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डेढ़ महीना और इंतजार, फिर इलेक्ट्रिक इंजन से दौड़ेंगी ट्रेनें

Mon, 08 Apr 2019 11:04 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 08 Apr 2019 11:04 PM IST
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डेढ़ महीना और इंतजार, फिर इलेक्ट्रिक इंजन से दौड़ेंगी ट्रेनें
रायबरेली। ढाई साल के लंबे इंतजार के बाद अब बस डेढ़ महीने और इंतजार करना पड़ेगा। इसके बाद लखनऊ से रायबरेली होकर वाराणसी तक का सफर सुहाना हो जाएगा, क्योंकि यह पूरी लाइन इलेक्ट्रिक हो जाएगी।
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लखनऊ-वाराणसी रेल खंड पर उतरेटिया से जंघई तक करीब 214 किमी का विद्युतीकरण कार्य कराया जा रहा है। इसमें महज 29 किमी का काम भी आंशिक रूप से अधूरा रह गया है। इस काम को इसी महीने के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा और मई में ट्रायल लेकर पूरे रेल खंड को हरी झंडी दे दी जाएगी।
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वाराणसी-लखनऊ वाया रायबरेली रेल मार्ग का विद्युतीकरण कराने के लिए वर्ष 2015-16 में करीब 253 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट पास हुआ था जिस पर तेजी से काम कराया गया।
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इस काम को पूरा करने के लिए मई 2019 तक का लक्ष्य दिया गया था। गौरीगंज से जंघई और श्रीराज नगर से गौरीगंज तक का विद्युतीकरण पूरा कराते हुए सीआरएस का ट्रायल भी हो गया।


बस उतरेटिया से श्रीराज नगर तक डबल लाइन का विद्युतीकरण कार्य अटका हुआ है, जिसे पूरा करने के लिए 11 से 23 अप्रैल तक प्री-नान इंटरलॉकिंग की अनुमति ली गई है। यह माना जा रहा है कि 15 मई को इस हिस्से का भी इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रायल लेकर हरी झंडी दे दी जाएगी।


सीआरएस ले दो चरणों का ट्रायल, मिल चुकी हरी झंडी
लखनऊ-वाराणसी रेल लाइन का काम तीन चरणों में कराया जा रहा है। पहले चरण में गौरीगंज से जंघई तक विद्युतीकरण पूरा कराया गया और पांच महीने पहले मुख्य संरक्षा आयुक्त ने ट्रायल लेकर हरी झंडी दे दी।


दूसरे चरण में श्रीराज नगर से गौरीगंज तक का काम पूरा हुआ। हालांकि इसके ट्रायल में कुंभ मेला की वजह से इंतजार करना पड़ा।


मार्च महीने के अंतिम सप्ताह में काम पूरा होते ही सीआरएस का ट्रायल करा दिया गया। इस चरण को भी हरी झंडी मिल गई। बस अब तीसरे चरण के पूरा होने का इंतजार है।


इलेक्ट्रिक लाइन से जुड़ जाएगा प्रयाग व उन्नाव
लखनऊ-वाराणसी वाया रायबरेली रेल लाइन का करीब 214 किलोमीटर हिस्से का विद्युतीकरण पूरा हो जाएगा। इसके बाद इसी साल रायबरेली से प्रयाग वाया ऊंचाहार लाइन का करीब 142 किलोमीटर हिस्सा और ऊंचाहार से उन्नाव करीब 112 किलोमीटर हिस्सा भी विद्युतीकृत हो जाएगा।



इस बीच दरियापुर से डलमऊ का करीब 25 किमी हिस्सा भी अछूता नहीं रहेगा। एक तरह से इसी साल के अंत तक जिले की सभी रेल लाइनें इलेक्ट्रिक हो जाएंगी।


मई तक का मिला था लक्ष्य
लखनऊ-वाराणसी रेल लाइन में तीसरे चरण के लिए होने वाले विद्युतीकरण कार्य को पूरा करना है, जिसके लिए 11 से 23 अप्रैल तक प्री-नॉन इंटरलाकिंग की अनुमति मिली है। इसी महीने डीजल इंजन से ट्रायल होगा और मई के दूसरे सप्ताह में इलेक्ट्रिक इंजन दौड़ाया जाएगा। इससे लखनऊ-वाराणसी वाया रायबरेली रेल लाइन विद्युतीकृत हो जाएगी। मई 2019 तक काम पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित है।
-जगन्नाथ मिश्रा, प्रबंधक (आरवीएनएल)
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