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एनटीपीसी हादसा : केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय की विशेषज्ञ टीम जांच के लिए पहुंची
Updated Sat, 11 Nov 2017 01:18 AM IST
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केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय की विशेषज्ञ टीम जांच के लिए पहुंची
रायबरेली। एनटीपीसी में हुए हादसे की जांच के लिए केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय की विशेषज्ञ टीम ने धमाके वाली यूनिट की शुक्रवार को पड़ताल की। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण और नेशनल थर्मल पॉवर के वरिष्ठ अधिकारियों की टीम ने यूनिट नंबर छह में न सिर्फ खामियों का बारीकी से परीक्षण किया, बल्कि इस दौरान स्थानीय प्रबंधन और श्रमिकों से बातचीत कर बिंदुवार पड़ताल की।
एनटीपीसी सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी एवं सदस्य पीडी सिनवाल, डायरेक्टर बॉयलर डीपी अंतापुरकर, चीफ इंजीनियर एलजी पपने की अगुवाई में टीम आई है। साथ ही एनटीपीसी के कार्यकारी निदेशक और ऊंचाहार परियोजना के तत्कालीन जीएम प्रकाश तिवारी भी कई अधिकारियों के साथ डेरा डाले हुए हैं। ऊर्जा मंत्रालय और एनटीपीसी के अधिकारियों की टीम ने शुक्रवार को 500 मेगावाट की यूनिट नंबर छह में पहुंचकर बॉयलर, टरबाइन, हॉपर (पाइप) समेत अन्य उपकरणों की पड़ताल की।
टीम ने न सिर्फ स्थानीय प्रबंधन, बल्कि कुछ कर्मचारियों व श्रमिकों से भी बातचीत कर यह जानने का प्रयास किया कि आखिर किन कमियों की वजह से बॉयलर में विस्फोट हो गया। बॉयलर का फिटिंग सिस्टम गड़बड़ था या फिर उसकी गुणवत्ता में कमी थी। ऐसा तो नहीं है कि कोयला की गुणवत्ता खराब रही हो और हॉपर (पाइप) में फंसने के कारण फट गया हो। पहले दिन टीम का खास फोकस बॉयलर पर ही रहा। सूत्रों का कहना है कि यह टीम अभी कई दिन रहेगी। एनटीपीसी के पीआरओ एके श्रीवास्तव ने केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण की जांच टीम के आने की पुष्टि की है।
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रायबरेली। एनटीपीसी में हुए हादसे की जांच के लिए केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय की विशेषज्ञ टीम ने धमाके वाली यूनिट की शुक्रवार को पड़ताल की। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण और नेशनल थर्मल पॉवर के वरिष्ठ अधिकारियों की टीम ने यूनिट नंबर छह में न सिर्फ खामियों का बारीकी से परीक्षण किया, बल्कि इस दौरान स्थानीय प्रबंधन और श्रमिकों से बातचीत कर बिंदुवार पड़ताल की।
एनटीपीसी सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी एवं सदस्य पीडी सिनवाल, डायरेक्टर बॉयलर डीपी अंतापुरकर, चीफ इंजीनियर एलजी पपने की अगुवाई में टीम आई है। साथ ही एनटीपीसी के कार्यकारी निदेशक और ऊंचाहार परियोजना के तत्कालीन जीएम प्रकाश तिवारी भी कई अधिकारियों के साथ डेरा डाले हुए हैं। ऊर्जा मंत्रालय और एनटीपीसी के अधिकारियों की टीम ने शुक्रवार को 500 मेगावाट की यूनिट नंबर छह में पहुंचकर बॉयलर, टरबाइन, हॉपर (पाइप) समेत अन्य उपकरणों की पड़ताल की।
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टीम ने न सिर्फ स्थानीय प्रबंधन, बल्कि कुछ कर्मचारियों व श्रमिकों से भी बातचीत कर यह जानने का प्रयास किया कि आखिर किन कमियों की वजह से बॉयलर में विस्फोट हो गया। बॉयलर का फिटिंग सिस्टम गड़बड़ था या फिर उसकी गुणवत्ता में कमी थी। ऐसा तो नहीं है कि कोयला की गुणवत्ता खराब रही हो और हॉपर (पाइप) में फंसने के कारण फट गया हो। पहले दिन टीम का खास फोकस बॉयलर पर ही रहा। सूत्रों का कहना है कि यह टीम अभी कई दिन रहेगी। एनटीपीसी के पीआरओ एके श्रीवास्तव ने केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण की जांच टीम के आने की पुष्टि की है।
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