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अस्पतालों में भर्ती 600 मरीजों व तीमरदारों को मिलेगा लजीज व्यंजन
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रायबरेली। सरकारी अस्पतालों में भर्ती होने वाले रोगियों के साथ ही अब उनके तीमारदारों को भी लजीज व्यंजन परोसा जाएगा। प्रदेश सरकार ने जिले के सभी अस्पतालों में नई व्यवस्था लागू करने के आदेश दिए हैं।
उम्मीद है कि एक मार्च से रोगियों के साथ ही उनके एक-एक तीमारदारों को भोजन दिया जाएगा। जिले में अब तक हर रोज करीब 300 भर्ती रोगियों को भोजन दिया जाता था। अब रोगियों के साथ ही करीब 600 लोगों को रोजाना भोजन मिल सकेगा।
जननी सुरक्षा योजना के तहत अस्पताल में प्रसव के लिए भर्ती होने वाली महिलाओं को पांच दिन तक अस्पतालों में रखकर दो टाइम के भोजन और नाश्ते की व्यवस्था है।
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इसके अलावा जिला पुरुष अस्पताल में भी गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले भर्ती रोगियों को रोजाना भोजन दिया जाता है। अस्पतालों में रोगियों के लिए भोजन की व्यवस्था होने के बाद भी रात में रोगियों के साथ रुकने वाले तीमारदारों को भोजन के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता था।
प्रदेश सरकार ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए अब भर्ती रोगियों के साथ ही उनके एक-एक तीमारदारों को भी दो टाइम भोजन देने के आदेश दिए हैं।
जिले में आदेश के आने के बाद स्वास्थ्य विभाग रोगियों व उनके तीमारदारों को भोजन देने की व्यवस्था में जुट गया है। यह व्यवस्था प्रभावी ढंग से एक मार्च से शुरू हो जाएगा। अब तीमारदारों को भोजन के लिए भटकना नहीं पड़ेेगा।
एक साल में 31 हजार प्रसूताओं को खिलाया भोजन
जननी शिशु सुरक्षा योजना के तहत जिले में पिछले एक साल में प्रसव के बाद अस्पतालों में रुकीं करीब 31 हजार प्रसूताओं को भोजन दिया गया।
इसके अलावा उन्हें प्रसव के बाद घर भी पहुंचाया गया। अकेले जिला महिला अस्पताल में करीब छह हजार प्रसूताओं को योजना का लाभ दिया गया है। अब प्रसव कराने के लिए भर्ती महिलाओं के साथ रहने वाले एक तीमारदार को भी भोजन मिलेगा।
121 प्रसूताओं को रोजाना मिलता भोजन: सीएमएस
जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. रेनू वर्मा का कहना है कि रोजाना औसतन 121 प्रसूताओं को भोजन दिया जा रहा है। जननी सुरक्षा योजना के तहत यह लाभ दिया जाता है।
अब एक-एक तीमारदार को भोजन देने के आदेश मिले हैं। अब एसएनसीयू में भर्ती मरीजों के रोगियों को भी भोजन दिया जाएगा। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एनके श्रीवास्तव का कहना है कि शुक्रवार को 70 भर्ती गरीब रोगियों को भोजन दिया गया है।
शासन से भर्ती रोगियों के साथ ही उनके एक-एक तीमारदार को भोजन देने के आदेश मिले हैं। इसके लिए जिला अस्पताल के साथ ही सभी सीएचसी अधीक्षकों को निर्देशित कर दिया गया है। एक मार्च से नई व्यवस्था शुरू करा दी जाएगी। भोजन की गुणवत्ता पर भी ध्यान देने के आदेश दिए गए हैं।
डॉ. डीके सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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उम्मीद है कि एक मार्च से रोगियों के साथ ही उनके एक-एक तीमारदारों को भोजन दिया जाएगा। जिले में अब तक हर रोज करीब 300 भर्ती रोगियों को भोजन दिया जाता था। अब रोगियों के साथ ही करीब 600 लोगों को रोजाना भोजन मिल सकेगा।
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जननी सुरक्षा योजना के तहत अस्पताल में प्रसव के लिए भर्ती होने वाली महिलाओं को पांच दिन तक अस्पतालों में रखकर दो टाइम के भोजन और नाश्ते की व्यवस्था है।
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इसके अलावा जिला पुरुष अस्पताल में भी गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले भर्ती रोगियों को रोजाना भोजन दिया जाता है। अस्पतालों में रोगियों के लिए भोजन की व्यवस्था होने के बाद भी रात में रोगियों के साथ रुकने वाले तीमारदारों को भोजन के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता था।
प्रदेश सरकार ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए अब भर्ती रोगियों के साथ ही उनके एक-एक तीमारदारों को भी दो टाइम भोजन देने के आदेश दिए हैं।
जिले में आदेश के आने के बाद स्वास्थ्य विभाग रोगियों व उनके तीमारदारों को भोजन देने की व्यवस्था में जुट गया है। यह व्यवस्था प्रभावी ढंग से एक मार्च से शुरू हो जाएगा। अब तीमारदारों को भोजन के लिए भटकना नहीं पड़ेेगा।
एक साल में 31 हजार प्रसूताओं को खिलाया भोजन
जननी शिशु सुरक्षा योजना के तहत जिले में पिछले एक साल में प्रसव के बाद अस्पतालों में रुकीं करीब 31 हजार प्रसूताओं को भोजन दिया गया।
इसके अलावा उन्हें प्रसव के बाद घर भी पहुंचाया गया। अकेले जिला महिला अस्पताल में करीब छह हजार प्रसूताओं को योजना का लाभ दिया गया है। अब प्रसव कराने के लिए भर्ती महिलाओं के साथ रहने वाले एक तीमारदार को भी भोजन मिलेगा।
121 प्रसूताओं को रोजाना मिलता भोजन: सीएमएस
जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. रेनू वर्मा का कहना है कि रोजाना औसतन 121 प्रसूताओं को भोजन दिया जा रहा है। जननी सुरक्षा योजना के तहत यह लाभ दिया जाता है।
अब एक-एक तीमारदार को भोजन देने के आदेश मिले हैं। अब एसएनसीयू में भर्ती मरीजों के रोगियों को भी भोजन दिया जाएगा। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एनके श्रीवास्तव का कहना है कि शुक्रवार को 70 भर्ती गरीब रोगियों को भोजन दिया गया है।
शासन से भर्ती रोगियों के साथ ही उनके एक-एक तीमारदार को भोजन देने के आदेश मिले हैं। इसके लिए जिला अस्पताल के साथ ही सभी सीएचसी अधीक्षकों को निर्देशित कर दिया गया है। एक मार्च से नई व्यवस्था शुरू करा दी जाएगी। भोजन की गुणवत्ता पर भी ध्यान देने के आदेश दिए गए हैं।
डॉ. डीके सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी