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डिप्टी डायरेक्टर ने गांवों में पकड़ा विकास में गड़बड़झाला
Updated Thu, 14 Dec 2017 11:49 PM IST
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उपनिदेशक ने गांवों में पकड़ा विकास में घपला
रायबरेली-ऊंचाहार। उपनिदेशक (पंचायतीराज) एसएन सिंह ने गुरुवार को जिले की दो ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों में घपला पकड़ा। शासन के आदेशों को ताक पर रखकर बिना वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति के ही लाखों के काम करा दिए गए। इसके अलावा वर्क आईडी भी जारी नहीं कराई गई। हैंडपंपों के मरम्मत और रिबोरिंग से संबंधित अभिलेख नहीं मिले। प्रथम दृष्टया लाखों का मामला पकड़ में आने के बाद पंचायतीराज की स्टेट स्तर की तकनीकी टीम को जांच सौंप दी है। तकनीकी जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
डिप्टी डायरेक्टर एसएन सिंह, डीपीआरओ सीके वर्मा की टीम गुरुवार को ऊंचाहार ब्लॉक के अरखा गांव पहुंची। विभिन्न मजरों में नाली, खड़ंजा के कार्यों को देखा। जिला पंचायत के इंजीनियर वासू कृष्ण ने तकनीकी पहलुओं से निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और व्यय के नियमों की पड़ताल की। डिप्टी डायरेक्टर ने पड़ताल में पाया कि ग्राम पंचायत की बिना बैठक किए और कार्यों की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति लिए ही लाखों कीमत के कार्य करा दिए गए। चार काम ऐसे भी मिले, जिनकी वर्क आईडी तक जनरेट नहीं कराई गई। हैंडपंपों के मरम्मत और रिबोर से संबंधित लॉकबुक भी नहीं मिली।
इसके अलावा टीम ने राही ब्लॉक के लोधवारी गांव में भी विकास कार्यों में खामियां खंगाली। यहां भी मानकों को ताक पर रखकर काम किया जाने का मामला पकड़ में आया। चार लाख के कार्यों का भुगतान बिना आईडी जनरेट किए ही करा लिया गया। दोनों ही गांवों में विकास कार्यों में मानकों की अनदेखी मिलने पर डीडी ने कार्यों की तकनीकी जांच के आदेश दिए हैं। उपनिदेशक एसएन सिंह ने बताया कि दोनों ही ग्राम पंचायतों में विकास कार्य कराने में शासन के आदेशों का पालन नहीं किया गया है। कार्यों की तकनीकी जांच जिला पंचायत के इंजीनियर वासू कृष्ण को दी गई है। रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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रायबरेली-ऊंचाहार। उपनिदेशक (पंचायतीराज) एसएन सिंह ने गुरुवार को जिले की दो ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों में घपला पकड़ा। शासन के आदेशों को ताक पर रखकर बिना वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति के ही लाखों के काम करा दिए गए। इसके अलावा वर्क आईडी भी जारी नहीं कराई गई। हैंडपंपों के मरम्मत और रिबोरिंग से संबंधित अभिलेख नहीं मिले। प्रथम दृष्टया लाखों का मामला पकड़ में आने के बाद पंचायतीराज की स्टेट स्तर की तकनीकी टीम को जांच सौंप दी है। तकनीकी जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
डिप्टी डायरेक्टर एसएन सिंह, डीपीआरओ सीके वर्मा की टीम गुरुवार को ऊंचाहार ब्लॉक के अरखा गांव पहुंची। विभिन्न मजरों में नाली, खड़ंजा के कार्यों को देखा। जिला पंचायत के इंजीनियर वासू कृष्ण ने तकनीकी पहलुओं से निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और व्यय के नियमों की पड़ताल की। डिप्टी डायरेक्टर ने पड़ताल में पाया कि ग्राम पंचायत की बिना बैठक किए और कार्यों की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति लिए ही लाखों कीमत के कार्य करा दिए गए। चार काम ऐसे भी मिले, जिनकी वर्क आईडी तक जनरेट नहीं कराई गई। हैंडपंपों के मरम्मत और रिबोर से संबंधित लॉकबुक भी नहीं मिली।
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इसके अलावा टीम ने राही ब्लॉक के लोधवारी गांव में भी विकास कार्यों में खामियां खंगाली। यहां भी मानकों को ताक पर रखकर काम किया जाने का मामला पकड़ में आया। चार लाख के कार्यों का भुगतान बिना आईडी जनरेट किए ही करा लिया गया। दोनों ही गांवों में विकास कार्यों में मानकों की अनदेखी मिलने पर डीडी ने कार्यों की तकनीकी जांच के आदेश दिए हैं। उपनिदेशक एसएन सिंह ने बताया कि दोनों ही ग्राम पंचायतों में विकास कार्य कराने में शासन के आदेशों का पालन नहीं किया गया है। कार्यों की तकनीकी जांच जिला पंचायत के इंजीनियर वासू कृष्ण को दी गई है। रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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