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इलाज में लापरवाही से प्रसव के दौरान दिव्यांग जच्चा-बच्चा की मौत
Updated Mon, 16 Jul 2018 12:50 AM IST
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महराजगंज (रायबरेली)। सीएचसी महाराजगंज में रविवार को प्रसव के दौरान दिव्यांग जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। इससे गुस्साए लोगों ने सीएचसी में जमकर हंगामा किया।
परिवारीजनों का आरोप था कि इलाज में लापरवाही से मौत हुई है। खबर पाकर मौके पर पहुंचे कोतवाल ने कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगोें को किसी तरह शांत कराया। पुलिस ने शवों को पोेस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
शिवगढ़ के पाराकला निवासी सर्वेश्वर त्रिपाठी ने अपनी पत्नी लक्ष्मी (23) को प्रसव पीड़ा होने पर सीएचसी पहुंचाया था। साथ में सर्वेश्वर की मां मधु त्रिपाठी व आशा बहू महिमा पांडेय भी थी।
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लक्ष्मी दिव्यांग थी। बोल भी नहीं पाती थी। इसी दौरान लक्ष्मी ने बच्चे को जन्म दिया, लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी। कुछ देर बाद लक्ष्मी की भी मौत हो गई।
जच्चा-बच्चा की मौत से परिवारीजन आक्रोशित हो गए। सभी प्रदर्शन करने लगे। लक्ष्मी की सास मधु का कहना कि महिला चिकित्सक समेत अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की ओर से लापरवाही बरती गई।
इलाज समय से नहीं किया। इससे जच्चा-बच्चा की मौत हुई। मामले में कार्रवाई होनी चाहिए। ग्रामीण मनोज तिवारी, इरफान, जितेंद्र कुमार, मनीष, गुड्डू शुक्ला ने भी घटना पर नाराजगी जताई।
उधर, सीएचसी में हंगामे की सूचना पर कोतवाल राकेश सिंह भी मौके पर पहुंचे और लोगों को शांत कराया। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. भावेश यादव का कहना है कि इलाज में कोई लापरवाही नहीं बरती गई है।
कार्यवाहक सीएमओ डॉ. एसके चक ने बताया कि सोमवार को सीएचसी पहुंचकर घटना की जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी दोषी होगा, उस पर कार्रवाई होगी।
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परिवारीजनों का आरोप था कि इलाज में लापरवाही से मौत हुई है। खबर पाकर मौके पर पहुंचे कोतवाल ने कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगोें को किसी तरह शांत कराया। पुलिस ने शवों को पोेस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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शिवगढ़ के पाराकला निवासी सर्वेश्वर त्रिपाठी ने अपनी पत्नी लक्ष्मी (23) को प्रसव पीड़ा होने पर सीएचसी पहुंचाया था। साथ में सर्वेश्वर की मां मधु त्रिपाठी व आशा बहू महिमा पांडेय भी थी।
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लक्ष्मी दिव्यांग थी। बोल भी नहीं पाती थी। इसी दौरान लक्ष्मी ने बच्चे को जन्म दिया, लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी। कुछ देर बाद लक्ष्मी की भी मौत हो गई।
जच्चा-बच्चा की मौत से परिवारीजन आक्रोशित हो गए। सभी प्रदर्शन करने लगे। लक्ष्मी की सास मधु का कहना कि महिला चिकित्सक समेत अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की ओर से लापरवाही बरती गई।
इलाज समय से नहीं किया। इससे जच्चा-बच्चा की मौत हुई। मामले में कार्रवाई होनी चाहिए। ग्रामीण मनोज तिवारी, इरफान, जितेंद्र कुमार, मनीष, गुड्डू शुक्ला ने भी घटना पर नाराजगी जताई।
उधर, सीएचसी में हंगामे की सूचना पर कोतवाल राकेश सिंह भी मौके पर पहुंचे और लोगों को शांत कराया। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. भावेश यादव का कहना है कि इलाज में कोई लापरवाही नहीं बरती गई है।
कार्यवाहक सीएमओ डॉ. एसके चक ने बताया कि सोमवार को सीएचसी पहुंचकर घटना की जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी दोषी होगा, उस पर कार्रवाई होगी।