{"_id":"595d387d4f1c1b5d7e8b468e","slug":"191499281533-raebareli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अप्टा को भांप नहीं पाए एसपी गौरव सिंह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अप्टा को भांप नहीं पाए एसपी गौरव सिंह
Updated Thu, 06 Jul 2017 12:35 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अप्टा हत्याकांड को भांप नहीं पाए एसपी गौरव
रायबरेली। अप्टा मजरे इटौरा बुजुर्ग कांड को एसपी गौरव सिंह भांप नहीं पाए। यही वजह रही कि शुरुआती तफ्तीश में वे उलझ गए और वारदात को हादसा करार दे दिया। शुरुआती जांच का उनका यही राग उन पर भारी पड़ गया। साथ ही पांच लोगों की हत्या होने के बावजूद उनकी ओर से किसी पुलिस कर्मी पर कार्रवाई नहीं की गई, जो उनके कार्यों पर सवाल उठा गई। हालांकि हटने से पहले एसपी ने थानेदार को लाइन हाजिर किया, जबकि एक दरोगा व तीन सिपाहियों को सस्पेंड कर दिया।
तैनाती के रूप में एसपी गौरव सिंह को रायबरेली जिले की कमान की दूसरी पोस्टिंग थी। फरियादियों की समस्या के निस्तारण को लेकर गंभीर रहे एसपी के लिए यह दुखद ही रहा कि उनके जॉइन करने के बाद से क्राइम कंट्रोल नहीं हो पाया। एक के बाद एक मर्डर की वारदातें होती रही। बावजूद वे लापरवाह थानेदारों पर शिकंजा नहीं कस पाए। 26 जून 2017 की रात जो हुआ, शायद उसके बारे में एसपी गंभीरता से सोच नहीं पाए थे, क्योंकि दोनों तरफ से शिकायतें होती रहीं। यही वजह है कि ऊंचाहार थाना क्षेत्र के अप्टा मजरे इटौरा बुजुर्ग गांव में पूर्व प्रधान रोहित शुक्ला समेत पांच लोगों की हत्या कर दी गई।
वारदात के बाद एसपी यही बयान दे रहे थे कि यह एक हादसा है। बिजली की शॉर्टसर्किट के चलते लोगों की मौत हुई है, लेकिन पीएम रिपोर्ट ने एसपी के बयान की कलई खोल दी। पीएम रिपोर्ट में रोहित शुक्ला समेत पांच लोगों की बर्बरतापूर्ण तरीके से हत्या किए जाने का खुलासा हुआ। इसके बाद एसपी ने अपने सुर बदले। यही लापरवाही एसपी को महंगी पडी़ और शासन ने उन्हें यहां से हटा दिया। एसपी ने हटने से पहले ऊंचाहार थानेदार सुरखाब खां को लाइन हाजिर कर दिया। वहीं एनटीपीसी चौकी इंचार्ज व हल्का दरोगा संजय यादव के अलावा सिपाही शेषधर शुक्ला, राजा विक्रम सिंह और उमेश द्विवेदी को सस्पेंड कर दिया।
विज्ञापन
धनंजय ऊंचाहार व रविंद्र लालगंज कोतवाल बने
रायबरेली। एसपी गौरव सिंह ने मंगलवार रात पुलिस महकमे में फेरबदल कर दिया। लालगंज कोतवाली में एक साल से ज्यादा समय से तैनात रहे कोतवाल धनंजय सिंह को ऊंचाहार थाने की कमान सौंपी गई है। इसके अलावा पुलिस लाइंस में तैनात रविंद्र सिंह को लालगंज कोतवाली की जिम्मेदारी दी गई है।
विज्ञापन
रायबरेली। अप्टा मजरे इटौरा बुजुर्ग कांड को एसपी गौरव सिंह भांप नहीं पाए। यही वजह रही कि शुरुआती तफ्तीश में वे उलझ गए और वारदात को हादसा करार दे दिया। शुरुआती जांच का उनका यही राग उन पर भारी पड़ गया। साथ ही पांच लोगों की हत्या होने के बावजूद उनकी ओर से किसी पुलिस कर्मी पर कार्रवाई नहीं की गई, जो उनके कार्यों पर सवाल उठा गई। हालांकि हटने से पहले एसपी ने थानेदार को लाइन हाजिर किया, जबकि एक दरोगा व तीन सिपाहियों को सस्पेंड कर दिया।
तैनाती के रूप में एसपी गौरव सिंह को रायबरेली जिले की कमान की दूसरी पोस्टिंग थी। फरियादियों की समस्या के निस्तारण को लेकर गंभीर रहे एसपी के लिए यह दुखद ही रहा कि उनके जॉइन करने के बाद से क्राइम कंट्रोल नहीं हो पाया। एक के बाद एक मर्डर की वारदातें होती रही। बावजूद वे लापरवाह थानेदारों पर शिकंजा नहीं कस पाए। 26 जून 2017 की रात जो हुआ, शायद उसके बारे में एसपी गंभीरता से सोच नहीं पाए थे, क्योंकि दोनों तरफ से शिकायतें होती रहीं। यही वजह है कि ऊंचाहार थाना क्षेत्र के अप्टा मजरे इटौरा बुजुर्ग गांव में पूर्व प्रधान रोहित शुक्ला समेत पांच लोगों की हत्या कर दी गई।
विज्ञापन
वारदात के बाद एसपी यही बयान दे रहे थे कि यह एक हादसा है। बिजली की शॉर्टसर्किट के चलते लोगों की मौत हुई है, लेकिन पीएम रिपोर्ट ने एसपी के बयान की कलई खोल दी। पीएम रिपोर्ट में रोहित शुक्ला समेत पांच लोगों की बर्बरतापूर्ण तरीके से हत्या किए जाने का खुलासा हुआ। इसके बाद एसपी ने अपने सुर बदले। यही लापरवाही एसपी को महंगी पडी़ और शासन ने उन्हें यहां से हटा दिया। एसपी ने हटने से पहले ऊंचाहार थानेदार सुरखाब खां को लाइन हाजिर कर दिया। वहीं एनटीपीसी चौकी इंचार्ज व हल्का दरोगा संजय यादव के अलावा सिपाही शेषधर शुक्ला, राजा विक्रम सिंह और उमेश द्विवेदी को सस्पेंड कर दिया।
विज्ञापन
धनंजय ऊंचाहार व रविंद्र लालगंज कोतवाल बने
रायबरेली। एसपी गौरव सिंह ने मंगलवार रात पुलिस महकमे में फेरबदल कर दिया। लालगंज कोतवाली में एक साल से ज्यादा समय से तैनात रहे कोतवाल धनंजय सिंह को ऊंचाहार थाने की कमान सौंपी गई है। इसके अलावा पुलिस लाइंस में तैनात रविंद्र सिंह को लालगंज कोतवाली की जिम्मेदारी दी गई है।