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महिलाओं में छठ पूजा को लेकर उत्साह
Updated Wed, 25 Oct 2017 12:47 AM IST
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घर-घर सजीं वेदियां, नहाय-खाय के साथ छठ पूजन शुरू
रायबरेली। सूर्य की उपासना और पूर्वांचल के महापर्व सूर्य षष्ठी डाला छठ पर्व की रौनक बढ़ गई है। चार दिवसीय इस उत्सव की शुरुआत मंगलवार को नहाय खाय के साथ हुई। पहले दिन घरों में कद्दू-भात बना। पूजा-पाठ के बाद महिलाओं ने कद्दू-भात खाया। सूर्य उपासना का यह व्रत संतान प्राप्ति व दुखों के नाश व संपन्नता के लिए किया जाता है। मूल रूप से बिहार, झारखंड व छत्तीसगढ़ प्रांत व इसके सीमावर्ती क्षेत्रों में प्रचलित छठ पर्व कई सालों से शहर में भी धूमधाम से मनाया जाता है।
जिले में मंगलवार से चार दिनी छठ पर्व की शुरुआत हो गई। इस त्योहार को लेकर महिलाओं में खासा उत्साह है। आज सभी उपवास रखेंगी और नमक रहित भोजन करेंगी। यहां करीब ढाई हजार परिवार इस पर्व को पूरी श्रद्धा के साथ मनाते हैं। चार दिवसीय इस त्योहार की शुरुआत मंगलवार से हो गई। त्योहार को लेकर घरों में तैयारियां चल रही हैं। घरों में साफ-सफाई तो हुई ही, इसके लोगों ने साथ ही मोहल्लों को भी सफाई की और घरों को सजाने संवारने में लगी हैं। घर-घर मिट्टी के चूल्हे बनाए गए। फिर इसी पर कद्दू और भात का भोजन पका।
मंदिर और घरों में विशेष पूजन हुआ। इसके बाद महिलाओं ने मनोकामना पूर्ति के लिए भगवान से आशीर्वाद मांगा। बिहार जनकल्याण के प्रांतीय अध्यक्ष भारत भूषण का कहना है कि चार दिनी छठ पर्व की शुरुआत हो गई है। सभी में पर्व को लेकर उत्साह है। पहले दिन पूजा पाठ के बाद घरों में कद्दू व भात खाया गया है। कहा जाता है कि छठ पूजा को विधि विधान से करने से मन की सभी मुरादें पूरी हो जाती हैं। इसमें महिलाएं पति और पुत्र की दीर्घायु के साथ ही धन और वैभव का वरदान भी मांगती हैं। इसी पूजा के तहत बुधवार को महिलाएं उपवास रखेंगी। सभी मनोकामना पूरी हों, इसलिए नमक रहित भोजन यानी मीठा भोजन करेंगी।
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रायबरेली। सूर्य की उपासना और पूर्वांचल के महापर्व सूर्य षष्ठी डाला छठ पर्व की रौनक बढ़ गई है। चार दिवसीय इस उत्सव की शुरुआत मंगलवार को नहाय खाय के साथ हुई। पहले दिन घरों में कद्दू-भात बना। पूजा-पाठ के बाद महिलाओं ने कद्दू-भात खाया। सूर्य उपासना का यह व्रत संतान प्राप्ति व दुखों के नाश व संपन्नता के लिए किया जाता है। मूल रूप से बिहार, झारखंड व छत्तीसगढ़ प्रांत व इसके सीमावर्ती क्षेत्रों में प्रचलित छठ पर्व कई सालों से शहर में भी धूमधाम से मनाया जाता है।
जिले में मंगलवार से चार दिनी छठ पर्व की शुरुआत हो गई। इस त्योहार को लेकर महिलाओं में खासा उत्साह है। आज सभी उपवास रखेंगी और नमक रहित भोजन करेंगी। यहां करीब ढाई हजार परिवार इस पर्व को पूरी श्रद्धा के साथ मनाते हैं। चार दिवसीय इस त्योहार की शुरुआत मंगलवार से हो गई। त्योहार को लेकर घरों में तैयारियां चल रही हैं। घरों में साफ-सफाई तो हुई ही, इसके लोगों ने साथ ही मोहल्लों को भी सफाई की और घरों को सजाने संवारने में लगी हैं। घर-घर मिट्टी के चूल्हे बनाए गए। फिर इसी पर कद्दू और भात का भोजन पका।
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मंदिर और घरों में विशेष पूजन हुआ। इसके बाद महिलाओं ने मनोकामना पूर्ति के लिए भगवान से आशीर्वाद मांगा। बिहार जनकल्याण के प्रांतीय अध्यक्ष भारत भूषण का कहना है कि चार दिनी छठ पर्व की शुरुआत हो गई है। सभी में पर्व को लेकर उत्साह है। पहले दिन पूजा पाठ के बाद घरों में कद्दू व भात खाया गया है। कहा जाता है कि छठ पूजा को विधि विधान से करने से मन की सभी मुरादें पूरी हो जाती हैं। इसमें महिलाएं पति और पुत्र की दीर्घायु के साथ ही धन और वैभव का वरदान भी मांगती हैं। इसी पूजा के तहत बुधवार को महिलाएं उपवास रखेंगी। सभी मनोकामना पूरी हों, इसलिए नमक रहित भोजन यानी मीठा भोजन करेंगी।
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