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22.53 करोड़ से होगा 989 गांवों का कायाकल्प
Updated Sun, 28 Jan 2018 12:17 AM IST
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22.53 करोड़ से होगा 989 गांवों का कायाकल्प
रायबरेली। जिले की 989 ग्राम पंचायतों में बजट के अभाव में ठप रहा विकास कार्य अब तेजी से होगा। शासन से एक साल बाद ग्राम पंचायतों को 14वें वित्त आयोग से विकास कार्य कराने के लिए 22.53 करोड़ रुपये दिए हैं।
यह धनराशि ग्राम पंचायतों के खातों में पहुंच गई है। इस धनराशि से गांवों में सड़क, नाली व अन्य पक्के काम कराए जाएंगे। शासन से तय मानकों के आधार पर काम न किए जाने के कारण शासन ने ग्राम पंचायतों को 14वें वित्त से मिलने वाली धनराशि पर रोक लगा दी थी।
कई ग्राम पंचायतों में पूर्व में मिल धन से कराए गए कार्यों की जांच भी की गई है, जिसमें तमाम मनमानी पकड़ में आ चुकी है। पूर्व में बिना वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति के लिए गांवों में बजट को खर्च कर दिया गया है।
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शासन ने वित्तीय वर्ष 2017-18 में 14वें वित्त से पहली किस्त की धनराशि अब ग्राम पंचायतों को दी है। ग्राम पंचायतों को एक लाख रुपये से लेकर तीन लाख रुपये जनसंख्या के हिसाब से सीधे शासन से दिया गया है।
22.53 करोड़ रुपये ग्राम पंचायतों के खातों में पहुंच गए हैं। साथ ही शासन ने तय मानकों के आधार पर ही धनराशि खर्च करने के आदेश दिए हैं। इस संबंध में डीपीरओ को निर्देशित किया गया है।
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रायबरेली। जिले की 989 ग्राम पंचायतों में बजट के अभाव में ठप रहा विकास कार्य अब तेजी से होगा। शासन से एक साल बाद ग्राम पंचायतों को 14वें वित्त आयोग से विकास कार्य कराने के लिए 22.53 करोड़ रुपये दिए हैं।
यह धनराशि ग्राम पंचायतों के खातों में पहुंच गई है। इस धनराशि से गांवों में सड़क, नाली व अन्य पक्के काम कराए जाएंगे। शासन से तय मानकों के आधार पर काम न किए जाने के कारण शासन ने ग्राम पंचायतों को 14वें वित्त से मिलने वाली धनराशि पर रोक लगा दी थी।
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कई ग्राम पंचायतों में पूर्व में मिल धन से कराए गए कार्यों की जांच भी की गई है, जिसमें तमाम मनमानी पकड़ में आ चुकी है। पूर्व में बिना वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति के लिए गांवों में बजट को खर्च कर दिया गया है।
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शासन ने वित्तीय वर्ष 2017-18 में 14वें वित्त से पहली किस्त की धनराशि अब ग्राम पंचायतों को दी है। ग्राम पंचायतों को एक लाख रुपये से लेकर तीन लाख रुपये जनसंख्या के हिसाब से सीधे शासन से दिया गया है।
22.53 करोड़ रुपये ग्राम पंचायतों के खातों में पहुंच गए हैं। साथ ही शासन ने तय मानकों के आधार पर ही धनराशि खर्च करने के आदेश दिए हैं। इस संबंध में डीपीरओ को निर्देशित किया गया है।