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स्वास्थ्य विभाग की ढिलाई से बढ़ा संक्रामक रोग का प्रकोप
Updated Mon, 24 Jul 2017 01:03 AM IST
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बुखार से बच्चे समेत तीन लोगों की मौत
डलमऊ (रायबरेली)। स्वास्थ्य विभाग की ढिलाई की वजह से क्षेत्र में संक्रामक रोग का प्रकोप बढ़ गया है। बुखार की चपेट में आने से मासूम बच्चे समेत तीन लोगों की मौत हो गई। तीनों को तेज बुखार आने पर सीएचसी में भर्ती कराया गया था। एक के बाद एक तीन मौतों के बावजूद विभागीय अफसरों की नींद नहीं टूटी है। मृतकों के गांव जाकर अब तक अन्य लोगों का चेकअप नहीं किया गया और न ही कुओं और नालियों में दवा का छिड़काव किया गया।
डलमऊ तहसील क्षेत्र के सेमौरी गांव निवासी राकेश कुमार (25) पुत्र सत्यनारायण, पूरे कुटी मजरे घोरवारा निवासी रामेश्वर (80) और पूरे सूबेदार मजरे बरारा गांव निवासी मो. शरीफ (6) पुत्र नसीम को कई दिन से बुखार आ रहा था। हालत गंभीर होने पर शुक्रवार को तीनों को सीएचसी में भर्ती कराया गया था। इसमें राकेश कुमार और रामेश्वर की शनिवार रात और छह वर्षीय शरीफ की रविवार सुबह मौत हो गई। डलमऊ क्षेत्र में बुखार के साथ ही क्षेत्र में डायरिया से भी लोग पीड़ित हैं। दीपक (14), राम प्रकाश (43), प्रभात वर्मा (15), सुनीता (30), अखिलेश (26) को उल्टी-दस्त होने पर सीएचसी में भर्ती कराया गया हैं, जहां पर सभी का इलाज चल रहा है। सीएचसी के डॉ. राजीव गिरि का कहना है कि बुखार से बच्चे समेत तीन लोगों की जान गई है। बारिश के दौरान संक्रामक बीमारी से निपटने के लिए विभागीय अफसरों की ओर से लापरवाही बरती जा रही है। गांवों में न तो एंटी लार्वा का छिड़काव किया जा रहा है और न ही सही इलाज किया जा रहा है। सूचना के बावजूद टीम गांव नहीं पहुंची। इससे परिवारीजनों में नाराजगी भी है।
इन बातों का रखें ध्यान
घर के आसपास साफ-सफाई रखें। पानी जमा न होने दें।
कूलर का पानी भी साफ कर दें, टायर आदि में भानी भरा हो तो तुरंत साफ करें।
सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग अवश्य करें।
उल्टी-दस्त होने पर अधिक से अधिक पानी व वायरस का घोल का सेवन करें।
बारिश होने पर भीगने से बचना चाहिए, बीमार होने पर सरकारी अस्पताल में दिखाएं।
बुखार से तीन लोग मरे हैं। स्वास्थ्य टीम गांव भेजकर अन्य लोगों की जांच करके उन्हें दवाएं दी जाएंगी। मौसम में बदलाव हो रहा है। इसलिए लोग बुखार व डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। इससे सावधान रहने की जरूरत है। डॉ. विनोद सिंह चौहान, अधीक्षक, डलमऊ सीएचसी
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डलमऊ (रायबरेली)। स्वास्थ्य विभाग की ढिलाई की वजह से क्षेत्र में संक्रामक रोग का प्रकोप बढ़ गया है। बुखार की चपेट में आने से मासूम बच्चे समेत तीन लोगों की मौत हो गई। तीनों को तेज बुखार आने पर सीएचसी में भर्ती कराया गया था। एक के बाद एक तीन मौतों के बावजूद विभागीय अफसरों की नींद नहीं टूटी है। मृतकों के गांव जाकर अब तक अन्य लोगों का चेकअप नहीं किया गया और न ही कुओं और नालियों में दवा का छिड़काव किया गया।
डलमऊ तहसील क्षेत्र के सेमौरी गांव निवासी राकेश कुमार (25) पुत्र सत्यनारायण, पूरे कुटी मजरे घोरवारा निवासी रामेश्वर (80) और पूरे सूबेदार मजरे बरारा गांव निवासी मो. शरीफ (6) पुत्र नसीम को कई दिन से बुखार आ रहा था। हालत गंभीर होने पर शुक्रवार को तीनों को सीएचसी में भर्ती कराया गया था। इसमें राकेश कुमार और रामेश्वर की शनिवार रात और छह वर्षीय शरीफ की रविवार सुबह मौत हो गई। डलमऊ क्षेत्र में बुखार के साथ ही क्षेत्र में डायरिया से भी लोग पीड़ित हैं। दीपक (14), राम प्रकाश (43), प्रभात वर्मा (15), सुनीता (30), अखिलेश (26) को उल्टी-दस्त होने पर सीएचसी में भर्ती कराया गया हैं, जहां पर सभी का इलाज चल रहा है। सीएचसी के डॉ. राजीव गिरि का कहना है कि बुखार से बच्चे समेत तीन लोगों की जान गई है। बारिश के दौरान संक्रामक बीमारी से निपटने के लिए विभागीय अफसरों की ओर से लापरवाही बरती जा रही है। गांवों में न तो एंटी लार्वा का छिड़काव किया जा रहा है और न ही सही इलाज किया जा रहा है। सूचना के बावजूद टीम गांव नहीं पहुंची। इससे परिवारीजनों में नाराजगी भी है।
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इन बातों का रखें ध्यान
घर के आसपास साफ-सफाई रखें। पानी जमा न होने दें।
कूलर का पानी भी साफ कर दें, टायर आदि में भानी भरा हो तो तुरंत साफ करें।
सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग अवश्य करें।
उल्टी-दस्त होने पर अधिक से अधिक पानी व वायरस का घोल का सेवन करें।
बारिश होने पर भीगने से बचना चाहिए, बीमार होने पर सरकारी अस्पताल में दिखाएं।
बुखार से तीन लोग मरे हैं। स्वास्थ्य टीम गांव भेजकर अन्य लोगों की जांच करके उन्हें दवाएं दी जाएंगी। मौसम में बदलाव हो रहा है। इसलिए लोग बुखार व डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। इससे सावधान रहने की जरूरत है। डॉ. विनोद सिंह चौहान, अधीक्षक, डलमऊ सीएचसी
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