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बेसिक शिक्षा का स्तर सुधारने की तैयारी
Updated Thu, 04 Jan 2018 12:33 AM IST
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कॉन्वेंट सरीखी होगी पढ़ाई, हर ब्लॉक में बनेंगे पांच-पांच मॉडल स्कूल
रायबरेली। सरकारी स्कूलों में अब कॉन्वेंट सरीखी पढ़ाई होगी। हर ब्लॉक में पांच-पांच स्कूलों का कायाकल्प किया जाएगा।
जिले के 95 स्कूलों को मॉडल स्कूल की शक्ल दिए जाने की तैयारी है। जहां पर प्राथमिक विद्यालय और उच्च प्राथमिक विद्यालय एक ही परिसर में संचालित हो रहे हैं, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि कक्षा एक से आठ तक के विद्यार्थियों को एक साथ इसका लाभ मिल सके। सभी खंड शिक्षा अधिकारियों से विद्यालयों को चिह्नित कर एक हफ्ते में सूची मांगी गई है।
जिले में लगभग 2600 प्राथमिक विद्यालय और उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। इनमें तकरीबन साढ़े तीन लाख छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। शिक्षा का स्तर और बच्चों की उपस्थिति सुधारने के प्रयास होते रहे हैं, फिर भी अपेक्षित सुधार नहीं हो पाता था।
अब जिले के बेसिक शिक्षा विभाग ने नए रूपरेखा तैयार की है। इसके तहत नगर क्षेत्र और सभी ब्लॉक क्षेत्रों में पांच-पांच परिषदीय विद्यालयों का चयन कर उन्हें मॉडल स्कूल बनाया जाएगा।
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बीएसए संजय कुमार शुक्ला का कहना है कि इन स्कूलों का भौतिक परिवेश बेहतर बनाने के साथ ही बच्चों के नामांकन की स्थिति में सुधार किया जाएगा।
पानी, बिजली, चारदीवारी, फर्नीचर समेत अन्य संसाधनों को पूरा कराया जाएगा। साफ-सफाई के साथ पर्यावरण पर भी ध्यान दिया जाएगा।
ऐसा करने से बच्चे आकर्षित होंगे तो वे स्कूल रोज पहुंचेंगे और पढ़ाई के प्रति ध्यान देंगे। शिक्षकों में भी प्रतिस्पर्धा की भावना बढ़ेगी और वे अपने-अपने स्कूलों में बेहतर प्रयास करेंगे।
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रायबरेली। सरकारी स्कूलों में अब कॉन्वेंट सरीखी पढ़ाई होगी। हर ब्लॉक में पांच-पांच स्कूलों का कायाकल्प किया जाएगा।
जिले के 95 स्कूलों को मॉडल स्कूल की शक्ल दिए जाने की तैयारी है। जहां पर प्राथमिक विद्यालय और उच्च प्राथमिक विद्यालय एक ही परिसर में संचालित हो रहे हैं, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि कक्षा एक से आठ तक के विद्यार्थियों को एक साथ इसका लाभ मिल सके। सभी खंड शिक्षा अधिकारियों से विद्यालयों को चिह्नित कर एक हफ्ते में सूची मांगी गई है।
जिले में लगभग 2600 प्राथमिक विद्यालय और उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। इनमें तकरीबन साढ़े तीन लाख छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। शिक्षा का स्तर और बच्चों की उपस्थिति सुधारने के प्रयास होते रहे हैं, फिर भी अपेक्षित सुधार नहीं हो पाता था।
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अब जिले के बेसिक शिक्षा विभाग ने नए रूपरेखा तैयार की है। इसके तहत नगर क्षेत्र और सभी ब्लॉक क्षेत्रों में पांच-पांच परिषदीय विद्यालयों का चयन कर उन्हें मॉडल स्कूल बनाया जाएगा।
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बीएसए संजय कुमार शुक्ला का कहना है कि इन स्कूलों का भौतिक परिवेश बेहतर बनाने के साथ ही बच्चों के नामांकन की स्थिति में सुधार किया जाएगा।
पानी, बिजली, चारदीवारी, फर्नीचर समेत अन्य संसाधनों को पूरा कराया जाएगा। साफ-सफाई के साथ पर्यावरण पर भी ध्यान दिया जाएगा।
ऐसा करने से बच्चे आकर्षित होंगे तो वे स्कूल रोज पहुंचेंगे और पढ़ाई के प्रति ध्यान देंगे। शिक्षकों में भी प्रतिस्पर्धा की भावना बढ़ेगी और वे अपने-अपने स्कूलों में बेहतर प्रयास करेंगे।