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छात्राओं को पता नहीं, नदियों व देश के राष्ट्रपति का नाम
Updated Fri, 15 Dec 2017 11:18 PM IST
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छात्र-छात्राओं को पता नहीं नदियों व राष्ट्रपति का नाम
रायबरेली। एसडीएम सदर एस सुधाकरन ने शुक्रवार को हरचंदपुर क्षेत्र के परिषदीय स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता की जांच की। कक्षा पांच के बच्चेे देश की चार नदियों और कक्षा तीन के बच्चे राष्ट्रपति का नाम नहीं बता सके। यही नहीं दोनों ही कक्षाओं के बच्चे 14 का पहाड़ा तक नहीं सुना पाए। अंग्रेजी में महीने और दिन के नाम भी बच्चे नहीं बता पाए। निरीक्षण के दौरान एक स्कूल की प्रधानाध्यापिका बिना स्वीकृति के ही छुट्टी पर मिलने पर बीईओ से जवाब मांगा।
एसडीएम सदर शुक्रवार सुबह सबसे पहले प्राथमिक स्कूल डिडौली पहुंचे। यहां प्रधानाध्यापिका नरगिश फातिमा बीईओ दफ्तर से बिना स्वीकृति के ही छुट्टी पर मिलीं। मामले में एसडीएम ने खंड शिक्षा अधिकारी से जवाब मांगा है। इस स्कूल में छह में मात्र दो शिक्षिकाएं ही मौजूद मिलीं। कक्षा पांच की वंशिका ही चार नदियों का नाम बता आई। अन्य बच्चे एक भी नदी का नाम नहीं बता सके। यही नहीं कोई भी छात्र देश के राष्ट्रपति का नाम नहीं बता सके। एसडीएम ने प्राथमिक स्कूल शोरा का भी निरीक्षण किया। यहां दीपाली व ज्योति ही अंग्रेजी में कविता सुना सकीं। अंग्रेेजी में महीने और दिन के नाम नहीं बता सके। एसडीएम को स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता ठीक नहीं मिली। एसडीएम एस सुधाकरन ने बताया कि रोजाना स्कूलों का निरीक्षण किया जाएगा। शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने का प्रयास किया जाएगा।
किसानों को 20 लाख का भुगतान
एसडीएम सदर एस सुधाकरन ने शुक्रवार को हरचंदपुर स्थित एसएफसी के धान खरीद केंद्र का निरीक्षण किया। यहां खरीद तो ठीक मिली, लेकिन एक सप्ताह से किसानों को भुगतान नहीं दिया गया था। मामले में पड़ताल की गई तो पता चला कि जिला प्रबंधक की लापरवाही से किसानों को भुगतान नहीं हो पा रहा है। एसडीएम ने जिला प्रबंधक को आदेश दिए कि 19 किसानों को करीब 20 लाख रुपये का तत्काल भुगतान कर रिपोर्ट दिया जाए। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
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रायबरेली। एसडीएम सदर एस सुधाकरन ने शुक्रवार को हरचंदपुर क्षेत्र के परिषदीय स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता की जांच की। कक्षा पांच के बच्चेे देश की चार नदियों और कक्षा तीन के बच्चे राष्ट्रपति का नाम नहीं बता सके। यही नहीं दोनों ही कक्षाओं के बच्चे 14 का पहाड़ा तक नहीं सुना पाए। अंग्रेजी में महीने और दिन के नाम भी बच्चे नहीं बता पाए। निरीक्षण के दौरान एक स्कूल की प्रधानाध्यापिका बिना स्वीकृति के ही छुट्टी पर मिलने पर बीईओ से जवाब मांगा।
एसडीएम सदर शुक्रवार सुबह सबसे पहले प्राथमिक स्कूल डिडौली पहुंचे। यहां प्रधानाध्यापिका नरगिश फातिमा बीईओ दफ्तर से बिना स्वीकृति के ही छुट्टी पर मिलीं। मामले में एसडीएम ने खंड शिक्षा अधिकारी से जवाब मांगा है। इस स्कूल में छह में मात्र दो शिक्षिकाएं ही मौजूद मिलीं। कक्षा पांच की वंशिका ही चार नदियों का नाम बता आई। अन्य बच्चे एक भी नदी का नाम नहीं बता सके। यही नहीं कोई भी छात्र देश के राष्ट्रपति का नाम नहीं बता सके। एसडीएम ने प्राथमिक स्कूल शोरा का भी निरीक्षण किया। यहां दीपाली व ज्योति ही अंग्रेजी में कविता सुना सकीं। अंग्रेेजी में महीने और दिन के नाम नहीं बता सके। एसडीएम को स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता ठीक नहीं मिली। एसडीएम एस सुधाकरन ने बताया कि रोजाना स्कूलों का निरीक्षण किया जाएगा। शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने का प्रयास किया जाएगा।
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किसानों को 20 लाख का भुगतान
एसडीएम सदर एस सुधाकरन ने शुक्रवार को हरचंदपुर स्थित एसएफसी के धान खरीद केंद्र का निरीक्षण किया। यहां खरीद तो ठीक मिली, लेकिन एक सप्ताह से किसानों को भुगतान नहीं दिया गया था। मामले में पड़ताल की गई तो पता चला कि जिला प्रबंधक की लापरवाही से किसानों को भुगतान नहीं हो पा रहा है। एसडीएम ने जिला प्रबंधक को आदेश दिए कि 19 किसानों को करीब 20 लाख रुपये का तत्काल भुगतान कर रिपोर्ट दिया जाए। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
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