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एम्स में एमआरआई जांच के नाम पर
Updated Sat, 08 Sep 2018 12:16 AM IST
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रायबरेली। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में एमआरआई जांच के नाम पर महिला से ठगी का मामला उजागर हुआ है।
शुक्रवार को महिला सीएमओ के फर्जी हस्ताक्षर और मोहर लगा परचा लेकर एम्स में जांच रिपोर्ट लेने पहुंची तो मामला पकड़ में आया।
जिला अस्पताल के परचे के सहारे ठगी करने वाले ने महिला से 3010 रुपये ठगे हैं। ठग ने जिला अस्पताल के डॉ. बीरबल के फर्जी हस्ताक्षर भी बनाए हैं।
आभा बाजपेयी पत्नी सुरेंद्र एम्स में शुक्रवार को एमआरआई जांच की रिपोर्ट लेने पहुंची। काफी भटकने के बाद सीधे एक चिकित्सक के कमरे में पहुंच गई और एमआरआई रिपोर्ट दिलाने की मांग की।
चिकित्सक ने महिला को बताया कि यहां एमआरआई जांच की सुविधा नहीं है। किसी ने फर्जीवाड़ा कर जांच के नाम पर रुपये वसूले हैं। इस पर वह अवाक रह गईं।
आभा ने बताया कि बीती 28 अगस्त को जिला अस्पताल का परचा संख्या 206733 बनाया गया। उसी परचे पर एमआरआई जांच की सलाह दी गई है।
जिला अस्पताल में ही महिला से जांच के नाम पर 3010 रुपये ऐंठने वाले जालसाज ने सीएमओ के फर्जी हस्ताक्षर और मोहर लगाकर पत्र जारी कर दिया। रेफर करने वाले डॉक्टर का नाम भी लिखा है।
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शुक्रवार को महिला सीएमओ के फर्जी हस्ताक्षर और मोहर लगा परचा लेकर एम्स में जांच रिपोर्ट लेने पहुंची तो मामला पकड़ में आया।
जिला अस्पताल के परचे के सहारे ठगी करने वाले ने महिला से 3010 रुपये ठगे हैं। ठग ने जिला अस्पताल के डॉ. बीरबल के फर्जी हस्ताक्षर भी बनाए हैं।
आभा बाजपेयी पत्नी सुरेंद्र एम्स में शुक्रवार को एमआरआई जांच की रिपोर्ट लेने पहुंची। काफी भटकने के बाद सीधे एक चिकित्सक के कमरे में पहुंच गई और एमआरआई रिपोर्ट दिलाने की मांग की।
चिकित्सक ने महिला को बताया कि यहां एमआरआई जांच की सुविधा नहीं है। किसी ने फर्जीवाड़ा कर जांच के नाम पर रुपये वसूले हैं। इस पर वह अवाक रह गईं।
आभा ने बताया कि बीती 28 अगस्त को जिला अस्पताल का परचा संख्या 206733 बनाया गया। उसी परचे पर एमआरआई जांच की सलाह दी गई है।
जिला अस्पताल में ही महिला से जांच के नाम पर 3010 रुपये ऐंठने वाले जालसाज ने सीएमओ के फर्जी हस्ताक्षर और मोहर लगाकर पत्र जारी कर दिया। रेफर करने वाले डॉक्टर का नाम भी लिखा है।
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