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2619 स्कूल प्रबंध समितियों के प्रशिक्षण में खर्च होंगे 31.58 लाख
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रायबरेली। परिषदीय स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता व अन्य मानकों पर पैनी नजर रखने के लिए गठित स्कूल प्रबंध समितियों (एसएमसी) को प्रशिक्षण मिलेगा। जिले के 2619 स्कूलों की समितियों को प्रशिक्षण दिलाने के लिए 31.58 लाख रुपये शासन से रिलीज कर दिए हैं।
प्रशिक्षण देने वालों की राज्य स्तर पर प्रशिक्षण कार्यशाला पूरी हो गई है। जल्द ही जिले स्तर के बाद ब्लॉक स्तर पर संदर्भदाओं को प्रशिक्षण देकर हर स्कूलों में प्रबंध समितियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
जिले के सभी 2619 परिषदीय स्कूलों पर नजर रखने के लिए स्कूल प्रबंध समितियों का गठन किया गया है। समिति में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष के अलावा प्रधानाध्यापक सचिव हैं। इसके अलावा 10 सदस्य भी शामिल हैं।
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जिले के 2619 एसएमसी में 7857 सदस्य शामिल हैं। 13-13 सदस्यों वाली एसएमसी को स्कूल स्तर पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। सबसे पहले जिले स्तर पर हर ब्लॉक से चार-चार शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
ये शिक्षक ब्लॉक स्तर पर सभी स्कूलों के एक-एक हेडमास्टर, एसएमसी अध्यक्ष व उपाध्यक्ष को प्रशिक्षण देंगे। बाद में स्कूल स्तर पर एसएमसी के सभी सदस्यों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रति स्कूल प्रशिक्षण के लिए एक-एक हजार रुपये के हिसाब से शासन से बजट अलॉट किया गया है। जिले में एसएमसी को प्रशिक्षण देने के लिए 31.58 लाख रुपये दिए गए हैं।
राज्य परियोजना निदेशक विजय किरण आनंद ने बीएसए को प्रशिक्षण की प्रक्रिया समय से पूरी कराने के निर्देश दिए गए हैं। परिषदीय स्कूलों में स्कूल प्रबंध समिति के माध्यम से ही किसी भी प्रकार के वित्तीय कार्य हो सकते हैं।
शासन से जो भी बजट आता है, उसे एसएमसी के माध्यम से ही खर्च किया जा सकता है। हेडमास्टर बिना एसएमसी की अनुमति के एक रुपये भी नहीं खर्च कर सकता है। एसएमसी के सदस्यों को उनके अधिकारों की जानकारी के लिए यह प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा।
बीएसए पीएन सिंह ने बताया कि स्कूल प्रबंध समितियों को प्रशिक्षण दिलाया जाना है। परियोजना से तय तारीखों पर प्रशिक्षण की प्रक्रिया को पूरा कराया जाएगा। इसके लिए सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है।
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प्रशिक्षण देने वालों की राज्य स्तर पर प्रशिक्षण कार्यशाला पूरी हो गई है। जल्द ही जिले स्तर के बाद ब्लॉक स्तर पर संदर्भदाओं को प्रशिक्षण देकर हर स्कूलों में प्रबंध समितियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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जिले के सभी 2619 परिषदीय स्कूलों पर नजर रखने के लिए स्कूल प्रबंध समितियों का गठन किया गया है। समिति में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष के अलावा प्रधानाध्यापक सचिव हैं। इसके अलावा 10 सदस्य भी शामिल हैं।
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जिले के 2619 एसएमसी में 7857 सदस्य शामिल हैं। 13-13 सदस्यों वाली एसएमसी को स्कूल स्तर पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। सबसे पहले जिले स्तर पर हर ब्लॉक से चार-चार शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
ये शिक्षक ब्लॉक स्तर पर सभी स्कूलों के एक-एक हेडमास्टर, एसएमसी अध्यक्ष व उपाध्यक्ष को प्रशिक्षण देंगे। बाद में स्कूल स्तर पर एसएमसी के सभी सदस्यों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रति स्कूल प्रशिक्षण के लिए एक-एक हजार रुपये के हिसाब से शासन से बजट अलॉट किया गया है। जिले में एसएमसी को प्रशिक्षण देने के लिए 31.58 लाख रुपये दिए गए हैं।
राज्य परियोजना निदेशक विजय किरण आनंद ने बीएसए को प्रशिक्षण की प्रक्रिया समय से पूरी कराने के निर्देश दिए गए हैं। परिषदीय स्कूलों में स्कूल प्रबंध समिति के माध्यम से ही किसी भी प्रकार के वित्तीय कार्य हो सकते हैं।
शासन से जो भी बजट आता है, उसे एसएमसी के माध्यम से ही खर्च किया जा सकता है। हेडमास्टर बिना एसएमसी की अनुमति के एक रुपये भी नहीं खर्च कर सकता है। एसएमसी के सदस्यों को उनके अधिकारों की जानकारी के लिए यह प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा।
बीएसए पीएन सिंह ने बताया कि स्कूल प्रबंध समितियों को प्रशिक्षण दिलाया जाना है। परियोजना से तय तारीखों पर प्रशिक्षण की प्रक्रिया को पूरा कराया जाएगा। इसके लिए सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है।