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सरकारी स्कूलों में भी मिलेगी कान्वेंट जैसी पढ़ाई

Thu, 28 Feb 2019 12:05 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 28 Feb 2019 12:05 AM IST
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सरकारी स्कूलों में भी मिलेगी कान्वेंट जैसी पढ़ाई
रायबरेली। अब गांवों के नौनिहालों को भी शहरों के कान्वेंट स्कूलों की तर्ज पर सरकारी स्कूलों में पढ़ने का मौका मिल सकेगा।
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पहली अप्रैल से नए शैक्षिक सत्र में 209 परिषदीय विद्यालय अंग्रेजी माध्यम से संचालित होंगे। इन स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम की किताबों के साथ ही अंग्रेजी पढ़ाने वाले अध्यापक भी तैनात किए जाएंगे, ताकि गांवों के बच्चों को भी प्राथमिक तौर पर अंग्रेजी माध्यम से शिक्षित किया जा सके।


जिले में 2605 परिषदीय विद्यालयों में लगभग ढाई लाख बच्चे हैं, जिनमें से हर ब्लॉक से पांच-पांच प्राथमिक विद्यालयों यानी कि 95 स्कूलों को इस शैक्षिक सत्र में अंग्रेजी माध्यम से संचालित किया जा रहा है।
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अब नए शैक्षिक सत्र में हर ब्लॉक से पांच-पांच प्राइमरी और एक-एक जूनियर हाईस्कूल को चयनित कर उन्हें इंग्लिश मीडियम के तौर पर संचालित किया जाना है।


इस तरह से 114 नए स्कूल अंग्रेजी माध्यम के लिए चयनित होंगे। बेसिक शिक्षा परिषद की सचिव रूबी सिंह ने भेजे पत्र में कहा है कि परिषदीय विद्यालयों को अंग्रेजी माध्यम से संचालित करने के बेहतर नतीजे आए हैं।
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नामांकन में आशातीत वृद्धि होने के साथ ही ठहराव भी बढ़ा है। इसलिए नए शैक्षिक सत्र में हर ब्लॉक में पांच-पांच और प्राथमिक विद्यालयों के साथ ही कम से कम एक-एक उच्च प्राथमिक विद्यालयों को अंग्रेजी माध्यम से संचालित किया जाएगा।


उपलब्धता और सुविधा के आधार पर चुनेंगे विद्यालय
विद्यालयों के चयन में छात्र संख्या, कक्षा कक्षों की संख्या, विद्यालय में शैक्षिक अवस्थापना सुविधाओं तथा फर्नीचर की उपलब्धता को देखते हुए अंग्रेजी माध्यम के लिए विद्यालय का चयन करना होगा।


विद्यालय की स्थिति, पहुंच मार्ग, विद्युतीकरण, सामुदायिक सहभागिता को भी देखना होगा। एक ही परिचय में संचालित प्राइमरी और जूनियर विद्यालय में से प्राथमिक का चयन अंग्रेजी माध्यम से किया जाना है तो उन्हें एक ही इकाई के रूप में माना जाएगा। यानी कि उच्च प्राथमिक विद्यालय भी अंग्रेजी माध्यम से संचालित होगा और उस पूरे कैंपस को अंग्रेजी माध्यम का परिषदीय विद्यालय माना जाएगा।


अध्यापकों के चयन के लिए बनेगी कमेटी
अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में स्टाफ के चयन के लिए कमेटी बनाई जाएगी। डायट प्राचार्य की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय कमेटी में बीएसए सदस्य सचिव होंगे तो जीआईसी के एक अंग्रेजी प्रवक्ता, एक अंग्रेजी विशेषज्ञ तथा वरिष्ठतम खंड शिक्षा अधिकारी को बतौर सदस्य शामिल किया जाएगा।


पहले से परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों में से ही उन शिक्षकों का चयन करना होगा, जो अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में पढ़ाने की योग्यता रखते हों। शिक्षकों का चयन पारदर्शी, वस्तुनिष्ठ एवं मेरिट के आधार पर किया जाएगा।




अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों की चयन प्रक्रिया शुरू हो गई है। सबसे पहले तो उन स्कूलों का चयन करना है, जिन्हें नए शैक्षिक सत्र में अंग्रेजी माध्यम से संचालित किया जाएगा। इंग्लिश मीडियम स्कूलों में ग्रामीण क्षेत्र के शिक्षकों को ग्रामीण क्षेत्र में ही तैनाती दी जाएगी। नगर क्षेत्र में अध्यापकों की कमी है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूल बढ़ाए जा सकते हैं।
-पीएन सिंह, बीएसए
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