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एनटीपीसी में 1.85 करोड़ के गबन का मामला
Updated Sat, 19 May 2018 11:49 PM IST
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एनटीपीसी की सुरक्षा में चूक उजागर, खराब मिले वायरलेस सेट
रायबरेली। एनटीपीसी ऊंचाहार के स्टोर से 1.85 करोड़ के कॉपर निर्मित स्टाटर बाइंडिंग बार गायब होने के मामले को उच्चाधिकारियों ने गंभीरता से लिया है।
यही वजह है कि शनिवार को एनटीपीसी के क्षेत्रीय अधिशासी निदेशक (ईडी) केके सिंह ने एनटीपीसी ऊंचाहार पहुंचकर पूरे प्रकरण की जांच की।
उन्होंने सेंट्रल स्टोर की गहनता से जांच करने के साथ ही सीआईएसएफ के जवानों व एनटीपीसी के अधिकारियों, कर्मचारियों से पूछताछ की।
ईडी की जांच में सुरक्षा में चूक उजागर हुई। पुलिस सूत्रों की मानें तो जांच में सीआईएसएफ के जवानों को दिए गए अधिकतर वायरलेस सेट खराब मिले हैं।
इस पर ईडी ने नाराजगी जताई और वायरलेस सेट ठीक कराने के निर्देश भी दिए हैं। साथ ही ईडी ने सीओ, एसओ से प्रकरण की जांच कराकर मामले में जल्द कार्रवाई करने की बात कही।
मालूम हो कि, चार दिन पहले एनटीपीसी के समूह महाप्रबंधक को स्टोर से कॉपर निर्मित स्टाटर बाइंडिग गायब होने की जानकारी मिली थी।
इस पर अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इसकी जांच सीओ डलमऊ विनीत सिंह और कोतवाल धनंजय सिंह कर रहे हैं। ये मामला धीरे-धीरे तूल पकड़ रहा है।
शनिवार दोपहर क्षेत्रीय अधिशासी निदेशक एनटीपीसी ऊंचाहार पहुंचे और एनटीपीसी का जायजा लिया। सीओ डलमऊ विनीत सिंह समेत अन्य अफसरों के साथ उन्होंने सेंट्रल स्टोर चेक किया।
यहीं पर स्टाटर वाइडिंग बार रखी गई थीं। उन्होंने जानने का प्रयास किया कि आखिर कैसे स्टाटर वाइडिंग बार गायब हुईं। जांच में सीआईएसएफ की सुरक्षा में चूक बरतने की बात सामने आई।
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जांच में पाया कि सीआईएसएफ के जवान संसाधन की कमी से जूझ रहे हैं। यही वजह रही कि सीआईएसएफ को दिए गए अधिकतर वायरलेस सेट खराब मिले।
ये हाल तब है, जब इन्हीं वायरलेस सेट के जरिए सीआईएसएफ के जवान सुरक्षा को लेकर सूचना का आदान-प्रदान करते हैं। इस दौरान एनटीपीसी के अधिकारियों के अलावा ठेकेदारों से भी पूछताछ की गई।
सीओ विनीत सिंह ने बताया कि, ईडी एनटीपीसी ने यहां पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया। घटना के बारे में पूछताछ की। घटना में शामिल कुछ संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ चल रही है। जल्द गबन के मामले का पर्दाफाश होगा।
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रायबरेली। एनटीपीसी ऊंचाहार के स्टोर से 1.85 करोड़ के कॉपर निर्मित स्टाटर बाइंडिंग बार गायब होने के मामले को उच्चाधिकारियों ने गंभीरता से लिया है।
यही वजह है कि शनिवार को एनटीपीसी के क्षेत्रीय अधिशासी निदेशक (ईडी) केके सिंह ने एनटीपीसी ऊंचाहार पहुंचकर पूरे प्रकरण की जांच की।
उन्होंने सेंट्रल स्टोर की गहनता से जांच करने के साथ ही सीआईएसएफ के जवानों व एनटीपीसी के अधिकारियों, कर्मचारियों से पूछताछ की।
ईडी की जांच में सुरक्षा में चूक उजागर हुई। पुलिस सूत्रों की मानें तो जांच में सीआईएसएफ के जवानों को दिए गए अधिकतर वायरलेस सेट खराब मिले हैं।
इस पर ईडी ने नाराजगी जताई और वायरलेस सेट ठीक कराने के निर्देश भी दिए हैं। साथ ही ईडी ने सीओ, एसओ से प्रकरण की जांच कराकर मामले में जल्द कार्रवाई करने की बात कही।
मालूम हो कि, चार दिन पहले एनटीपीसी के समूह महाप्रबंधक को स्टोर से कॉपर निर्मित स्टाटर बाइंडिग गायब होने की जानकारी मिली थी।
इस पर अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इसकी जांच सीओ डलमऊ विनीत सिंह और कोतवाल धनंजय सिंह कर रहे हैं। ये मामला धीरे-धीरे तूल पकड़ रहा है।
शनिवार दोपहर क्षेत्रीय अधिशासी निदेशक एनटीपीसी ऊंचाहार पहुंचे और एनटीपीसी का जायजा लिया। सीओ डलमऊ विनीत सिंह समेत अन्य अफसरों के साथ उन्होंने सेंट्रल स्टोर चेक किया।
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यहीं पर स्टाटर वाइडिंग बार रखी गई थीं। उन्होंने जानने का प्रयास किया कि आखिर कैसे स्टाटर वाइडिंग बार गायब हुईं। जांच में सीआईएसएफ की सुरक्षा में चूक बरतने की बात सामने आई।
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जांच में पाया कि सीआईएसएफ के जवान संसाधन की कमी से जूझ रहे हैं। यही वजह रही कि सीआईएसएफ को दिए गए अधिकतर वायरलेस सेट खराब मिले।
ये हाल तब है, जब इन्हीं वायरलेस सेट के जरिए सीआईएसएफ के जवान सुरक्षा को लेकर सूचना का आदान-प्रदान करते हैं। इस दौरान एनटीपीसी के अधिकारियों के अलावा ठेकेदारों से भी पूछताछ की गई।
सीओ विनीत सिंह ने बताया कि, ईडी एनटीपीसी ने यहां पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया। घटना के बारे में पूछताछ की। घटना में शामिल कुछ संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ चल रही है। जल्द गबन के मामले का पर्दाफाश होगा।