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बिना संयम पशु के समान है मनुष्य
Updated Thu, 31 Aug 2017 11:48 PM IST
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बिना संयम मनुष्य पशु के समान
रायबरेली। पर्युषण पर्व के छठवें दिन जैन भक्तों ने उत्तम संयम धर्म को अंगीकार कर सुगंध दशमी पर्व धूमधाम से मनाया। गुरुवार को जैन मंदिर में जैन अनुयायियों ने धूप चढ़ाकर अपने कर्मों का क्षय किया। हवन में दी गई आहुतियों से मंदिर परिसर के चारों ओर का वातावरण महक उठा।
सिविल लाइंस स्थित जैन मंदिर में सुबह भगवान की शांतिधारा करने के बाद धूपदशम् की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। जैन भक्तों ने उपवास रखा। जैन श्रद्धालुओं ने भगवान से स्वस्थ रहने और अपने अंदर व्याप्त बुराइयाें को समाप्त करने की प्रार्थना की। जैन मान्यताओं के अनुसार पर्युषण पर्व के अंतर्गत आने वाली धूप दशमी का काफी महत्व है।
इस दौरान भक्तों को प्रवचन में समझाया गया कि जिस प्रकार घोड़े के लिए लगाम, ऊंट के लिए नकेल, हाथी के लिए अंकुश और गाड़ी के लिए ब्रेक की जरूरत होती है, वैसे ही मानव जीवन में संयम की आवश्यकता होती है। संयम बिना मानव जीवन पशु के बराबर है। जैन समाज के मीडिया प्रभारी अंकित जैन ने बताया की सामूहिक आरती के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम में जैन धर्म पर आधारित नाटक का आयोजन किया गया। इसमें जैन समाज की प्रिया, पूजा, अजय, शिफ ाली, स्वाति, रुचिका ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सबको भाव विभोर कर दिया। इस अवसर पर आरके जैन, रमेश जैन, शैलेंद्र, राजीव, संजीव आदि मौजूद रहे।
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रायबरेली। पर्युषण पर्व के छठवें दिन जैन भक्तों ने उत्तम संयम धर्म को अंगीकार कर सुगंध दशमी पर्व धूमधाम से मनाया। गुरुवार को जैन मंदिर में जैन अनुयायियों ने धूप चढ़ाकर अपने कर्मों का क्षय किया। हवन में दी गई आहुतियों से मंदिर परिसर के चारों ओर का वातावरण महक उठा।
सिविल लाइंस स्थित जैन मंदिर में सुबह भगवान की शांतिधारा करने के बाद धूपदशम् की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। जैन भक्तों ने उपवास रखा। जैन श्रद्धालुओं ने भगवान से स्वस्थ रहने और अपने अंदर व्याप्त बुराइयाें को समाप्त करने की प्रार्थना की। जैन मान्यताओं के अनुसार पर्युषण पर्व के अंतर्गत आने वाली धूप दशमी का काफी महत्व है।
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इस दौरान भक्तों को प्रवचन में समझाया गया कि जिस प्रकार घोड़े के लिए लगाम, ऊंट के लिए नकेल, हाथी के लिए अंकुश और गाड़ी के लिए ब्रेक की जरूरत होती है, वैसे ही मानव जीवन में संयम की आवश्यकता होती है। संयम बिना मानव जीवन पशु के बराबर है। जैन समाज के मीडिया प्रभारी अंकित जैन ने बताया की सामूहिक आरती के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम में जैन धर्म पर आधारित नाटक का आयोजन किया गया। इसमें जैन समाज की प्रिया, पूजा, अजय, शिफ ाली, स्वाति, रुचिका ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सबको भाव विभोर कर दिया। इस अवसर पर आरके जैन, रमेश जैन, शैलेंद्र, राजीव, संजीव आदि मौजूद रहे।
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