{"_id":"5a1daf734f1c1b001c8b5b0a","slug":"151511894899-raebareli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नगर निकाय चुनाव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नगर निकाय चुनाव
Updated Wed, 29 Nov 2017 01:02 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ईधन में हो रही कटौती, 10 लाख का ही बजट
रायबरेली। नगर निकाय चुनाव में इस बार 10 लाख रुपये से अधिक डीजल और पेट्रोल नहीं खर्च करने के आदेश दिए गए है। लक्ष्य तय होने के कारण विभाग ईधन देने में कटौती कर रही है। वाहवाही लूटने के लिए अधिकारी सात से आठ लाख रुपये में ही काम निपटाने का प्रयास कर रहे है। एक नगर पालिका और आठ नगर पंचायतों में आज (29 नवंबर) को मतदान होगा। मंगलवार देर शाम तक सभी पोलिंग पार्टियां मतदान केंद्रों पर पहुंच गईं। मतदान कर्मचारियों को केंद्रों तक पहुंचाने के लिए वाहनों में ईधन की व्यवस्था कराने की जिम्मेदारी जिला आपूर्ति अधिकारी को साैंपी गई है। चर्चा है कि विभाग ने वाहनों को डीजल और पेट्रोल देने में काफी कटौती की है। किसी भी वाहन को अधिक ईधन नहीं दिया गया। इससे वाहन मालिकों में नाराजगी भी देखने को मिली। इस बारे में जिला आपूर्ति अधिकारी केएन सिंह का कहना है कि नगर निकाय चुनाव में 10 लाख रुपये ही खर्च करने का लक्ष्य दिया गया है। प्रयास किया गया है कि सात से आठ लाख रुपये ही काम चल जाए। मानक से अधिक किसी भी वाहन को ईधन मुहैया नहीं कराया गया है।
विज्ञापन
रायबरेली। नगर निकाय चुनाव में इस बार 10 लाख रुपये से अधिक डीजल और पेट्रोल नहीं खर्च करने के आदेश दिए गए है। लक्ष्य तय होने के कारण विभाग ईधन देने में कटौती कर रही है। वाहवाही लूटने के लिए अधिकारी सात से आठ लाख रुपये में ही काम निपटाने का प्रयास कर रहे है। एक नगर पालिका और आठ नगर पंचायतों में आज (29 नवंबर) को मतदान होगा। मंगलवार देर शाम तक सभी पोलिंग पार्टियां मतदान केंद्रों पर पहुंच गईं। मतदान कर्मचारियों को केंद्रों तक पहुंचाने के लिए वाहनों में ईधन की व्यवस्था कराने की जिम्मेदारी जिला आपूर्ति अधिकारी को साैंपी गई है। चर्चा है कि विभाग ने वाहनों को डीजल और पेट्रोल देने में काफी कटौती की है। किसी भी वाहन को अधिक ईधन नहीं दिया गया। इससे वाहन मालिकों में नाराजगी भी देखने को मिली। इस बारे में जिला आपूर्ति अधिकारी केएन सिंह का कहना है कि नगर निकाय चुनाव में 10 लाख रुपये ही खर्च करने का लक्ष्य दिया गया है। प्रयास किया गया है कि सात से आठ लाख रुपये ही काम चल जाए। मानक से अधिक किसी भी वाहन को ईधन मुहैया नहीं कराया गया है।