फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Raebareli News ›   अप्टा मजरे इटौरा बुजुर्ग कांड

अप्टा मजरे इटौरा बुजुर्ग कांड

Wed, 19 Jul 2017 12:20 AM IST
Updated Wed, 19 Jul 2017 12:20 AM IST
विज्ञापन
अप्टा मजरे इटौरा बुजुर्ग कांड
खाकी के साये में हुआ अमृतलाल का अंतिम संस्कार
विज्ञापन

ऊंचाहार-रोहनियां (रायबरेली)। अप्टा मजरे इटौरा कांड के चश्मदीद गवाह अमृतलाल प्रजापति की मौत के बाद मंगलवार को खाकी के साये में गोकना गंगाघाट पर अमृतलाल प्रजापति के शव का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौैरान जहां काफी तादाद में क्षेत्रीय लोग मौजूद थे, वहीं परिवारीजनों के आंसू नहीं थम रहे थे। साथ ही लोगों में अमृतलाल की मौत को लेकर गुस्सा भी था। गांव की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बरती जा रही है।
अप्टा गांव में हुए नृशंस हत्याकांड के दौरान बरगदहा गांव निवासी अमृतलाल एसयूवी की टक्कर से घायल अवस्था में मिला था। जिसका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा था। सोमवार को हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया था, लेकिन धनाभाव के चलते परिवारीजन उसे घर ले गए। जहां सोमवार देरशाम उसकी मौत हो गई थी। रात में ही पुलिस ने उसकी पत्नी रामावती की तहरीर पर सफारी गाड़ी के अज्ञात चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली थी। पुलिस ने रात में ही उसके शव का पोस्टमार्टम कराया था। ऊंचाहार क्षेत्र के गोकना गंगा घाट पर मंगलवार सुबह पुलिस की मौजूदगी में परिवारीजनों उसके शव का अंतिम संस्कार किया। इस दौरान पुलिस तैनात रही। मृतक की पत्नी रामावती, पुत्री कमलेश व बिटूला तथा पुत्र अमित व अनूप का रो-रोकर बेहाल हैं। कोतवाली प्रभारी धनंजय सिंह ने बताया कि अमृतलाल के शव का अंतिम संस्कार करा दिया गया है।
विज्ञापन


शरीर पर थी गंभीर चोट
ऊंचाहार सीएचसी अधीक्षक डॉ. आरबी यादव का कहना है कि दुर्घटना में अमृतलाल के शरीर में अंदरूनी चोटें आईं थी। उसकी पसली व पेट में ठोकर लगी थी। पेट दर्द की वजह से उसे खाना खाने में भी तकलीफ हो रही थी। सीएचसी अधीक्षक ने बताया कि उसके लीवर में इंफेक्शन था। शरीर में खून की भी कमी थी। इस कारण उसकी मौत हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


कोतवाल प्रभारी ने दी पीड़ित परिवार को मदद
आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार के सामने अंतिम संस्कार में होने वाले खर्च की समस्या आई तो ऊंचाहार कोतवाली प्रभारी धनंजय सिंह ने आगे हाथ बढ़ाया और खर्चे की जिम्मेदारी ली। उन्होंने तुरंत परिवार को चार हजार रुपये दिए। शव ले जाने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली व अंतिम संस्कार के लिए लकड़ी की व्यवस्था अपने पैसे से की।

21 दिन बाद पुलिस को आई याद
अप्टाकांड के 21 दिन बीत जाने के बाद तक पुलिस को बरगदहा गांव निवासी अमृतलाल की याद नहीं आई। सोमवार शाम जब उसकी मौत हुई तो पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। आनन-फानन कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई। अपर पुलिस अधीक्षक शशिशेखर सिंह ने भी रात में पहुंचकर गांव का मुआयना किया। गांव में सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल अभी भी तैनात है। रात में उसके शव का पोस्टमार्टम करा दिया गया। यदि पुलिस यही तेजी पहले दिखाती तो घटना के कई राज खुल सकते थे और आर्थिक से जूझ रहे अमृतलाल की जान बच सकती थी। लेकिन पुलिस की निष्क्त्रिस्यता ने एक अहम् चश्मदीद को खो दिया है।

अधिकारियों पर उठे सवाल
ऊंचाहार। बरगदहा मेें अमृतलाल की मौत मामले में ब्लॉकसे लेकर तहसील के अधिकारी तक सवालों के घेरे में आ गए हैं, क्योंकि मृतक के परिवारीजनों का कहना है कि पैसों के अभाव मे ही अमृतलाल की मौत हो गई। ब्लॉक व तहसील से चल रही योजनाओं के तहत प्रशासन ने धन क्यों नही उपलब्ध कराया है। यह सवाल चर्चा में है। उधर एसडीएम मदन कुमार ने बताया कि पीड़ित के परिवारीजन उनसे नहीं मिले। यदि शिकायत की जाती है तो मदद दिलाई जाती।


तत्कालीन थानेदार की बरगदहा में ड्यूटी बनी चर्चा
ऊंचाहार। अप्टा में 26 जून को हुई पांच लोगों की हत्या और फिर बरगदहा के वृद्ध अमृतलाल की मौत के बाद सुरक्षा व्यवस्था में जिस वर्दीधारी को लगाया गया, उसको इसी प्रकरण में तत्कालीन एसपी ने लाइन हाजिर कर दिया था। घायल अमृतलाल निवासी बरगदहा की मौत के बाद से गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। बरगदहा में सुरक्षा की दृष्टि से ऊंचाहार कोतवाली प्रभारी रहे सुरखाब खां व डीह के प्रभारी थानेदार को लगाया गया है। सुरखाब खां को अप्टाकांड में ही हटाया गया था। लोगों में चर्चा रही कि इसी मामले में सुरखाब खां को लाइन हाजिर किया गया तो उन्हीं को गांव में सुरक्षा में क्यों लगाया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed