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प्यार चढ़ा परवान, सात जीने मरने की खाई कसमें
Updated Mon, 21 May 2018 12:04 AM IST
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प्रेमी जोड़े ने थाने में लिए सात फेरे
खीरों (रायबरेली)। प्यार इस कदर परवान चढ़ा कि प्रेमी जोड़े में थाने में ही सात फेरे लिए और साथ-साथ जीने मरने की कसमें खाईं।
खीरों थाना स्थित रामेश्वर शिव धाम में दोनों शादी के बंधन में बंध गए। पहले युवक शादी करने की बात से मुकर गया, लेकिन पुलिस वालों ने दोनोें को जुदा होने से बचा लिया। वर व कन्या पक्ष के साथ-साथ थाने के सिपाही भी इस शादी के साक्षी बने।
खीरों थाना क्षेत्र के जेनापुर की रहने वाली रमाकांती (19) की मां रामकली और पिता अमरचंद की लगभग 10 वर्ष पहले मौत हो चुकी है।
बड़ी बहन श्रीकांती की शादी सात वर्ष पूर्व हो जाने के बाद बड़े भाई प्रेम शंकर और बहन रमाकांती की पड़ोसी रामचरन ने परवरिश की।
प्रेमशंकर रामचरन के बेटे हरीशंकर के साथ खीरों में सिलाई का काम करता है। रमाकांती का उसके पड़ोसी के रिश्तेदार तिवारी का पुरवा मजरे ऐहार निवासी रामप्रकाश से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। दोनों ने पहले शादी का वादा किया। बाद में रामप्रकाश शादी से मुकर गया। इस पर रमाकांती थाने पहुंच गई।
खीरों पुलिस ने दोनों पक्षों को बुलाकर समझौता कराया और रविवार को दोनों ने थाना परिसर में बने रामेश्वर शिव धाम में शादी कर ली।
मंदिर के पुजारी पंडित गयाशंकर तिवारी ने हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार दोनों को सात फेरे दिलाए और दहेज रहित विवाह संपन्न कराया।
इस दौरान वर पक्ष से पिता अशोक, मां सुरजा देवी, बहन सीमा देवी, भाई रामविलास और राम मिलन तथा कन्या पक्ष से बहन श्रीकांती और हरी शंकर आदि मौजूद रहे। एसओ शैलेंद्र सिंह समेत अन्य पुलिस कर्मी भी इस विवाह के साक्षी बने।
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खीरों (रायबरेली)। प्यार इस कदर परवान चढ़ा कि प्रेमी जोड़े में थाने में ही सात फेरे लिए और साथ-साथ जीने मरने की कसमें खाईं।
खीरों थाना स्थित रामेश्वर शिव धाम में दोनों शादी के बंधन में बंध गए। पहले युवक शादी करने की बात से मुकर गया, लेकिन पुलिस वालों ने दोनोें को जुदा होने से बचा लिया। वर व कन्या पक्ष के साथ-साथ थाने के सिपाही भी इस शादी के साक्षी बने।
खीरों थाना क्षेत्र के जेनापुर की रहने वाली रमाकांती (19) की मां रामकली और पिता अमरचंद की लगभग 10 वर्ष पहले मौत हो चुकी है।
बड़ी बहन श्रीकांती की शादी सात वर्ष पूर्व हो जाने के बाद बड़े भाई प्रेम शंकर और बहन रमाकांती की पड़ोसी रामचरन ने परवरिश की।
प्रेमशंकर रामचरन के बेटे हरीशंकर के साथ खीरों में सिलाई का काम करता है। रमाकांती का उसके पड़ोसी के रिश्तेदार तिवारी का पुरवा मजरे ऐहार निवासी रामप्रकाश से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। दोनों ने पहले शादी का वादा किया। बाद में रामप्रकाश शादी से मुकर गया। इस पर रमाकांती थाने पहुंच गई।
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खीरों पुलिस ने दोनों पक्षों को बुलाकर समझौता कराया और रविवार को दोनों ने थाना परिसर में बने रामेश्वर शिव धाम में शादी कर ली।
मंदिर के पुजारी पंडित गयाशंकर तिवारी ने हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार दोनों को सात फेरे दिलाए और दहेज रहित विवाह संपन्न कराया।
इस दौरान वर पक्ष से पिता अशोक, मां सुरजा देवी, बहन सीमा देवी, भाई रामविलास और राम मिलन तथा कन्या पक्ष से बहन श्रीकांती और हरी शंकर आदि मौजूद रहे। एसओ शैलेंद्र सिंह समेत अन्य पुलिस कर्मी भी इस विवाह के साक्षी बने।
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