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डेढ़ साल में छापे 30 लाख जाली नोट, तीन भेजे जेल

Mon, 04 Nov 2019 12:09 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 04 Nov 2019 12:09 AM IST
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30 lakh counterfeit notes raided in one and a half years, three sent to jail
पुलिस कार्यालय में जाली नोट के मामले में पकड़े गए आरोपियों के साथ एएसपी शशिशेखर सिंह और सीओ महराज - फोटो : RAIBARAILY
रायबरेली। महराजगंज कोतवाली पुलिस ने जाली नोट छापने वाले रैकेट का खुलासा करते हुए रविवार को तीन आरोपियों को जेल भेज दिया। इनके पास से एक लाख नौ हजार रुपये के जाली नोट के अलावा स्कैनर, प्रिंटर समेत अन्य सामान बरामद किया गया है। पुलिस की मानें तो पकड़े गए आरोपियों ने डेढ़ साल में करीब 30 लाख जाली नोट छापे। मुख्य आरोपी किराए का कमरा लेकर यह कारोबार कर रहा था। उसके साथ एक किन्नर भी रहता था। जो फरार है। पुलिस किन्नर की तलाश कर रही है।
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पुलिस कार्यालय में अपर पुलिस अधीक्षक शशिशेखर सिंह ने बताया कि महराजगंज क्षेत्र के रानी का पुरवा गांव स्थित मुन्नी देवी के मकान में जाली नोट छापने का कार्य चल रहा था। सूचना पर शनिवार को सीओ महराजगंज विनीत सिंह, कोतवाल लालचंद्र सरोज ने छापा मारा तो जाली नोट छापने के कारोबार की हकीकत सामने आ गई।
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एएसपी ने बताया कि इस मामले में अमेठी जिले के फुरसतगंज थाना क्षेत्र के पडऱई मजरे मकदूमपुर गांव निवासी रामकृपाल, लखनऊ जिले के बंथरा थाना क्षेत्र के बंथरा कस्बा निवासी अनुराग सिंह चौहान और मिल एरिया थाना क्षेत्र के पूरे दूलम मजरे अमावां निवासी रियाज अहमद को गिरफ्तार किया गया है। रामकृपाल इस रैकेट का मुख्य आरोपी है। उसके साथ एक किन्नर भी रहता है। हालांकि वो फरार है, जिसकी पुलिस तलाश कर रही है।
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उन्होंने बताया कि मौके से एक लाख नौ हजार 150 रुपये के जाली नोट बरामद किए गए हैं। 2700 रुपये के सही नोट मिले हैं। इसके अलावा एक कलर प्रिंटर, स्कैनर, दो कैंची, कटर, पेंसिल, तीन मोबाइल, 58 अधछपे नोट के अलावा 315 बोर का एक तमंचा समेत अन्य जाली नोट छापने वाले उपकरण मिले हैं। सीओ का कहना है कि डेढ़ साल से पकड़े गए आरोपी इस धंधे में शामिल थे।
इतने समय में करीब 30 लाख के जाली नोट छापकर ठिकाने लगा चुके हैं। सीओ विनीत सिंह और कोतवाल लालचंद्र सरोज का कहना है कि कुल एक लाख नौ हजार 150 रुपये के जाली नोट बरामद किए गए हैं। इसमें दो हजार के 45 जाली नोट, 500 के 28 जाली नोट, 200 के 12 जाली नोट, 100 के 25 जाली नोट और 50 रुपये के पांच जाली नोट मिले हैं।
सीओ विनीत सिंह के मुताबिक जाली नोट छापने का मुख्य आरोपी रामकृपाल शातिर किस्म का है। पहले इसने आधार कार्ड बनाने की एजेंसी ली थी। आधार कार्ड बनाने के दौरान ही यह जाली नोट बनाने का कार्य सीखने लगा। धीरे-धीरे यह उसमें कामयाब भी हो गया और आसानी से जाली नोट तैयार कर लेता था।

जाली नोट बनाने में फायदा होने लगा तो इसी धंधे को फैलाता रहा और लोगों को इस धंधे में जोड़ता रहा। दूसरा आरोपी रियाज इस धंधे से पहले ट्रक चलाता था, जबकि अनुराग सिंह चौहान गुटखा फैक्टरी में काम करता था। सीओ के मुताबिक लखनऊ जिले के पारा स्थित प्रिंट सिटी के पास किन्नर का मकान है, लेकिन इस समय वह मुख्य आरोपी के साथ रह रहा था। सीओ की माने तो किन्नर की तलाश की जा रही है। उसे पकड़ने के बाद ही इस कारोबार के बारे में और जानकारी सामने आएगी।
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