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लेखपालों की हड़ताल ने बढ़ाई आम जनता की मुसीबत
Updated Fri, 27 Oct 2017 12:34 AM IST
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लंबित पड़े 15 हजार आय, जाति, निवास प्रमाणपत्र
रायबरेली। जिले के लेखपालों की हड़ताल ने आम जनता की मुसीबतें बढ़ा दी हैं। आय, जाति और निवास प्रमाणपत्र बनवाने के लिए लोगों को भागदौड़ करनी पड़ रही है। हड़ताल की वजह से अब तक 15 हजार से ज्यादा आय, जाति और निवास प्रमाणपत्र लंबित पड़े हैं। किसी को नौकरी में तो किसी को अन्य कार्यों में प्रमाणपत्र लगाने की जरूरत है। सरकार की तरफ से लेखपालों की मांगों को पूरा करने के दिशा में कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। ऐसे में लोगों की परेशानी दिनोंदिन बढ़ती जा रही है।
जिले में सदर के अलावा महराजगंज, ऊंचाहार, लालगंज, सलोन, डलमऊ तहसीलों में 400 से ज्यादा लेखपालों की तैनाती है। आय, जाति और निवास प्रमाणपत्र बनाने में लेखपालों की रिपोर्ट अहम होती है। 17 अक्तूबर से यहां के लेखपाल वेतन विसंगति दूर किए जाने समेत अन्य मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे हैं। वैसे तो अन्य कार्य लेखपाल कर रहे हैं, लेकिन आय, जाति और निवास प्रमाणपत्र बनाने का कार्य ठप कर दिया गया है। हर रोज प्रमाणपत्र बनवाने के लिए लोग तहसीलों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें निराशा हाथ लगी है। करीब 15 हजार प्रमाणपत्र बनने के लिए पेडिंग हैं। सदर लेखपाल संघ के अध्यक्ष धर्मेद्र द्विवेदी का कहना है कि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया जा रहा है। इस वजह से आय, जाति और निवास प्रमाणपत्र बनाने का कार्य ठप चल रहा है। सतांव ब्लॉक क्षेत्र के बरदरगांव के श्रीकिशन, जेल रोड के रितेश मिश्रा, अमावां के कृष्ण कुमार और नकफुलहा के स्वामीदयाल का कहना है कि लेखपाल की ओर से आय, जाति और निवास प्रमाणपत्र नहीं बनाया जा रहा है। तहसील आने पर हड़ताल की बात कहकर वापस कर दिया जाता है। सरकार को जनता की समस्या पर ध्यान देना चाहिए, ताकि प्रमाणपत्र बनाए जाने का कार्य शुरू हो सके।
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रायबरेली। जिले के लेखपालों की हड़ताल ने आम जनता की मुसीबतें बढ़ा दी हैं। आय, जाति और निवास प्रमाणपत्र बनवाने के लिए लोगों को भागदौड़ करनी पड़ रही है। हड़ताल की वजह से अब तक 15 हजार से ज्यादा आय, जाति और निवास प्रमाणपत्र लंबित पड़े हैं। किसी को नौकरी में तो किसी को अन्य कार्यों में प्रमाणपत्र लगाने की जरूरत है। सरकार की तरफ से लेखपालों की मांगों को पूरा करने के दिशा में कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। ऐसे में लोगों की परेशानी दिनोंदिन बढ़ती जा रही है।
जिले में सदर के अलावा महराजगंज, ऊंचाहार, लालगंज, सलोन, डलमऊ तहसीलों में 400 से ज्यादा लेखपालों की तैनाती है। आय, जाति और निवास प्रमाणपत्र बनाने में लेखपालों की रिपोर्ट अहम होती है। 17 अक्तूबर से यहां के लेखपाल वेतन विसंगति दूर किए जाने समेत अन्य मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे हैं। वैसे तो अन्य कार्य लेखपाल कर रहे हैं, लेकिन आय, जाति और निवास प्रमाणपत्र बनाने का कार्य ठप कर दिया गया है। हर रोज प्रमाणपत्र बनवाने के लिए लोग तहसीलों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें निराशा हाथ लगी है। करीब 15 हजार प्रमाणपत्र बनने के लिए पेडिंग हैं। सदर लेखपाल संघ के अध्यक्ष धर्मेद्र द्विवेदी का कहना है कि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया जा रहा है। इस वजह से आय, जाति और निवास प्रमाणपत्र बनाने का कार्य ठप चल रहा है। सतांव ब्लॉक क्षेत्र के बरदरगांव के श्रीकिशन, जेल रोड के रितेश मिश्रा, अमावां के कृष्ण कुमार और नकफुलहा के स्वामीदयाल का कहना है कि लेखपाल की ओर से आय, जाति और निवास प्रमाणपत्र नहीं बनाया जा रहा है। तहसील आने पर हड़ताल की बात कहकर वापस कर दिया जाता है। सरकार को जनता की समस्या पर ध्यान देना चाहिए, ताकि प्रमाणपत्र बनाए जाने का कार्य शुरू हो सके।
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