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आईएससी में यशवर्धन ने बनाई आल इंडिया टॉप-10 में जगह

Wed, 08 May 2019 12:48 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 08 May 2019 12:48 AM IST
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आईएससी में यशवर्धन ने बनाई आल इंडिया टॉप-10 में जगह
यशवर्धन ने किया जिला टॉप
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रायबरेली। आईएससी की 12वीं और 10वीं का रिजल्ट मंगलवार को घोषित हुआ। देर शाम अपने माता-पिता व अन्य परिवारीजनों के साथ स्कूल पहुंचे जिले के टॉप-10 मेधावियों के साथ विद्यालय परिवार ने जश्न मनाया।

जिले के एक और मेधावी छात्र यशवर्धन गोयल ने अपनी प्रतिभा और मेहनत के बल पर रायबरेली का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। मंगलवार को घोषित हुए आईएससी (12वीं) के परीक्षा परिणाम में उसे 99 प्रतिशत अंक मिले।
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रॉयन इंटरनेशनल स्कूल के प्रिंसिपल विनीश नायर का दावा है कि यशवर्धन को अखिल भारतीय स्तर पर टॉप-10 में जगह मिली है। यह विद्यालय के लिए बड़ी उपलब्धि है।
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यशवर्धन का सपना आईआईटी करने के बाद आईएएस बनने का है, जिसके लिए वह तैयारी कर रहा है। फीरोज गांधी नगर निवासी निवेश सलाहकार मुनीष अग्रवाल और शिखा अग्रवाल के इस होनहार बेटे यशवर्धन ने 10वीं में भी जिला टॉप किया था।

उसने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और गुरुजनों को दिया है। कहा कि माता-पिता ने पढ़ाई में पूरा साथ दिया और शिक्षकों का भी पूरा सहयोग मिला। स्कूल और घर में कोई फर्क महसूस नहीं हुआ।

यही वजह रही कि स्कूल के बाद घर में रोजाना आठ-नौ घंटे अध्ययन किया। यशवर्धन ने कहा कि विज्ञान के क्षेत्र में अब्दुल कलाम समेत कई वैज्ञानिकों से उसे प्रेरणा मिलती है। इसके अलावा जो भी अच्छा काम करते हैं और नाम रोशन करते हैं, वे सभी उनकी प्रेरणा का स्रोत हैं।

पढ़ाई में हमेशा मन लगाना चाहिए। अपनी मेहनत पर विश्वास करें। स्कूल में पढ़ाई के बाद घर में भी ज्यादा से ज्यादा समय अध्ययन में देना चाहिए, तभी सफलता कदम चूमेगी।

आईएससी 10वीं में 95.4 प्रतिशत अंकों के साथ अपनी श्रेष्ठता साबित करने वाले सेंट पीटर्स स्कूल के मेधावी छात्र अनुभव चौधरी का सपना इंजीनियर बनने का है।

गांधी नगर निवासी भूमि सुधार निगम में कार्यरत रामसूरत चौधरी और उमा चौधरी के इस होनहार छात्र ने बिना कोचिंग और ट्यूशन के यह सफलता अर्जित की है। अनुभव का कहना है कि पढ़ाई में माता-पिता की प्रेरणा और उनका सहयोग मिला।


साथ ही शिक्षकों ने भी इतनी मदद की कि कोचिंग-ट्यूशन की जरूरत नहीं पड़ी। स्कूल में पढ़ाई के अलावा घर में भी रोजाना औसतन सात-आठ घंटे अध्ययन किया।

जूनियर छात्र-छात्राओं के लिए यही सलाह है कि पढ़ाई मन लगाकर करें। हर विषय पर ध्यान दें। अनुभव का बड़ा भाई अभिनव भी पढ़ाई में मेधावी था और इस समय हरिद्वार में बीटेक की पढ़ाई कर रहा है।
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