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अस्पतालों से दूूर बसे 60 गांवों को तोहफा
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रायबरेली। सरकारी अस्पतालों से दूर बसे गांवों के लोगों को इलाज की घर बैठे सुविधा मुहैया कराने की कवायद शुरू की गई है।
अब जिले के असेवित गांवों में मोबाइल मेडिकल ट्रीटमेंट वाहन (एमएमयू) पहुंचकर लोगों का इलाज करेगी। पहले चरण में जिले के पांच ब्लॉकों के 60 गांवों को चुना गया है।
इन गांवों में जल्द ही एमएमयू टीम पहुंचकर बीमार लोगों को इलाज संबंधी सलाह देगी। इसके लिए प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
जिले में तमाम ऐसे गांव हैं जो सीएचसी और पीएचसी से दूर हैं। इस गांवों के लोगों को सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए परेशान होना पड़ता है।
तमाम ऐसे रोगी भी हैं जो साधन के अभाव में इलाज कराने के लिए भी नहीं पहुंच पा रहे हैं। ऐसे में समय से इलाज न हो पाने के कारण रोगियों की मौत भी हो रही है।
प्रदेश सरकार ने ऐसे गांवों के लोगों को गांव स्तर पर ही स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एमएमयू वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना भी किया है।
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पहले चरण में जिले के छतोह, ऊंचाहार, महराजगंज, अमावां और जगतपुर ब्लॉक के 12-12 गांवों को इसके लिए चुना गया है। इसमें असरफपुर, बहेरवा, मोखरा, बारा, हलोर, कुसुमी, सलेथू, ज्योना, मैदापुर, बारा, पचखरा आदि गांवों को शामिल किया गया है।
इन गांवों में एमएमयू टीम पहुंचकर रोगियों का इलाज करेगी। यदि वे रेफर करने लायक होंगे तो उन्हें संबंधित अस्पतालों में इलाज के लिए भेजा जाएगा।
जिले में गांवों का चयन होने के कारण एमएमयू को संचालित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्द ही इन गांवों के लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा।
एमएमयू में उपलब्ध हाेंगे डॉक्टर व अन्य स्टाफ
मोबाइल मेडिकल ट्रीटमेंट वाहन में एक डॉक्टर के अलावा, फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्स व अन्य स्टाफ मौजूद रहेगा। इसके अलावा दवा व मामूली जांच की सुविधा भी एमएमयू में उपलब्ध होगी।
गांवों के सामान्य रोगियों को गांव स्तर पर ही इलाज का लाभ दिया जाएगा। गंभीर रोगियों को इलाज के लिए रेफर करके अस्पतालों में भेजवाया जाएगा।
जिले के पांच ब्लॉकों के 60 असेवित गांवों को पहले चरण में चुना गया है। इन गांवों में मोबाइल मेडिकल ट्रीटमेंट वाहन जाएगा और अस्पताल न पहुंच पाने वाले रोगियों का इलाज करेगा। जल्द ही अन्य ब्लॉकों को भी इसका लाभ मिलेगा।
डॉ. एसके चक, एसीएमओ
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अब जिले के असेवित गांवों में मोबाइल मेडिकल ट्रीटमेंट वाहन (एमएमयू) पहुंचकर लोगों का इलाज करेगी। पहले चरण में जिले के पांच ब्लॉकों के 60 गांवों को चुना गया है।
इन गांवों में जल्द ही एमएमयू टीम पहुंचकर बीमार लोगों को इलाज संबंधी सलाह देगी। इसके लिए प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
जिले में तमाम ऐसे गांव हैं जो सीएचसी और पीएचसी से दूर हैं। इस गांवों के लोगों को सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए परेशान होना पड़ता है।
तमाम ऐसे रोगी भी हैं जो साधन के अभाव में इलाज कराने के लिए भी नहीं पहुंच पा रहे हैं। ऐसे में समय से इलाज न हो पाने के कारण रोगियों की मौत भी हो रही है।
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प्रदेश सरकार ने ऐसे गांवों के लोगों को गांव स्तर पर ही स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एमएमयू वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना भी किया है।
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पहले चरण में जिले के छतोह, ऊंचाहार, महराजगंज, अमावां और जगतपुर ब्लॉक के 12-12 गांवों को इसके लिए चुना गया है। इसमें असरफपुर, बहेरवा, मोखरा, बारा, हलोर, कुसुमी, सलेथू, ज्योना, मैदापुर, बारा, पचखरा आदि गांवों को शामिल किया गया है।
इन गांवों में एमएमयू टीम पहुंचकर रोगियों का इलाज करेगी। यदि वे रेफर करने लायक होंगे तो उन्हें संबंधित अस्पतालों में इलाज के लिए भेजा जाएगा।
जिले में गांवों का चयन होने के कारण एमएमयू को संचालित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्द ही इन गांवों के लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा।
एमएमयू में उपलब्ध हाेंगे डॉक्टर व अन्य स्टाफ
मोबाइल मेडिकल ट्रीटमेंट वाहन में एक डॉक्टर के अलावा, फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्स व अन्य स्टाफ मौजूद रहेगा। इसके अलावा दवा व मामूली जांच की सुविधा भी एमएमयू में उपलब्ध होगी।
गांवों के सामान्य रोगियों को गांव स्तर पर ही इलाज का लाभ दिया जाएगा। गंभीर रोगियों को इलाज के लिए रेफर करके अस्पतालों में भेजवाया जाएगा।
जिले के पांच ब्लॉकों के 60 असेवित गांवों को पहले चरण में चुना गया है। इन गांवों में मोबाइल मेडिकल ट्रीटमेंट वाहन जाएगा और अस्पताल न पहुंच पाने वाले रोगियों का इलाज करेगा। जल्द ही अन्य ब्लॉकों को भी इसका लाभ मिलेगा।
डॉ. एसके चक, एसीएमओ