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छुट्टा जानवरों से किसानों को मिलेगी राहत
Updated Mon, 29 Oct 2018 12:34 AM IST
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रायबरेली। छुट्टा जानवर न सिर्फ फसलों को चौपट कर रहे हैं, बल्कि खेतों में हांकने गए किसानों पर हमला करके उन्हें घायल भी कर रहे हैं।
इन जानवरों से अब किसानों को जल्द राहत मिलने वाली है। वजह जिले में गौशाला बनाई जाएगी। इसके लिए जमीन भी चिह्नित कर ली गई है। गौशाला में एक करोड़ से ज्यादा रुपये खर्च किए जाएंगे।
जल्द गौशाला निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। मौजूदा समय की बात करें तो छुट्टा जानवरों की वजह से जिले के तीन लाख किसान परेशान हैं। ये छुट्टा जानवर फसलों को चट और नष्ट कर देते हैं।
फसल चट करने के दौरान हांकने पर जानवर हमला करके लोगों को घायल भी कर देते हैं। इस वजह से किसानों को फसल बोवाई के बाद लागत भी निकालना मुश्किल है।
छुट्टा जानवरों से किसानों को राहत दिलाने के लिए जिले के खीरों ब्लॉक क्षेत्र के मेरुई गांव में गौशाला बनाई जाएगी। गौशाला बनाने में 1.261 हेक्टेयर (करीब सात बीघे) जमीन की तलाश पूरी हो गई है। इस गौशाला निर्माण में एक करोड़ 20 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
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सात कर्मचारियों की भी होगी तैनाती
इस गौशाला में पशुओं की देखभाल और उन्हें चारा देने के लिए स्टाफ की तैनाती भी होगी। पशुपालन विभाग के अफसर बताते हैं कि मेरुई में बनने जा रही गौशाला में पशुओं की देखरेख के लिए सात कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी।
पशुओं के लिए होगी इलाज की व्यवस्था
गौशाला में रहने वाले पशुओं के इलाज की भी व्यवस्था होगी। गौशाला के लिए वैसे तो कोई अतिरिक्त चिकित्सक की तैनाती नहीं होगी, लेकिन खीरों पशु चिकित्सालय में तैनात चिकित्सक को गौशाला के पशुओं के इलाज की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। अस्पताल में अतिरिक्त दवाओं की व्यवस्था की जाएगी, ताकि पशुओं के बीमार होने पर उनक समुचित इलाज हो सके।
स्टाफ पकड़वाकर भेजेगा गौशाला
किसी क्षेत्र में छुट्टा जानवर से किसान परेशान हैं। उस क्षेत्र के किसानों की शिकायत पर पशुपालन विभाग के संबंधित क्षेत्र के पशु चिकित्सालय के चिकित्सक व स्टाफ जानवरों को पकड़वाकर गौशाला तक भिजवाएगा। इसके लिए किसानों से कोई फीस भी नहीं वसूली जाएगी।
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इन जानवरों से अब किसानों को जल्द राहत मिलने वाली है। वजह जिले में गौशाला बनाई जाएगी। इसके लिए जमीन भी चिह्नित कर ली गई है। गौशाला में एक करोड़ से ज्यादा रुपये खर्च किए जाएंगे।
जल्द गौशाला निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। मौजूदा समय की बात करें तो छुट्टा जानवरों की वजह से जिले के तीन लाख किसान परेशान हैं। ये छुट्टा जानवर फसलों को चट और नष्ट कर देते हैं।
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फसल चट करने के दौरान हांकने पर जानवर हमला करके लोगों को घायल भी कर देते हैं। इस वजह से किसानों को फसल बोवाई के बाद लागत भी निकालना मुश्किल है।
छुट्टा जानवरों से किसानों को राहत दिलाने के लिए जिले के खीरों ब्लॉक क्षेत्र के मेरुई गांव में गौशाला बनाई जाएगी। गौशाला बनाने में 1.261 हेक्टेयर (करीब सात बीघे) जमीन की तलाश पूरी हो गई है। इस गौशाला निर्माण में एक करोड़ 20 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
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सात कर्मचारियों की भी होगी तैनाती
इस गौशाला में पशुओं की देखभाल और उन्हें चारा देने के लिए स्टाफ की तैनाती भी होगी। पशुपालन विभाग के अफसर बताते हैं कि मेरुई में बनने जा रही गौशाला में पशुओं की देखरेख के लिए सात कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी।
पशुओं के लिए होगी इलाज की व्यवस्था
गौशाला में रहने वाले पशुओं के इलाज की भी व्यवस्था होगी। गौशाला के लिए वैसे तो कोई अतिरिक्त चिकित्सक की तैनाती नहीं होगी, लेकिन खीरों पशु चिकित्सालय में तैनात चिकित्सक को गौशाला के पशुओं के इलाज की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। अस्पताल में अतिरिक्त दवाओं की व्यवस्था की जाएगी, ताकि पशुओं के बीमार होने पर उनक समुचित इलाज हो सके।
स्टाफ पकड़वाकर भेजेगा गौशाला
किसी क्षेत्र में छुट्टा जानवर से किसान परेशान हैं। उस क्षेत्र के किसानों की शिकायत पर पशुपालन विभाग के संबंधित क्षेत्र के पशु चिकित्सालय के चिकित्सक व स्टाफ जानवरों को पकड़वाकर गौशाला तक भिजवाएगा। इसके लिए किसानों से कोई फीस भी नहीं वसूली जाएगी।