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संदिग्ध हालत में हाथी की मौत
Updated Mon, 07 Aug 2017 12:04 AM IST
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संदिग्ध हालत में हाथी की मौत
खीरों (रायबरेली)। थाना क्षेत्र में रविवार को एक हाथी की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। हाथी की मौत कैसे हुई। इसकी जानकारी नहीं हो सकी। कुछ लोग जौनपुर से रक्षाबंधन को लेकर यहां हाथी के साथ भिक्षा मांगने आए थे। रात में सभी दुकनहा गांव स्थित एक मंदिर के पास सो रहे थे। सूचना पर पहुंची पशु चिकित्सकों की टीम ने किसी जहरीले जंतु के काटने से हाथी की मौत की आशंका जताई है। जौनपुर जिले के गोहमा गांव निवासी बृजमोहन मिश्रा ने बताया कि एक माह पहले भदोही जिले के सुरियावा निवासी रामचंद्र उपाध्याय का हाथी लेकर भिक्षा मांगने निकला था। उसके साथ शिव पूजन तिवारी, जगदीश, हाथी मालिक रामचंद्र उपाध्याय के भाई श्रीकांत उपाध्याय सुबह से खीरों, उन्नतखेड़ा, मेड़ौली, हरीरामखेड़ा और दोकनहा गांव में भिक्षा मांग रहे थे। सभी लोग रात में दकनहा गांव के रावत वीर बाबा के मंदिर पर सो गए। हाथी भी मंदिर के पास सो रहा था। सुबह जब सभी उठे तो हाथी अचेत अवस्था में पड़ा मिला। उसे खड़ा करने का काफ ी प्रयास किया गया, लेकिन खड़ा नहीं हुआ। सूचना पशु चिकित्सालय खीरों को दी गई, जहां से डॉक्टरों की टीम मौके पर पहुंची। डॉक्टरों ने हाथी को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों ने आशंका जताई कि हाथी को किसी जहरीले जतु के काटने से मौत हुई है। इसके बाद स्थानीय लोगों ने जेसीबी से गड्ढा खोदकर मंदिर परिसर में ही हाथी का अंतिम संस्कार करा दिया।
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खीरों (रायबरेली)। थाना क्षेत्र में रविवार को एक हाथी की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। हाथी की मौत कैसे हुई। इसकी जानकारी नहीं हो सकी। कुछ लोग जौनपुर से रक्षाबंधन को लेकर यहां हाथी के साथ भिक्षा मांगने आए थे। रात में सभी दुकनहा गांव स्थित एक मंदिर के पास सो रहे थे। सूचना पर पहुंची पशु चिकित्सकों की टीम ने किसी जहरीले जंतु के काटने से हाथी की मौत की आशंका जताई है। जौनपुर जिले के गोहमा गांव निवासी बृजमोहन मिश्रा ने बताया कि एक माह पहले भदोही जिले के सुरियावा निवासी रामचंद्र उपाध्याय का हाथी लेकर भिक्षा मांगने निकला था। उसके साथ शिव पूजन तिवारी, जगदीश, हाथी मालिक रामचंद्र उपाध्याय के भाई श्रीकांत उपाध्याय सुबह से खीरों, उन्नतखेड़ा, मेड़ौली, हरीरामखेड़ा और दोकनहा गांव में भिक्षा मांग रहे थे। सभी लोग रात में दकनहा गांव के रावत वीर बाबा के मंदिर पर सो गए। हाथी भी मंदिर के पास सो रहा था। सुबह जब सभी उठे तो हाथी अचेत अवस्था में पड़ा मिला। उसे खड़ा करने का काफ ी प्रयास किया गया, लेकिन खड़ा नहीं हुआ। सूचना पशु चिकित्सालय खीरों को दी गई, जहां से डॉक्टरों की टीम मौके पर पहुंची। डॉक्टरों ने हाथी को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों ने आशंका जताई कि हाथी को किसी जहरीले जतु के काटने से मौत हुई है। इसके बाद स्थानीय लोगों ने जेसीबी से गड्ढा खोदकर मंदिर परिसर में ही हाथी का अंतिम संस्कार करा दिया।