरेनस, विनीश, प्रमोद सिंह, बुद्धिराज, मनोज शर्मा, विनोद त्रिपाठी, जयेंदु मिश्रा, मनीष सोनी, नीतू गुप्ता आदि उपस्थित रहीं।
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बैठक में यूपी बोर्ड के स्कूलों को इसलिए नहीं बुलाया गया, क्योंकि यह मान लिया गया है कि इन स्कूलों में मनमानी फीस की वसूली नहीं होती है।
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रायबरेली। प्राइवेट स्कूलों में मनमानी फीस वसूली को लेकर सीडीओ सख्त दिखे। शुक्रवार को विकास भवन में स्कूल संचालकों की बैठक में उन्होंने कहा कि स्कूल-कॉलेजों में शुल्क निर्धारण के संबंध में सरकार की नई नीतियों का अनुपालन सख्ती से कराया जाए।
यदि किसी भी स्कूल ने मनमानी की और ज्यादा फीस वसूली तो उनकी खैर नहीं। उन्होंने स्कूल संचालकों को शुल्क निर्धारण की प्रति सौंपी।
बैठक में फिलहाल जिले के सभी सीबीएसई और आईसीएसई से संचालित विद्यालयों के प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों को बुलाया गया था।
माध्यमिक शिक्षा विभाग से जिला विद्यालय निरीक्षक गिरधारी लाल कोली और बेसिक शिक्षा विभाग से जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय कुमार शुक्ला ने शुल्क निर्धारण के संबंध में शासन की नीति और नियमों के बारे में विद्यालय संचालकों को विस्तार से बताया।
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डीआईओएस ने बैठक के सभी बिंदुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अभिभावकों और बच्चों का आर्थिक शोषण न होने पाए, इसलिए शुल्क निर्धारण किया गया है।
बैठक में शशिकांत शर्मा, ए. सिद्धू, फादर लुईस मसकरेनस, विनीश, प्रमोद सिंह, बुद्धिराज, मनोज शर्मा, विनोद त्रिपाठी, जयेंदु मिश्रा, मनीष सोनी, नीतू गुप्ता आदि उपस्थित रहीं।
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बैठक में यूपी बोर्ड के स्कूलों को इसलिए नहीं बुलाया गया, क्योंकि यह मान लिया गया है कि इन स्कूलों में मनमानी फीस की वसूली नहीं होती है।